aamukh katha

  • Sep 13 2017 1:12PM

मुख्यमंत्री सखी मंडल स्मार्ट फोन योजना की शुरुआत, स्मार्ट फोन से लैस होतीं सखी मंडल की दीदियां

मुख्यमंत्री सखी मंडल स्मार्ट फोन योजना की शुरुआत, स्मार्ट फोन से लैस होतीं सखी मंडल की दीदियां
पंचायतनामा डेस्क
झारखंड में स्वयं सहायता समूह की दीदियां अब डिजिटल बन गयी हैं. राज्य सरकार ने एक लाख दीदियों के बीच स्मार्ट फोन वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गोड्डा में सखी मंडल की सदस्यों को फोन वितरण कर इसकी शुरुआत की. सितंबर माह तक राज्य के सभी जिलों में इस योजना को पहुंचाने का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित किया है. इसके लिए सूबे के मंत्रियों को विभिन्न जिलों में सखी मंडल की दीदियों को स्मार्ट फोन देने की जिम्मेदारी सौंपी गयी. आपको बता दें कि इसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झारखंड आगमन के दौरान साहेबगंज में मोबाइल वितरण कर इस योजना की शुरुआत की गयी थी. साथ ही राज्य सरकार की मोबाइल क्रांति की प्रशंसा भी की थी. 

सखी मंडल की दीदियों को स्मार्ट फोन देने का उद्देश्य नकदी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ डिजिटल व कैशलेस ट्रांजेक्शन की ओर गांव को आगे बढ़ाने में मदद करना है. इसके तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन संपोषित एक लाख सखी मंडलों के बीच स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया गया. वहीं इसका क्रियान्वयन झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के द्वारा किया गया. 
 
दीदियों को कैसे मिलेगा लाभ : सखी मंडल की दीदियों को स्मार्ट फोन देकर उन्हें मोबाइल एडवाइजरी सर्विस के साथ जोड़ा जा रहा है. इस फोन में स्वलेखा एप दिया गया है, जिससे दीदियां अपने समूह का  हिसाब-किताब रख सकेंगी. शक्ति एप के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा मिलेगी.  भीम एप के जरिये बैंकिंग कार्यों में आसानी होगी. साथ ही मोबाइल फोन  के माध्यम से दीदियों को सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी,  जिसका वो लाभ उठा सकेगी. 

स्मार्ट फोन के जरिये इंटरनेट से जुड़ कर खुद को  ज्यादा स्मार्ट बना पायेंगी और समूह की महिलाओं के साथ-साथ गांव और  पंचायतों का विकास कर पायेंगी. इसके अलावा खेती-बारी संबंधी जानकारी, सरकारी योजना एवं मौसम की जानकारी भी मिलेगी. ये दीदियां स्मार्ट फोन को प्रशिक्षण का माध्यम बना कर ग्राम विकास में भी अपनी अहम भूमिका निभायेगी.
 
लक्ष्य : मुख्यमंत्री सखी मंडल स्मार्ट फोन योजना का लक्ष्य गांव और शहर के बीच डिजिटल माध्यम से खत्म करना है. साथ ही स्मार्ट फोन के जरिये दीदियां कैशलेस को बढ़ावा देने और गांव के सर्वांगीण विकास में अपनी महती भूमिका निभायेगी. 
 
स्मार्ट फोन से गांव में आयेगा ऐसे बदलाव : सखी मंडल की दीदियां भीम एप के जरिये कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देगी. सखी मंडल के कोष का हिसाब- किताब और बैंक कर्ज से संबंधित आंकड़ों का लेखा-जोखा भी रखा जा सकेगा. शक्ति एप के जरिये ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी. आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षित कम्युनिटी रिपोर्टर्स स्मार्ट फोन के जरिये तसवीर और खबर सही तरीके से भेज पायेगी. आजीविका के ई-किसान एप के जरिये पशु सखी एवं आजीविका कृषक मित्र हर तरह के आंकड़े ऑनलाइन व ऑफलाइन मोड में प्राप्त कर पायेंगे. जेएसएलपीएस के द्वारा ‘मैं भी डिजिटल कैंपेंन’ की शुरुआत की गयी है, जिसके तहत सखी मंडल की बहनों को कम्प्यूटर 
प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि स्मार्ट फोन का उपयोग अलग-अलग कार्यों के लिए किया जा सके.
 
