aamukh katha

  • May 10 2017 12:53PM

बदलाव की बयार

बदलाव की बयार
अपनी पंचायतों को सशक्त और गांवों में विकास की बयार बहाने में हमारे पंचायत जनप्रतिनिधि लग गये हैं. इसी का परिणाम है कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर सूबे के सात पंचायत जनप्रतिनिधि पुरस्कृत हुए. ये पुरस्कार सार्वजनिक और वस्तुओं की डिलीवरी में सुधार, पंचायत सचिवालय के बेहतर और पारदर्शी कामकाज, ग्रामसभा के जरिये विकास कार्यों में तेजी लाने जैसे कार्यों को सही रूप में धरातल पर उतारने को लेकर मिला है. हर पंचायत जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वह अपने पंचायतों और गांवों में विकास की बयार को बहाने के लिए कृतसंकल्प हो.
 
 
पंचायतनामा डेस्क
झारखंड की सात पंचायत निकायों के जनप्रतिनिधियों को केंद्र सरकार की ओर से दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार दिया गया. पुरस्कार पानेवाले पंचायत निकायों में जिला परिषद चतरा की अध्यक्ष ममता देवी, दुमका जिले की पंचायत समिति सरैयाहाट के प्रमुख सुकदेव मरांडी व देवघर जिले की सारवां पंचायत के प्रमुख मुकेश कुमार शामिल हैं. वहीं, देवघर जिले की दहीजोर ग्राम पंचायत के मुिखया भगीरथ प्रसाद राउत, बोकारो जिले की बुंडू पंचायत के मुिखया अजय कुमार िसंह और खूंटी की गनालोया पंचायत के मुिखया हना डोडराय भी शामिल हैं. ग्रामसभा के लिए नाना साहेब राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार पश्चिमी सिंहभूम जिले की आनंदपुर पंचायत के मुिखया मुन्नीलाल सुरीन को मिला है. राष्ट्रीय पंचायती  राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सम्मानित किया गया. लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राजमंत्री मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्यमंत्री परषोत्तम रूपाला और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने देश भर के सफल पंचायत  प्रतिनिधियों को यह पुरस्कार दिये. यह सभी पुरस्कार वित्तीय वर्ष 2015-16  में किये गये कार्यों पर आधारित है. पुरस्कार के तौर पर जिला परिषद को 40  लाख, पंचायत समिति को 20-20 लाख और ग्राम पंचायत को 12 लाख रुपये नकद दिये जाते हैं. इन पैसों को संबंधित पंचायतें अपनी-अपनी पंचायत के अनुरूप योजना बना कर खर्च करेंगी. विभाग के अजीत कुमार सिंह, अशोक कुमार व  सुनील कुमार सिंह भी पंचायत प्रतिनिधियों के साथ थे. पंचायती राज विभाग के  संयुक्त सचिव राजेश वर्मा ने सभी को रांची रेलवे स्टेशन से रवाना किया था.
 
 
जानिए क्यों और कैसे मिला पंचायतों को पुरस्कार
चतरा जिला परिषद ने की राजस्व में वृद्धि
चतरा  जिला परिषद अध्यक्ष ममता देवी को राजस्व में वृद्धि कराने पर यह पुरस्कार  मिला है. चतरा जिले की सभी 154 पंचायत भवनों के निर्माण का कार्य पूरा हुआ और सभी 12 प्रखंडों में 423 दुकान का निर्माण कराया गया है. दुकानों से किराये के रूप में जिला परिषद को दो लाख 30 हजार से भी अधिक की आमदनी हो रही है. बैंक ऑफ इंडिया से किराया 26,262, टंडवा डाक बंगला से 18,536 और सीसीएल से 32,100 रुपये प्रति माह प्राप्त  हो रहा है. इससे जिला परिषद की आय में वृद्धि हुई है. ग्रामसभा का संचालन, सभी पंचायतों में पेयजल उपलब्धता और शौचालय निर्माण के लक्ष्य प्राप्ति के फलस्वरूप यह पुरस्कार मिला है. ममता देवी ने बताया कि सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने कार्य को समर्पित भाव से पूरा किया, जिससे चतरा जिला परिषद को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है. इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं. 
 
सार्वजनिक व वस्तुओं की डिलीवरी में सुधार
बोकारो  जिले के पेटरवार प्रखंड में अवस्थित है बुंडू पंचायत. इस पंचायत के मुखिया  अजय सिंह युवा व तेज-तर्रार हैं. बुंडू पंचायत के मुखिया अजय सिंह को  दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार मिला है. बुंडू पंचायत क्षेत्र  में सार्वजनिक और वस्तुओं की डिलीवरी में सुधार करने के एवज में यह पुरस्कार मिला है. स्वच्छ पंचायत बनाने के लिए मुखिया ने मुख्य बाजार में आनेवाले मालवाहक वाहनों, व्यापारियों और कांटा करनेवालों से 10-10 रुपये का बाजार शुल्क लगाया, जबकि किसानों के लिए यह शुल्क नि:शुल्क था. इसका असर दिखने लगा है. डेली मार्केट में एक साल से बंद पड़े शौचालय को नया रूप दिया गया. 14वें वित्त आयोग की राशि से इसका निर्माण हुआ, जबकि रख-रखाव  बाजार शुल्क से होनेवाली आमदनी से होगा.
 
पंचायत सचिवालय में बेहतर व पारदर्शी कामकाज
खूंटी  जिले की गनालोया पंचायत की मुखिया हना डोडराय को ग्राम स्तर का पुरस्कार  मिला है. पंचायत सचिवालय के बेहतर और पारदर्शी काम-काज को देखते हुए हना को यह पुरस्कार मिला है. अपने पंचायत क्षेत्र में पानी की उपलब्धता, खुले में शौचमुक्त के लिए बेहतर प्रयास और कंप्यूटरीकृत पंचायत सचिवालय के लिए हना को यह पुरस्कार मिला है. हना ने बताया कि केंद्र से एक टीम उसकी पंचायत की कार्यशैली को देखने व परखने आयी थी. केंद्रीय टीम के सदस्यों ने उनके पंचायत क्षेत्र में हो रहे काम से काफी खुश दिखी. इसी के फलस्वरूप इस पंचायत को पुरस्कार मिला है. पुरस्कार मिलना सभी पंचायतवासियों के लिए गौरव की बात है. 
 
ग्रामसभा के जरिये योजनाओं में तेजी
 
पश्चिमी सिंहभूम जिले की आनंदपुर पंचायत के मुखिया मुन्नी लाल सुरीन को नाना साहब  राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा का पुरस्कार मिला है. मुन्नी लाल ने अपने पंचायत  क्षेत्र में ग्रामसभा के जरिये कई कार्यों का संपादन तेजी से कराया है.  सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांगता पेंशन,  शौचालय निर्माण, स्वच्छता अभियान 
के लिए जनहित के कार्य किये. इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में नलकूप, नाली, सड़क 
आदि के कार्य भी मुन्नी लाल ने कराये हैं. मुखिया कहते हैं िक गांवों का िवकास 
उनकी पहली प्राथमिकता है और इसी के तहत गांवों में बुनियादी सुिवधाओं के िलए हमेशा प्रयासरत रहते हैं.