aadhi aabadi

  • Aug 7 2017 12:54PM

दीदियां बनवा रही हैं शौचालय, बटोर रहीं पुरस्कार

दीदियां बनवा रही हैं शौचालय, बटोर रहीं पुरस्कार
खुले में शौच से मुक्त करने को लेकर रांची जिले के सखी मंडल की दीदियों ने कमर कस ली है. अपने गांवों में शौचालय निर्माण को लेकर दीदियां कृतसंकल्पित है. इसी का नजारा दिखा राजधानी रांची के रिम्स सभागार में. हजारों की संख्या में खचाखच भरे रिम्स सभागार में हर ओर सखी मंडल की दीदियां ही नजर आयी. रांची जिले के सभी सखी मंडल का रिम्स सभागार में जुटान दिखा. मौका था पेयजल एवं स्वच्छता विभाग व ग्रामीण विकास विभाग के सौजन्य से झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा एक दिवसीय ग्राम संगठन सम्मेलन का आयोजन करना.

इस अवसर पर रांची जिले के महिलौंग महिला ग्राम संगठन, सरना महिला समिति जाजपुर, संजीवनी गंगा महिला ग्राम संगठन कुच्चू और संजीवनी कमल महिला ग्राम संगठन मायापुर की सखी मंडल से जुड़ी दीदियों को अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर शौचालय निर्माण को लेकर सम्मानित भी किया गया. साथ ही उपस्थित सखी मंडल की दीदियों ने अपने-अपने क्षेत्र को पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त करने का संकल्प भी लिया. सम्मेलन का संचालन यूनिसेफ के वॉश प्रमुख कुमार प्रेमचंद ने किया. 
 
महिलौंग महिला ग्राम संगठन 
शौचालय निर्माण को लेकर इस संगठन की दीदियों ने बेहतर कार्य किया है. अपने क्षेत्र में इन दीदियों को 236 शौचालय निर्माण का लक्ष्य दिया गया. इसके एवज में इस संगठन की दीदियों ने 226 शौचालय का निर्माण कराने में सफल रही. इसके लिए इस ग्राम संगठन की दीदियों को 14,325 रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया. साथ ही बताया गया कि निर्माणाधीन शौचालय का उपयोग और रख-रखाव छह माह तक अच्छा रहा, तो 14,325 रुपये की दूसरी किस्त की राशि भी ग्राम संगठन को दी जायेगी. इस राशि का उपयोग ग्राम संगठन की दीदियों को शौचालय निर्माण के बेहतर उपयोग के लिए दिया गया है. पुरस्कार पाकर जननी महिला समिति की अध्यक्ष मीणा देवी, सक्रिय सदस्य लक्ष्मी कोरयार और ग्राम संगठन की सचिव जसमती देवी काफी खुश थी. दीदियों ने कहा कि शौचालय निर्माण से कई फायदे हैं और इसकी ही जानकारी ग्रामीणों को दी जाती है. गौरतलब है कि खुले में शौच से मुक्त होने संबंधी महिलौंग पंचायत का जल्द ही ओडीएफ होना है. 

सरना महिला समिति
रांची जिले के नगड़ी प्रखंड स्थित सपारोम पंचायत के जाजपुर गांव के सरना महिला समिति के सदस्यों को 11,925 रुपये का प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया. सम्मान पाकर सरना महिला समिति की सक्रिय सदस्य नीलम देवी, रायमुनी किस्पोट्टा और करमी उराइन काफी खुश दिखी. इस समिति ने अपने क्षेत्र में लक्ष्य से अधिक शौचालय का निर्माण कराया. इस समिति को 158 शौचालय निर्माण का लक्ष्य दिया गया. इसके एवज में समिति की दीदियों ने 159 शौचालय का निर्माण करा दिया. दीदियों के इस बेहतर कार्य के लिए ही सम्मानित किया गया. 
 
संजीवनी गंगा महिला ग्राम संगठन
कुच्चू की संजीवनी गंगा महिला ग्राम संगठन की दीदियों को शौचालय निर्माण में बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया गया. इस ग्राम संगठन की दीदियों को 7,125 रुपये का चेक दिया गया. शारदा महिला विकास संघ से जुड़ी सरस्वती देवी और चांद महिला विकास संघ से जुड़ी रेहाना खातून को सम्मानित किया गया. इन दीदियों ने कहा कि अपने क्षेत्र में 101 शौचालय निर्माण के लक्ष्य के तहत इस ग्राम संगठन की दीदियों ने 95 शौचालयों का निर्माण कराया. दीदियों ने कहा कि इसके लिए बकायदा तीन दिवसीय प्रशिक्षण भी मिला. इसके बाद दीदियों ने ग्रामीणों को शौचालय निर्माण के लिए जागरूक करने की कोशिश शुरू की. कई दिक्कतें भी आयी, लेकिन हार नहीं मानने और अपने क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त करने को ठानी इन दीदियों ने शौचालय निर्माण को लेकर बेहतर कार्य किया.
 
