aadhi aabadi

  • Sep 3 2019 2:05PM

मिट्टी का स्वास्थ्य बतायेंगी मिट्टी की डॉक्टर दीदियां

मिट्टी का स्वास्थ्य बतायेंगी मिट्टी की डॉक्टर दीदियां

पंचायतनामा टीम
जिला: रांची 

स्वयं सहायता समूह की दीदियां आजीविका पशु सखी, आजीविका कृषि मित्र, टैबलेट दीदी, बैंक सखी एवं रानी मिस्त्री समेत कई अहम कार्यों के जरिए सामाजिक बदलाव की वाहक बन रही हैं. ये सिलसिला यहीं नहीं थमा. मिट्टी की डॉक्टर के रूप में अब इनकी नयी पहचान बन रही है. राज्य की ग्रामीण महिलाएं डॉक्टर दीदी बनकर मिट्टी की जांच करेंगी. इससे राज्य में कृषि को बढ़ावा मिलेगा. किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी मिलेगी. उनका उत्पादन बढ़ेगा और राज्य तरक्की करेगा. किसान समृद्ध होंगे. झारखंड को जैविक खेती की ओर ले जाने के लिए और मिट्टी को सेहतमंद बनाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार द्वारा की गयी यह पहल सराहनीय है. देश में पहली बार झारखंड में ऐसा हुआ है, जब ग्रामीण महिलाएं मिट्टी की जांच करेंगी. 4367 ग्राम पंचायतों में 8734 मिट्टी की डॉक्टर व 3164 मिट्टी जांच लैब बनाया जाना है. रांची के होटवार स्थित खेलगांव में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा मिट्टी की डॉक्टर सम्मान एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण समारोह का आयोजन किया गया. मौके पर मिट्टी की डॉक्टर दीदियों को सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उन्हें मिट्टी की डॉक्टर का पहचान पत्र और जांच किट प्रदान किया

किसानों को होगा फायदा
राज्य की 4367 पंचायतों में 3164 मिट्टी जांच लैब के बन जाने से ग्रामीण किसानों को काफी लाभ होगा. अब मिट्टी की जांच कराने के लिए जिला मुख्यालय या कृषि केंद्र में नहीं जाना होगा. अब अपनी पंचायत में ही मिट्टी की नि:शुल्क जांच होगी. इससे जहां किसान प्रोत्साहित होंगे, वहीं अपने-अपने खेतों की मिट्टी जांच कराने से उनका उत्पादन बढ़ेगा. इस दौरान मिट्टी की जांच हो जाने पर किसानों को उस मिट्टी में किस फसल की खेती करनी चाहिए, किस खनिज की मात्रा बढ़ानी चाहिए, इसकी पूरी जानकारी डॉक्टर दीदी के माध्यम से उन्हें मिल जायेगी. इससे किसानों के खेतों की उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग मिलेगा.

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आर्थिक तौर पर स्वावलंबी होंगी ग्रामीण महिलाएं
मिट्टी की डॉक्टर दीदियां ग्रामीण परिवेश से हैं. इन्हें मिट्टी जांच का प्रशिक्षण दिया गया है. अभी भी कई सारी दीदियां हैं, जिन्हें प्रशिक्षण नहीं मिला है. उन्हें भी प्रशिक्षण दिया जायेगा. डॉक्टर दीदियां झारखंड की मिट्टी को नया जीवन देने का काम करेंगी. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अगर प्रत्येक डॉक्टर दीदी एक दिन में तीन मिट्टी के सैंपल की जांच करती हैं, तो महीने में उन्हें 14 हजार रुपये दिये जायेंगे. हर पंचायत में दो-दो मिट्टी की दीदियां मिट्टी की जांच में सहयोग करेंगी. ऐसी स्थिति में करीब 8734 डॉक्टर दीदियां आर्थिक तौर पर सशक्त होंगी. इससे उनके परिवार की स्थिति में सुधार होगा.

