aadhi aabadi

  • Jul 4 2017 1:35PM

अधिकार, समस्याओं के समाधान व बदलाव को आगे लाने में दीदियों का सहयोग जरूरी

अधिकार, समस्याओं के समाधान व बदलाव को आगे लाने में दीदियों का सहयोग जरूरी
पंचायतनामा डेस्क
पंचायतनामा और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सहयोग से सखी मंडल के सदस्यों को सामुदायिक पत्रकारिता का प्रशिक्षण दिया गया. रांची, पश्चिमी सिंहभूम और पलामू जिले से आयी 32 दीदियों ने एक सप्ताह तक सामुदायिक पत्रकारिता के गुर सीखी. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यह बताया गया कि कैसे वे अपने आसपास की घटनाओं को लोगों के सामने ला सकती हैं. प्रशिक्षण के क्रम में एक दिन सभी दीदियों को नामकुम प्रखंड के विभिन्न गांवों का भ्रमण कराया गया. गांव की महिलाओं से मिलने और उनकी समस्याओं को सामने से जानने का मौका भी सखी मंडल की इन दीदियों को मिला. इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य सखी मंडल की सदस्य अपने आसपास की गतिविधियों से लोगों को रूबरू करा सकें. 

छह दिवसीय कार्यक्रम का उदघाटन 19 जून को हुआ, जबकि समापन 24 जून को हुआ. कार्यक्रम के को-आर्डिनेटर के रूप में प्रभात खबर के पत्रकार जीवेश रंजन शामिल हुए. साथ ही प्रभात खबर के पत्रकार विनय भूषण और अजय कुमार भी वक्ता के रूप में प्रशिक्षण में शामिल हुए. आजीविका मिशन की ओर से विकास कुमार ने आजीविका मिशन से जुड़ी कई बातों को सखी मंडल की इन दीदियों को बताया. 

कार्यक्रम के समापन से पहले प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिरकत करने आयी दीदियों ने अपने अनुभवों को भी साझा किया. साथ ही कई दीदियों ने संयुक्त रूप से कहा कि सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम से उन्हें काफी लाभ मिला है. प्रशिक्षण के उपरांत अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर क्षेत्र की समस्याओं, अधिकार व बदलाव के बारे में लोगों को पंचायतनामा के माध्यम से बताया जायेगा, ताकि अन्य गांव की दीदियां भी इसका लाभ उठा सके. कार्यक्रम के अंत में उन्होंने एक स्वरचित स्वागत गान भी गाया.
 
महिला शिक्षित होने से परिवार व समाज में आता है बदलाव
उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है. शिक्षित होने से परिवार, गांव व समाज में काफी बदलाव आयेगा. इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य गांव की दीदियों को शिक्षित करने के साथ-साथ अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी करना है. ग्रामीण महिलाएं तीन चीजों पर विशेष ध्यान दें. इसके तहत सरकारी योजनाओं को जानने का पूरा अधिकार महिलाओं को भी है. दूसरा, गांव व समाज की समस्याओं को आगे लाना और तीसरा गांवों में हो रहे बदलाव पर विशेष ध्यान देना है. गांव- पंचायत में होनेवाले बदलाव से ही विकास की दशा और दिशा तय हो सकती है. 
 
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिरकत करती दीदियां 
पश्चिमी सिंहभूम जिले से आयी सखी मंडल की सदस्यों में जानकी गगराई, जयंती गगराई, सुखमति गगराई, बैजयंती देवी, ऊषा देवी, एमंती भेंगरा, आशा तिग्गा, सुकुरमुनी केराई, किरण कुमारी, सुष्मिता महतो, सोनाली गोप, रामेश्वरी देवी, रेशमी गोप, प्रीति कोड़ा, सोनामायी तियू, नंदी कालुंडिया, लक्ष्मी तियू, सीमा मेलगाड़ी, सुशीला देवी, श्रीमती बिरूली व वीणा देवी है. रांची जिले से रूबी खातून, सुचिता देवी, पिंकी महतो, सुषमा लकड़ा, सुषमा देवी, लुनीता देवी, सुमन देवी, प्रीति कुमारी लिंडा व सुमन किस्पोट्टा. वहीं गढ़वा जिला से आशा देवी और पलामू जिले से नयनतारा कुमारी ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिरकत की.