aadhi aabadi

  • Jul 17 2019 11:41AM

पत्तल बेचकर जीवन में खुशहाली ला रहीं महिलाएं

पत्तल बेचकर जीवन में खुशहाली ला रहीं महिलाएं

आशा तिग्गा
प्रखंड: मनोहरपुर
जिला: पश्चिमी सिंहभूम

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत पतरबोसी गांव की सखी मंडल की महिलाएं पत्तल बेचकर अपनी आजीविका चला रही हैं. मां सरस्वती महिला समूह की महिलाएं जंगल से पत्ता लाती हैं और फिर उससे पत्तल बनाकर बेचती हैं. समूह की दीदियां पिछले छह वर्षों से यह कार्य करती आ रही हैं. पहले उन्हें मुनाफा कम होता था. इसके बाद वर्ष 2014 में वन विभाग द्वारा उन्हें पत्तल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया और एक मशीन भी दी गयी. समूह की दीदियां बताती हैं कि पहले जंगल से पत्ता लाकर उसे बंडल बनाकर तीन से चार रुपये में बेचती थीं, जिससे 30 से 40 रुपये की कमाई होती थी. अब मशीन मिली है, तो आमदनी भी बढ़ गयी है. मशीन से काम करने के लिए एक से अधिक लोगों की आवश्यकता होती है. इसलिए समूह की दीदियों ने अब अपने काम बांट लिये हैं. दो दीदियां जंगल जाकर पत्ता लाती हैं और पत्तल बनाती हैं, जिससे 18 रुपये प्रति 100 पीस के मूल्य से बेचती हैं. उस पत्तल को दूसरी दीदियां मशीन से प्रेस करके कटिंग करती हैं और उसे 300 पीस का बंडल बनाकर बेचती हैं. इसके अलावा ऑर्डर मिलने पर बनाकर पहुंचाती भी हैं.

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मशीन से प्रेस किये गये पत्तल प्रति बंडल 180 रुपये बिकते हैं. दीदियां बताती हैं कि इससे उन्हें प्रतिमाह 2500 से 3000 रुपये तक की आमदनी हो जाती है, जिससे वो अपने बच्चों की फीस जमा कर लेती हैं और परिवार चलाने में पति का सहयोग करती हैं. समूह की दीदी बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद अब वो समूह से लोन लेकर पैसे पत्तल बनाने के काम में लगाती हैं. अब उनकी इच्छा है कि अगर उन्हें एक बेहतर बाजार मिल जाये, तो उनकी आमदनी और बढ़ेगी. साथ ही वो लोगों से अपील करती हैं कि हमेशा पत्ते से बने हुए पत्तल का ही इस्तेमाल करें. यह स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा होता है. समूह की दीदियां अब काफी खुश हैं, क्योंकि पहले की अपेक्षा उनकी आमदनी बढ़ गयी है. जरूरत के समय समूह से पैसे मिल जाते हैं. दीदियां बताती हैं कि पहले की अपेक्षा उनके जीवन में अब काफी सकारात्मक बदलाव आया है. बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और परिवार खुशहाल है