aamukh katha

  • Dec 17 2018 5:27PM

स्वस्थ मिट्टी: अच्छी पैदावार, स्वस्थ जीवन

स्वस्थ मिट्टी: अच्छी पैदावार, स्वस्थ जीवन

पंचायतनामा डेस्क

अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी का स्वस्थ होना बेहद जरूरी है. जिस तरह लक्ष्य पाने के लिए व्यक्ति का स्वस्थ होना आवश्यक है, वैसे ही अच्छी उपज के लिए खेतों की मिट्टी स्वस्थ होनी चाहिए. तभी जीवन भी स्वस्थ होगा. अमूमन मिट्टी को लेकर किसान गंभीर नहीं रहते. इस कारण भी उत्पादन पर असर पड़ता है. अधिक उपज के लिए खेतों में बेतहाशा किये गये उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी बीमार होने लगी है. जमीन बंजर होने लगी है. मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की कमी चिंता का विषय है. ऐसे में किसानों को विश्व मृदा दिवस (पांच दिसंबर) पर अपने खेतों की मिट्टी को स्वस्थ रखने का संकल्प लेना चाहिए. जैविक खेती मिट्टी को स्वस्थ रखने की दिशा में बेहतर कदम है. अनगड़ा के धुरलेटा-तिरलाकोचा व बुढ़ाकोचा के किसानों के जैविक खेती की ओर बढ़ते कदम सराहनीय हैं. रांची के मोरहाबादी स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम सभागार में विश्व मृदा दिवस सह झारखंड के प्रथम जैविक ग्राम उद्घोषणा कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने यह बात कही.

वक्त की मांग है जैविक खेती
रांची के सांसद रामटहल चौधरी ने कहा कि जैविक खेती वक्त की मांग है. सरकार भी इस पर जोर दे रही है. किसानों को जैविक खेती पर जोर देना चाहिए. इससे मिट्टी जहां रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से बंजर होने से बचेगी, वहीं जीवन भी स्वस्थ रहेगा. रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी भवेशानंद, कांके विधायक जीतु चरण राम, नाबार्ड के सीजीएम शरद झा, ओफाज के सीइओ राजीव कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार सिन्हा व रांची कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अजीत कुमार सिंह ने कहा कि जागरूक होकर किसान अपनी आमदनी दोगुनी कर सकते हैं. सरकार उन्हें हर संभव मदद कर रही है. खेती में वैज्ञानिक सलाह जरूर लें. किसानों को मिट्टी स्वस्थ रखने के लिए जैविक खेती पर जोर देना चाहिए.

अनगड़ा के किसानों ने साझा किये अनुभव
रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड के धुरलेटा-तिरलाकोचा व बुढ़ाकोचा समेत अन्य जैविक गांव से जुड़े किसानों में अपने अनुभव साझा किये. उन्होंने कहा कि कम लागत में अच्छी उपज और स्वस्थ जीवन के लिए जैविक खेती आदर्श पद्धति है. इससे मिट्टी भी स्वस्थ रह रही है और रासायनिक उर्वरकों की खरीदारी का झंझट भी नहीं है. कम पैसे में ही अच्छी उपज व आमदनी हो जा रही है. इस मौके पर किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड भी दिया गया