aadhi aabadi

  • Oct 2 2018 10:57AM

शौचालय निर्माण कर मिथक तोड़तीं रानी मिस्त्री गुड़िया देवी

शौचालय निर्माण कर मिथक तोड़तीं रानी मिस्त्री गुड़िया देवी

सीपी सिंह
जिला : बोकारो

महिला सशक्तीकरण की मिसाल बन गयी हैं गुड़िया देवी. आज वह बतौर रानी मिस्त्री शौचालय निर्माण का कार्य कर रही हैं. हाथ में करनी लेकर गमला में रखे सीमेंट-बालू के मिश्रण से वह दीवार खड़ी कर रही हैं. इससे न सिर्फ मिथक टूटा, बल्कि मजदूर से रानी मिस्त्री बनने से उनकी आमदनी भी बढ़ गयी है. फरवरी 2018 से गुड़िया रानी मिस्त्री का काम कर रही हैं. स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब तक कई शौचालय बना चुकी हैं.

तुमसे नहीं होगा... बस यहीं से बढ़ा आत्मविश्वास
अराजू पंचायत के आरासाड़म गांव निवासी गुड़िया देवी झारखंड लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी से जुड़ी हैं. वह कहती हैं कि समूह की महिला संगठन ने रानी मिस्त्री के रूप में काम शुरू करने की बात कही. इस बात को उन्होंने घरवालों से साझा किया. घरवालों ने कहा कि ये सब काम मर्दों का है. तुमसे नहीं हो पायेगा. ये सुनने के बाद पूरी रात नींद नहीं आयी. सोचा अगर चूल्हा-चौका जैसा मुश्किल काम हम कर सकते हैं, तो मिस्त्री का काम क्यों नहीं करते. बस यहीं से आत्मविश्वास बढ़ा. अगले दिन घरवालों ने भी हामी भर दी.

आमदनी में इजाफा
गुड़िया पहले घर का कामकाज संभालती थीं. पति सुभाष चंद्र के साथ खेती-बारी में सहयोग भी करती थीं. इसके बावजूद घर में उनकी गिनती नहीं के बराबर थी, लेकिन रानी मिस्त्री का काम शुरू करने के बाद घर की आमदनी बढ़ी है. हर दिन मेहनताना के रूप में 300 रुपये मिलता है. महीने में 10-15 दिन काम करती हूं. इससे औसतन 4000 रुपये की कमाई हो जाती है. इसका सकारात्मक असर हुआ है.

सात दिन में हो जाता है शौचालय निर्माण का कार्य
गुड़िया देवी कहती हैं कि शौचालय निर्माण में औजार चलाने के हिसाब से समय लगता है. शुरुआत में एक शौचालय बनाने में 10 दिन का समय लगता था, लेकिन अब सात दिन में निर्माण कार्य पूरा हो जाता है. लगभग इतना ही समय राज मिस्त्री भी लगाते हैं. अभी तक गुड़िया देवी 11 शौचालय का निर्माण कर चुकी हैं. गुड़िया को इस काम की शुरुआत से पहले संगठन की ओर से ट्रेनिंग भी मिली थी.

प्रधानमंत्री जी एगो बतिया मान लिहीं : गुड़िया देवी
रानी मिस्त्री गुड़िया देवी कहती हैं कि पंचायत स्तर पर शौचालय निर्माण का काम लगभग पूरा हो गया है. दर्जनों शौचालय बनाये गये हैं. अब निर्माण के लिए ज्यादा कुछ बचा नहीं है. ऐसे में काम मिलने में परेशानी होती है. आज भी रानी मिस्त्री की कार्यदक्षता को लेकर समाज सशंकित है. ऐसे में अगर प्रधानमंत्री आवास योजना में काम करने का मौका मिल जाये, तो हमारी कार्यदक्षता भी साबित हो जायेगी और रोजगार भी मिल जायेगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला सशक्तीकरण के लिए काफी कुछ कर रहे हैं.