aadhi aabadi

  • Jan 17 2019 4:33PM

महिला सशक्तीकरण की ओर बढ़ते कदम

महिला सशक्तीकरण की ओर बढ़ते कदम

रघुवर दास
मुख्यमंत्री, झारखंड

झारखंड की महिलाएं सफलता की नित नयी ऊंचाइयां छू रही हैं. उनका आत्मविश्वास देखते ही बनता है. हमारा संकल्प भी यही है कि राज्य की महिलाओं का इस स्तर पर सशक्तीकरण हो कि वो अपनी क्षमता से राज्य के समग्र विकास के पौधे को सींच सकें. दरअसल, किसी भी राष्ट्र-राज्य में संपूर्ण विकास का पैमाना महिला-पुरुष की बराबरी और उनके आत्मविश्वास से ही निर्धारित होता है. मुझे संतोष है कि वर्तमान हालात में हम अपने राज्य की महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में काफी आगे बढ़ गये हैं.

आपने सुना होगा कि पिछले महीनों में कई किसानों ने इजरायल की यात्रा की. अब हमारे राज्य की महिलाएं इजरायल गयी हैं. जिस तरह राज्य के किसानों ने वहां की उन्नत कृषि तकनीक को सामने से देखा व समझा, ठीक उसी प्रकार राज्य की महिला किसान भी इजरायल जाकर अपने ज्ञान का विस्तार करेंगी. पहले चरण में यहां की 24 महिला किसान इजरायल जा रही हैं. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साफ मानना है कि अगर हमें देश को आगे बढ़ाना है, तो हमें महिलाओं को आगे बढ़ाना होगा. राज्य के किसान भाई-बहनों की मेहनत का ही नतीजा है कि राज्य की कृषि विकास दर 14 फीसदी से अधिक हो गयी. हमारी बहनों की क्षमता को सामने लाना ही इजरायल भेजने का मुख्य उद्देश्य है. विश्व में जैविक खेती की मांग बढ़ने लगी है. हमें भी जैविक खेती की तरफ विशेष ध्यान देना है.

जब हमने महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए सखी मंडलों को ताकतवर बनाने का अभियान शुरू किया था, तब हमें भी अंदाजा नहीं था कि उसका इतना अच्छा परिणाम मिलेगा. अब सुदूर गांवों की सखी मंडल की दीदियां ग्राम स्वराज्य के सपनों को साकार करने में लगी हैं.
अब उनका सारा काम डिजिटल हो रहा है. वो बेहतर कार्यकर्ता और बेहतर प्रबंधक होने का उदाहरण पेश कर रही हैं. राज्य को स्वच्छ बनाने में महिला शक्ति का असीम योगदान है. राज्य की सहिया, जलसहिया, रानी मिस्त्री ने राज्य को स्वच्छ बनाने में अपनी महती भूमिका निभायी है. 60 हजार से अधिक रानी मिस्त्रियों को प्रशिक्षित कर व प्रत्येक शौचालय के लिए प्रोत्साहन राशि देते हुए शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है. इसके अलावा कहीं टैबलेट दीदी साक्षरता फैलाने में लगी हैं. कहीं सामूहिक तौर पर महिलाओं का अपना बैंक सफलतापूर्वक चल रहा है, तो कहीं वनोत्पादों के प्रोसेसिंग में लगी महिलाएं अच्छी आय अर्जित कर अपने सपनों को साकार करने में लगी हैं. सरकार भी महिलाओं के स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. जेएसएलपीएस के माध्यम से 17 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित करके व बैंक से टाइअप कराने के बाद ये महिलाएं आज बेहतर तरीके से अपनी आजीविका चला रही हैं. यह न्यू झारखंड का नया चेहरा है. इसमें महिलाएं सिर उठा कर सामाजिक परिवर्तन की वाहक बन रही हैं.

हमारी सरकार ने ठाना है कि अब राज्य के युवक-युवतियों को नौकरी के लिए अपना घर छोड़कर दूसरे राज्यों में न जाना पड़े. इसके लिए उन्हें हुनरमंद बनाया गया. उनके कौशल विकास के लिए संस्थानों की स्थापना की गयी. वर्ष 2018 के स्किल समिट में 25 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया. जनवरी, 2019 में एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला. यह अपने आप में एक कीर्तिमान है. गारमेंट क्षेत्र में अरविंद मिल्स में हाल ही में राज्य के 12 हजार युवक-युवतियों को रोजगार मिला. हम आदिवासी जनजाति और पिछड़े बच्चों को कुशल बना रहे हैं. ये बच्चे आज विश्व में अपनी योग्यता का लोहा मनवा रहे हैं. प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं. झारखंड और भारत की क्षमता से दुनिया को परिचित करा रहे हैं.

महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने जनवरी 2019 से मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि बच्चियों का ड्रॉपआउट न हो. साथ ही बाल विवाह पर रोक लगे. इस योजना के तहत बेटी के जन्म पर उसकी मां के खाते में सीधे पांच हजार रुपये जमा किये जायेंगे. डीबीटी के माध्यम से पहली, पांचवीं, आठवीं और 12वीं कक्षा में जाने पर पांच हजार रुपये सीधे मां के खाते में जमा किये जायेंगे. बेटी जब 18 साल की हो जायेगी और अविवाहित रहने पर उसकी मां के अकाउंट में सीधे 10 हजार रुपये जमा किये जायेंगे. विवाह के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सीधे 30 हजार रुपये का लाभ मिलेगा.

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र की सबसे बड़ी योजना है. राज्य में 68 लाख परिवारों में से 57 लाख परिवार इससे आच्छादित हैं. स्वास्थ्य योजना को घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य है. इस योजना के तहत दवा, जांच, बेड सहित तमाम सुविधाओं का लाभ लेकर किसी भी नामित अस्पताल में नि:शुल्क इलाज करा सकते हैं.

वर्तमान सरकार गरीबों के उन्नयन के प्रति समर्पित है. वर्ष 2019 भी गरीबी उन्मूलन का वर्ष निर्धारित है. अब गांव, गरीब और किसान समृद्ध होंगे. वर्तमान सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2020 तक हम राज्य के सभी गरीब बेघर लोगों को घर उपलब्ध करायेंगे.

महिलाओं को नया अवसर देना और उनकी क्षमता का विस्तार करना हमारी प्राथमिक नीतियों में हैं. हम चाहते हैं कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और उनकी तरक्की और भी सुगम हो.