aadhi aabadi

  • May 10 2017 12:58PM

साहिबगंज में पीटीजी डाकिया योजना का शुभारंभ, सखी मंडल की दीदी घर-घर पहुंचायेंगी पैकेटयुक्त चावल

साहिबगंज में पीटीजी डाकिया योजना का शुभारंभ, सखी मंडल की दीदी घर-घर पहुंचायेंगी पैकेटयुक्त चावल
सबा परवीन
पहाड़िया आदिम जनजाति के परिवारों को उसके घर तक राशन पहुंचाने की योजना का शुभारंभ हुआ. इस योजना का उद्देश्य पहाड़िया आदिम जनजाति के परिवारों को बिना किसी परेशानी के उसके घर तक हर माह पैकेटयुक्त 35 किलोग्राम चावल उपलब्ध कराना है. इस काम में सखी मंडल की दीदियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है. इन दीदियों द्वारा 35 किलोग्राम चावल को पैकेट में बंद कर लाभुकों के घर तक पहुंचाने का काम बखूबी करना शुरू कर दिया है. इस योजना का नाम डाकिया रखा गया है. पीटीजी डाकिया योजना का विधिवत शुभारंभ कार्यक्रम साहिबगंज के बरहेट प्रखंड स्थित तलभरिया पंचायत के जसइडीह गांव में कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने हरी झंडी दिखा कर किया. डाकिया योजना में राज्य के कुछ जिलों का चयन झारखंड सरकार और जेएसएलपीएस के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है और इसी के तहत साहिबगंज जिले का भी चयन हुआ है. आपको बता दें कि इस जिले में पहाड़िया आदिम जनजाति समुदाय के काफी लोग निवास करते हैं. इनकी आजीविका का साधन बहुत सीमित है. इस काम की शुरुआत के िलए पथना प्रखंड के नोडल सखी मंडल की सदस्य एकजुट हुईं. इनमें नवजीवन सखी मंडल, आज्ञावान ग्राम संगठन, गोड्डा और बरहेट की महिलाएं मुख्य हैं. कुल 40 दीदियों ने मिल कर चावल का बैग पैक करने का काम शुरू किया. 
 
बरहेट की सूरजा पहाड़िन पहली लाभार्थी महिला हैं, जिन्हें चावल का पैकेट मिला
इस योजना से झारखंड प्रदेश की आदिम पहाड़िया जनजाति को खाद्य सुरक्षा से जोड़ना है, ताकि राज्य में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु, खाने की कमी से ना हो तथा लोगों को सही मात्रा में पोषण मिल सके. सखी मंडल के सदस्य इस काम को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं.
 
प्रखंड पीटीजी परिवार पैकेजिंग का स्थान साल भर में चावल के पैकेट
बरहेट 1311 बरहेट 15,732
बरहरवा 68 पथना 816
बोरियो 1423 बोरियो 17,076 
मांड्रो 1620 मांड्रो 19,440
पथना 1249 पथना 14,988
राजमहल 95 तालझारी 1140
साहिबगंज 03 तालझारी 36
तालझारी 1616 तालझारी 19,392
कुल 7,385 कुल 88,620
 
सखी मंडल, ग्राम संगठन व संकुल स्तरीय संघ की भूमिका 
जिले या प्रखंड के गोदाम में जाकर प्रत्येक घर के लिए 35 किलोग्राम चावल का बैग बनाना 
सात महिलाएं 140 चावल का बैग पैक करेंगी
पेकेजिंग प्वाइंट में ही चावल का बैग देना 
संयुक्त रूप से चावल का वजन जांचना 
सखी मंडल की मदद से चावल का बैग पैक करना 
प्रत्येक बैग पर लाभार्थी के राशन कार्ड का नंबर दर्ज कराना 
चावल बैग में रिसीवर के हस्ताक्षर लॉग बुक में कराना 
चावल बैग का लॉग बनाये रखना 
एक बैग पैक करने पर एक सदस्य को 12 रुपये मिलेंगे. इसमें से वे दो रुपये अपने ग्राम संगठन को वापस करेंगी, बाकी 10 रुपये संपूर्ण रूप से उन्हें मिलेगा. 
 
बोरियों पर लिखी जानेवाली प्रविष्टियां
सखी मंडल की सदस्य बोरियों पर विभिन्न प्रविष्टियों पर विशेष ध्यान देंगी. इसके तहत सामग्री, सामग्री की मात्रा, बैच नंबर, महीना एवं वर्ष, पैकेजिंग की तिथि, पैकेजिंग का स्थान, ग्राम संगठन का नाम, लाभुकों का राशन कार्ड संख्या मुख्य है. 
 
साल भर बांटे जायेंगे चावल
साहिबगंज के आठ प्रखंडों में पीटीजी परिवारों की संख्या 7,385 है. इसलिए इस योजना की शुरुआत बरहेट प्रखंड से की गयी है. जल्द ही सभी प्रखंडों का रूट चार्ट तैयार कर तिथि निर्धारित कर दी जायेगी. निर्धारित तिथि पर ही संबंधित प्रखंड में सखी मंडल की दीदियां जायेंगी और अनाज का पैकेट लाभुकों को देंगी.
 
समाज के अंतिम व्यक्ति तक अनाज पहुंचाने को सरकार प्रतिबद्ध 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि चावल की पैकेजिंग की जिम्मेदारी सखी मंडल को दी गयी है. इससे चावल वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आयेगी, जिससे जहां सखी मंडल के सदस्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, वहीं स्वावलंबी बनने को भी अग्रसर होंगी. प्रथम चरण में योजना की सफलता साफ नजर आ रही है. सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक अनाज पहुंचाने के लिए वह हमेशा तत्पर हैं. लाभुक अपने घर पर ही पॉश मशीन से अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं. इस योजना के सफल होने से अब राशन की दुकानों से सामान्य उपभोक्ताओं को भी पैकेट उपलब्ध कराये जायेंगे.
रणधीर सिंह, कृषि मंत्री