aadhi aabadi

  • Sep 20 2017 1:00PM

हैं परेशान, तो यहां है समाधान

हैं परेशान, तो यहां है समाधान

हर अंक में आपको अापकी समस्याओं के समाधान के बारे में बताया जाता है. इस अंक में झालसा यानी झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार से मिलनेवाली सहायता के बारे में बताया जा रहा है. खासकर घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को कैसे न्याय मिले और इसके लिए कहां शिकायत करें, इसकी जानकारी दी गयी है. इसके अलावा दिल्ली हाइकोर्ट द्वारा माता-पिता व पुत्र के संबंध में दिये गये एक आदेश की चर्चा की गयी है, ताकि हर पुत्र कानून की इन पहलुओं को समझ सके. छात्राएं, युवतियां और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित बनाये गये एप के बारे में बताया गया है, जिसकी जानकारी रखकर महिलाएं सुरक्षित रह सकती हैं. सरकारी स्कूल संबंधित शिकायत के समाधान के बारे में भी बताया गया है, ताकि इन नंबरों का उपयोग कर आप अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं.

घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को मिलती है नि:शुल्क कानूनी सहायता

केवल पत्नी ही नहीं, बल्कि मां, बहन, विधवा या परिवार के किसी भी सदस्य पर शारीरिक, मानसिक, लैंगिक, भावनात्मक एवं आर्थिक उत्पीड़न को घरेलू हिंसा माना गया है. घरेलू हिंसा के विरुद्ध महिला संरक्षण अधिनियम, महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के संरक्षण के लिए पारित हुआ है. इसका उद्देश्य महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाना और उसके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है. इस मामले में मजिस्ट्रेट एक पक्ष या दोनों पक्षों को सलाह का आदेश दे सकता है. सहायता के लिए किसी विशेषज्ञ की मदद भी ली जा सकती है.

कैसे करें शिकायत 

घरेलू हिंसा की शिकार पीड़िता संरक्षण अधिकारी या जो व्यक्ति इस प्रकार की गतिविधियों को देख रहा है या न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी या मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के पास शिकायत दर्ज करा सकती है. इसके लिए आप आवेदन पत्र के माध्यम से मजिस्ट्रेट के पास शिकायत करायें. आपकी शिकायत से संबंधित पत्र मिलने के तीन दिनों के अंदर मजिस्ट्रेट द्वारा सुनवाई की तारीख घोषित की जायेगी. मजिस्ट्रेट द्वारा प्रार्थना पत्र पर फैसला दो माह के भीतर किया जायेगा. सुनवाई से संबंधित तारीख की जानकारी मजिस्ट्रेट संरक्षण अधिकारी को देगा. इसके बाद संरक्षण अधिकारी प्रतिवादियों को सुनवाई की तारीख की सूचना दो दिनों के अंदर या मजिस्ट्रेट के अादेशानुसार देगा. घरेलू हिंसा संबंधी मामलों की सुनवाई बंद कमरों में भी करने का प्रावधान है.

संरक्षण अधिकारी कौन होगा 

इस अधिनियम के अंतर्गत राज्य सरकार हर जिले में संरक्षण अधिकारी नियुक्त करेगी. जहां तक हो सके संरक्षण अधिकारी महिला होनी चाहिए. संरक्षण अधिकारी नियुक्त होने के बाद उसकी जिम्मेवारी होती है कि वो मजिस्ट्रेट के कार्यों में पूरा सहयोग करे. घरेलू हिंसा की शिकायत मिलने पर एक घरेलू घटना तैयार करें. संरक्षण अधिकारी यह रिपोर्ट मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी को देगा. इसके अलावा पीड़ित महिला को नि:शुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराने में मदद करेगा, साथ ही वैसे गैर सरकारी संस्थाओं की सूची तैयार करेगा, जो पीड़ितों को नि:शुल्क विधिक सेवा, नि:शुल्क चिकित्सा सेवा एवं आश्रय गृह उपलब्ध कराते हों. पीड़ित महिलाओं की चिकित्सकीय जांच कराने और जांच रिपोर्ट पुलिस थाने और मजिस्ट्रेट को देगा.

अभिरक्षा संबंधित आदेश 

मजिस्ट्रेट संरक्षण या अन्य राहत के लिए दिये गये आवेदन की सुनवाई के समय पीड़ित व्यक्ति को अपने बच्चों को अस्थायी रूप से अपने पास रखने का भी आदेश दे सकता है. बच्चों के हित में अगर मजिस्ट्रेट को लगे कि प्रतिवादी को बच्चों से नहीं मिलना है, तो प्रतिवादी को बच्चों से मिलने से भी रोका जा सकता है.

आर्थिक राहत संबंधित आदेश 

ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट आर्थिक राहत के आदेश भी दे सकता है. जिससे पीड़ित अपना और अपने बच्चों का खर्च पूरा कर सके. इसके तहत आय का नुकसान, चिकित्सकीय खर्च, भरण-पोषण के आदेश आदि सम्मिलित है.

मुआवजा संबंधित आदेश

इस अधिनियम में दी गयी राहत के अलावा मजिस्ट्रेट पीड़ित व्यक्ति को हुई मानसिक व भावनात्मक पीड़ा के लिए प्रतिवादी को मुआवजे का आदेश दे सकता है.

कहां करें संपर्क 

इस संबंध में विस्तृत जानकारी तथा मदद के लिए आप अपने निकटतम अनुमंडल विधिक सेवा समिति/जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर सकते हैं. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष या सचिव तथा अनुमंडल विधिक सेवा समिति के सचिव से भी संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के वेबसाइट www.jhalsa.org से भी प्राप्त कर सकते हैं. हर तरह की सहायता के लिए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्य सचिव (मोबाइल नंबर-08986601912) या उपसचिव (मोबाइल नंबर- 09431387340) से भी संपर्क कर सकते हैं. आप पत्राचार के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

पता-न्याय सदन, झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), महालेखाकार कार्यालय के समीप, डोरंडा, रांची- 834002. फैक्स नंबर 0651-2482397, फोन नंबर : 0651-2482392, 2482030, 2481520. ई-मेल- jhalsaranchi@gmail.com