संजीवनी कमला महिला ग्राम संगठन
ओरमांझी प्रखंड अंतर्गत चंदरा पंचायत के मायापुर गांव की संजीवनी कमला महिला ग्राम संगठन की दीदियों को सम्मानित किया गया. इसके तहत 9,150 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गयी. बताया गया कि अगर छह माह तक शौचालयों का बेहतर उपयोग और रख-रखाव रहा, तो दूसरी किस्त भी जारी की जायेगी. इन राशियों को ग्राम संगठन अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर शौचालय निर्माण में उपयोग करेंगे. संजीवनी कमला महिला ग्राम संगठन की कोषाध्यक्ष तुली देवी ने कहा कि इस संगठन को 145 शौचालय निर्माण का लक्ष्य मिला. इसके एवज में दीदियों ने 137 शौचालयों का निर्माण कराने में सफल रही.
 
 
अधिकारियों के बोल
गांव में परिवर्तन के वाहक हैं ग्राम संगठन : एनएन सिन्हा
ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एनएन सिन्हा ने कहा कि सखी मंडल की दीदियों ने अपने-अपने क्षेत्र में खुले में शौच से मुक्ति का जो संकल्प लिया है, वो काबिले तारीफ है. यह लड़ाई महिलाओं की इज्जत की लड़ाई है. महिलाएं स्वच्छता की आजादी की दूत हैं. राज्य सरकार ने शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण की जो समय-सीमा निर्धारित की है, उस पर सखी मंडल की दीदियां खरी उतरी. ग्राम संगठन ठेकेदार नहीं, बल्कि अपने गांव में परिवर्तन के वाहक हैं. स्वच्छता को लेकर अगर दीदियां गंभीर रहेगी, तो गांव की तसवीर कुछ अलग ही नजर आयेगी. इसके अलावा अपने खेतों में कम्पोस्ट का अधिक-से-अधिक उपयोग करने पर भी जोर दें. 
 
शौचालय निर्माण में जागरूक करेंगी दीदियां : एपी सिंह
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह ने कहा स्वच्छ भारत मिशन की सफलता में सखी मंडल की दीदियों का बेहतर सहयोग मिल रहा है. हमारी कोशिश है कि सखी मंडल की दीदियां, जो शौचालय निर्माण को लेकर गंभीर हैं, उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जाये. दीदियों की सहयोग से ही गांव, मोहल्ले व टोलों में लोगों के बीच जागरूकता लायी जा सकती है. 
 
दीदियों के सहयोग से गांवों में आयेगा परिवर्तन : उपायुक्त
रांची जिले के उपायुक्त मनोज कुमार ने कहा कि ग्राम संगठन की दीदियों के कार्य सराहनीय है. रांची जिले को खुले में शौच मुक्त करने का दीदियों का संकल्प जल्द दिखेगा. आज के कार्यक्रम को देख, इतना विश्वास हो गया कि स्वच्छता के प्रति दीदियां अपने-अपने क्षेत्र में जरूर परिवर्तन लायेगी. आगामी दिनों में स्वयं सहायता समूह के साथ प्रखंड स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किये जाने की भी योजना है. 
 
स्वच्छ झारखंड का सपना होगा साकार : डॉ मधुलिका 
यूनिसेफ झारखंड की प्रमुख डॉ मधुलिका जोनाथन ने कहा कि स्वच्छता के प्रति सभी को गंभीर होना होगा. स्वच्छता घर-आंगन के अलावे शौचालय और शौचालय के उपयोग तथा खान-पान पर भी रखना होगा. स्वच्छता को लेकर इन चार चीजों की जानकारी दीदियों के माध्यम से गांव के लोगों को मिले, तो स्थिति बेहतर हो सकती है. आज भी 80 फीसदी लोग खुले में शौच को जाते हैं. इसकी रोकथाम जरूरी है. अगर दीदियों का सहयोग मिला, तो स्वच्छ झारखंड का सपना जल्द साकार होगा.