इन्हें मिला सम्मान
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मेघा देवी, सुमन देवी, ममता कुमारी, सुशीला बेदिया, पार्वती कुमारी को सांकेतिक तौर पर मिट्टी की डॉक्टर के रूप में पहचान पत्र व इंदुमती देवी, मुनिता कुमारी, गीता देवी एवं मंजू देवी को सांकेतिक रूप से प्रोत्साहन राशि प्रदान की. मुख्यमंत्री ने मिट्टी की डॉक्टर लोगो का अनावरण किया. इसके अलावा प्रमिला देवी, रोपनी देवी, सुगण देवी, सोमा देवी को मिनी लैब किट एवं गोमती उराइन, संगीता देवी, पियो देवी और सुकरू देवी को सांकेतिक तौर पर मृदा स्वास्थ्य कार्ड सौंपा गया.

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मिट्टी की डॉक्टर बन कर खुशी है : मंजू देवी
ओरमांझी प्रखंड की कुच्चू पंचायत के कुल्ही गांव की मंजू देवी मिट्टी की डॉक्टर हैं. कार्यक्रम के दौरान उन्हें मुख्यमंत्री ने 8 हजार रुपये का चेक प्रदान किया. मिट्टी की जांच करने के एवज में उन्हें राशि मिली है. मंजू कहती हैं कि पिछले साल से वो आस-पास के गांवों की मिट्टी की जांच कर रही हैं और किसानों को सलाह दे रही हैं. अपने घर के मिनी लैब में वो मिट्टी की जांच करती हैं.

मिट्टी की डॉक्टर के रूप में बनी पहचान : पंचमी देवी
अनगड़ा प्रखंड के नवागढ़ की पंचमी देवी ने कहा कि डॉक्टर दीदी के रूप में उन्हें एक नयी पहचान मिली है. किसान मिट्टी लेकर उनके पास आते हैं. इसके बाद वह मिट्टी की जांच करती हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों को सलाह दी जाती है. जैविक खेती को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है. 650 एकड़ में जैविक खेती की जा रही है. ओफाज द्वारा इस बाबत सहयोग मिल रहा है.

आर्थिक समृद्धि की वाहक बनेंगी मिट्टी की डॉक्टर दीदियां : रघुवर दास
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जिस तरह से समूह की दीदियों ने रानी मिस्त्री बनकर झारखंड को ओडीएफ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. इससे पूरे देश में झारखंड का नाम रोशन हुआ है. उसी तरह मिट्टी की डॉक्टर दीदियां किसानों की मिट्टी को सेहतमंद बनाकर किसानों की आर्थिक समृद्धि की वाहक बनेंगी. राज्य सरकार कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन के सुझाव पर कृषि के क्षेत्र में कार्य कर रही है. राज्य से 50 पुरुष किसान, 25 सखी मंडल की दीदियां व 25 महिला किसानों को कृषि की उन्नत तकनीक जानने के लिए इजरायल भेजा जायेगा.

महिला सशक्तीकरण की दिशा में सार्थक प्रयास : डॉ सुनील वर्णवाल
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि अब पंचायत स्तर पर किसानों की मिट्टी की जांच कर मिट्टी में मौजूद बीमारी के संबंध में उन्हें बताया जायेगा. अगर मिट्टी के सही उपयोग का पता चल जाये, तो बदलाव व उत्पादकता जरूर बढ़ेगी. यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में सार्थक प्रयास है. राज्य सरकार ने 17 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड बना कर किसानों को दिया है. 25 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाने का लक्ष्य है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जायेगा.

अब मिट्टी का स्वास्थ्य बतायेंगी दीदियां : पूजा सिंघल
कृषि व पशुपालन सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि मिट्टी की डॉक्टर दीदियां खेतों की मिट्टी की जांच कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करेंगी. इससे उत्पादन में बढ़ोतरी हो सकेगी. प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में 3000 महिलाओं को प्रशिक्षण मिलेगा. गांव के स्तर पर मिट्टी की जांच होगी.