aamukh katha

  • Nov 2 2018 12:23PM

जैविक खेती, कम लागत, अधिक मुनाफा

जैविक खेती, कम लागत, अधिक मुनाफा

जैविक खेती यानी कम लागत में अच्छी आमदनी. इससे किसानों को कई फायदे हैं. रसायन मुक्त खेती से न सिर्फ लागत में कमी आती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनी रहने के साथ-साथ जैविक उत्पाद के उपयोग से स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है. इतना ही नहीं बाजार में इसके उत्पाद की अच्छी कीमत भी मिलती है. हर स्तर पर इसके फायदे ही फायदे हैं. यही कारण है कि राज्य सरकार ने जैविक खेती पर जोर देना शुरू कर दिया है. इससे जुड़े किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. वर्ष 2025 तक झारखंड को जैविक राज्य बनाने की योजना है. इस दिशा में सरकार प्रयासरत है. रसायन मुक्त भोजन उपलब्ध करा कर सबको स्वस्थ रखने को लेकर किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है

राज्य में खेती-बारी
79.71
लाख हेक्टेयर भूमि है राज्य में
38
लाख हेक्टेयर है कृषि योग्य भूमि
- 25.75
लाख हेक्टेयर भूमि पर ही होती है खेती
13
लाख हेक्टेयर भूमि आज भी है परती
8.24
लाख हेक्टेयर ही है सिंचित भूमि
11 हजार हेक्टेयर भूमि में होती है जैविक खेती

5,138 किसान जुड़े हैं जैविक खेती से
2.395
मीट्रिक टन जैविक खेती का है कुल उत्पादन
2025
तक झारखंड को जैविक राज्य बनाने का लक्ष्य
212
फूड प्रोसेसिंग यूनिट कार्यरत है राज्य में
2022
तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य
7.23
लाख हेक्टेयर में होती है देश में जैविक खेती
75
हजार हेक्टेयर भूमि पर सिक्किम में होती है जैविक खेती
सिक्किम है देश का पहला जैविक राज्य