aamukh katha

  • Mar 16 2020 1:14PM

खेती-बारी में जान फूंक रहीं मिट्टी की डॉक्टर पंचमी

खेती-बारी में जान फूंक रहीं मिट्टी की डॉक्टर पंचमी

पंचायतनामा टीम 

पंचमी देवी. खेती-बारी करने वाली आदिवासी महिला. आज मिट्टी की डॉक्टर के रूप में इनकी अपनी पहचान हैं. ये महज इंटरमीडिएट हैं, लेकिन खेतों की मिट्टी का हेल्थ बताकर चुटकी में उसका इलाज बता देती हैं. इससे किसानों की उपज बढ़ने से उनकी आमदनी बढ़ रही है. इस तरह ये खेती-बारी में जान फूंक रही हैं. पंचमी को जहां मिट्टी की डॉक्टर का सम्मान मिल रहा है, वहीं मिट्टी की जांच के लिए इन्हें प्रोत्साहन राशि मिलती है. इससे ये आत्मनिर्भर बन रही हैं.

रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड की नवागढ़ पंचायत के बदरी गांव की रहने वाली पंचमी देवी आज पहचान की मोहताज नहीं हैं. ये अपनी पंचायत के किसानों की मिट्टी की जांच लैब में करती हैं और उन्हें पोषक तत्वों की कमी की भरपाई समेत अन्य जरूरी सलाह भी देती हैं, ताकि किसानों के खेत सोना उगलें और उनकी आमदनी बढ़ सके.

मिट्टी जांच कराये बगैर होती थी बुआई
किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली पंचमी देवी खुद भी खेती करती हैं. वह बताती हैं कि पहले मिट्टी की जांच नहीं की जाती थी. बस यूं ही खेत में बगैर मिट्टी जांच के फसल की बुआई कर दी जाती थी. इस कारण अच्छी उपज नहीं होती थी. अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी जांच काफी जरूरी है. अब पंचायत स्तर पर मिट्टी की जांच का लैब है. हम जैसी मिट्टी की डॉक्टर हैं. अब किसान भी जागरूक हो गये हैं. वह मिट्टी की जांच कराते हैं. जल्द बड़ा बदलाव दिखेगा.

12 पैरामीटर पर होती है जांच
खेती की मिट्टी के सैंपल की जांच 12 पैरामीटर पर होती है. इसमें पीएच, इसी, जैविक कार्बन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, जिंक, मैगनीज, कॉपर, बोरोन, ऑयरन एवं सल्फर की मात्रा की जांच की जाती है और मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसान को दिया जाता है. जिन पोषक तत्वों की कमी होती है, उसका इलाज भी मिट्टी की डॉक्टर बताती हैं. सैंपल लेने के 15 दिनों के अंदर मिट्टी की जांच करने पर ही सही रिजल्ट आता है.

देश में पहली बार झारखंड में बनीं मिट्टी की डॉक्टर
देश के इतिहास में पहली बार झारखंड की गांव-जवार की सामान्य घरों की महिलाओं को मिट्टी की डॉक्टर बनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था. इसके लिए पंचायत स्तर पर लैब बनाकर इन्हें किट उपलब्ध कराया गया था. अब ये महिलाएं मिट्टी की जांच कर रही हैं.

जांच चुकी हैं करीब तीन सौ मिट्टी के सैंपल
पिछले चार माह में ये करीब तीन सौ मिट्टी के सैंपल की जांच कर चुकी हैं. इन्हें प्रति मिट्टी की जांच के लिए 150 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है. पूर्व की रघुवर सरकार वर्ष 2019 में रांची के खेलगांव में मिट्टी के डॉक्टर सम्मान एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण समारोह में इन्हें 4, 640 रुपये का चेक देकर सम्मानित कर चुकी है. दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में ये स्टॉल लगाकर मिट्टी के स्वास्थ्य की जानकारी दे चुकी हैं.

केंद्रीय कृषि मंत्री से मिला सम्मान
फरवरी 2020 में दिल्ली में कृषि मंत्रालय द्वारा आयोजित मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिवस पर आयोजित सेमिनार में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इनका उत्साहवर्द्धन कर सम्मानित किया.

मान-सम्मान मिल रहा, अब मानदेय मिले-पंचमी देवी
मिट्टी की डॉक्टर पंचमी देवी कहती हैं कि कभी सपने में नहीं सोचा था कि इतना मान-सम्मान मिलेगा और मिट्टी की डॉक्टर कहलाऊंगी. पहली बार दिल्ली जाने के क्रम में हवाई जहाज चढ़ने का मौका मिला. केंद्रीय कृषि मंत्री से पुरस्कृत होकर गदगद हूं. मिट्टी की डॉक्टर को मानदेय दिया जाता तो और खुशी होती