aadhi aabadi

  • Sep 20 2017 1:35PM

समूह की मदद से बदले आर्थिक हालात

समूह की मदद से बदले आर्थिक हालात
गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड का एक गांव है जामताड़ा. इस गांव की शाहिना खातून समूह से जुड़ कर खुद को और अपने परिवार के अन्य सदस्यों को गरीबी से बाहर निकाल चुकी हैं. शाहिना अब अपनी जरूरतों के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाती हैं. उनके जीवन में यह बदलाव समूह से जुड़ने के बाद आया है.

रानी आजीविका स्वयं सहायता समूह की सचिव शाहिना खातून कहती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब थी. एक बार उनके पति बीमार पड़ गये. पति के इलाज के लिए उन्हें अपने रिश्तेदारों और महाजन से पैसे उधार लेने पड़े. इलाज कराने के दौरान पता चला कि उनके पति की किडनी खराब हो चुकी है, जिसके कारण डॉक्टरों ने उनके पति को काम करने से साफ मना कर दिया था. पति की कमाई से ही घर चलता था. पति घर बैठ गये, तो घर में खाने के लाले पड़ने लगे. बच्चों की फीस नहीं भर पाने के कारण बच्चों की पढ़ायी छोड़ने की नौबत तक आ गयी.

शाहिना का दुख यहीं खत्म नहीं हुआ.बारिश के कारण उनका पुराना घर भी ढह गया. घर ढहने के बाद शाहिना अपने पति के साथ सौतेली सास के मकान में रहने को बाध्य हो गयी थी.यहां भी परेशानी ने शाहिना का साथ नहीं छोड़ा. गाहे-बगाहे सौतेली सास शाहिना को घर से निकालने की धमकी देती रहती थी. यह ऐसा वक्त था जब शाहिना अपनी परेशानियों के कारण पूरी तरह से टूट चुकी थी. इस बीच शाहिना को महिला समूह की जानकारी मिली. उन्हें बताया गया कि समूह के माध्यम से अपनी आजीविका बढ़ाने के लिए ऋण मिलता है. समय से ऋण चुकता करने पर आरएफ और सीआरएफ का लाभ भी मिलेगा.

समूह की हर गतिविधियों की जानकारी मिलने पर शाहिना महिला समूह से जुड़ गयीं. समूह की साप्ताहिक बैठकों में बचत पर जोर देने लगीं और धीरे-धीरे शाहिना एक सक्रिय महिला सदस्य बन गयीं. इसी बीच शाहिना ने सबसे पहले छोटे लोन लेकर अपने घर की आर्थिक कठिनाइयों को दूर किया. इसके बाद समूह से 20 हजार रुपये लेकर पति के लिए किराना दुकान खोलीं और बाकी बचे पैसों से घर का खर्च और महाजन से लिये कर्ज को चुकता किया. आज शाहिना अपने पति के साथ दुकान में व्यस्त रहती हैं. दुकान से होनेवाली आमदनी से शाहिना अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं. शाहिना आज समूह से जुड़ कर आत्मनिर्भर हो चुकी हैं. अब उनके चेहरे पर खुशी साफ झलकती है. समूह की सक्रिय सदस्य शाहिना अब अन्य दीदियों को समूह से जोड़ कर आगे बढ़ने और गरीबी दूर करने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं.
 
मुनिया देवी
प्रखंड : डुमरी
जिला : गिरिडीह