महिलाओं के सहयोग के बिना विकास असंभव : नीलकंठ मुंडा
ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने महिलाओं में हो रहे बदलाव के लिए जेएसएलपीएस की सराहना की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. गांवों को डिजिटल व कैशेलेस बनाने में सखी मंडल की दीदियों की  महत्वपूर्ण भूमिका है. अब महिला समूहों को सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे उनके फोन पर मिलेगी. इससे ग्रामीण महिलाएं योजनाओं के प्रति ज्यादा जागरूक होंगी. 
 
आजीविका से जुड़े परिवारों की आय बढ़े : पारितोष उपाध्याय
जेएसएलपीएस के सीइओ पारितोष उपाध्याय ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना जेएसएलपीएस की प्राथमिकता है. आजीविका से जोड़ कर हर एक परिवार की आय बढ़ाना उसका लक्ष्य है. इतना ही नहीं, ग्रामीण बच्चों को रात में पढ़ने में कोई परेशानी ना हो, इसके लिए जेएसएलपीएस की ओर सोलर लैंप दिये जाने की योजना है, ताकि बच्चे अंधेरे से उजाले की ओर कदम बढ़ा सकें़  खूंटी में 35 हजार सोलर लैंप बाटने की योजना है. लैंप के साथ सोलर पैनल भी दिये जायेंगे.  उन्होंने कहा कि सोलर प्लेट का निर्माण खूंटी में होगा और सखी मंडल की महिलाएं सोलर प्लेट का निर्माण करेगी. 
 
स्मार्ट फोन पाकर दीदियों के खिले चेहरे
खूंटी जिले के  कचहरी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सखी  मंडल की  दीदियों का जमावड़ा  दिखा. स्मार्ट फोन पाकर जहां दीदियों के चेहरे पर  खुशी साफ झलक रही थी.  वहीं कई दीदियों ने अपनी आपबीती भी सुनायी. खूंटी के रनिया प्रखंड की सोहदे  गांव की सूर्या महिला समूह की दीदी सुजाता देवी ने कार्यक्रम के दौरान खुद  को किस तरह गरीबी से बाहर निकाला और आज अपने परिवार के साथ खुशहाल  जीवन व्यतीत करने की हकीकत बयां की. रनिया प्रखंड के जयपुर पंचायत की  गायत्री देवी ने भी समूह में जुड़ने के  बाद अपने जीवन में आये बदलाव और अपनी सफलता के बारे में बताया. इस दौरान  वहां मौजदू दीदियों ने उन्हें सुना और उन्हें काफी प्रेरणा मिली.
 
 
 
झरिया महिला संघ, मुरहू सह दुलार महिला समूह, गोराटोली की कोषाध्यक्ष प्रिंस किल्ला ने कहा कि स्मार्ट फोन मिलने के बाद उन्हें फायदा होगा और काम में काफी आसानी होगी.  सबसे पहले उन्हें स्मार्ट फोन चलाने की ट्रेनिंग दी जायेगी. फोन मिलने के बाद अब समूह की बैठकों की जानकारी आसानी से मिल पायेगी. साथ ही सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी़  बैंक संबंधी कार्य करने में आसानी होगी.
प्रिंस किल्ला
 
खूंटी के तिरला की गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह की कोषाध्यक्ष और बैंकिग सखी रजनी तिरो कहती है कि अब बार-बार काम के लिए बैंकों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. घर बैठे ही काम हो जायेगा. काफी खुश होते हुए रजनी कहती हैं कि अब किसी भी सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे उनके मोबाइल में मिल जायेगी.
रजनी तिरो
 
मुरहू प्रखंड के सुरुदा गांव की कमल बा महिला समूह की मेरी मार्सिलीन मुंडो ने कहा कि पहले समूह का लेखा- जोखा करने में चार-पांच घंटे का समय लगता था, पर अब मिनटों में काम खत्म हो जायेगा. सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए पहले ब्लॉक तक जाना पड़ता था, लेकिन अब घर बैठे सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी मिल जायेगी. इससे समय की बचत होगी और उस समय का उपयोग अन्य कार्यों में किया जायेगा. 
मेरी मार्सिलीन मुंडो
 
मुरहू प्रखंड के संडी गांव के सरना विकास महिला मंडल की पॉलिना पूर्ति ने कहा कि पहले समूह की बैठक की जानकारी नहीं मिल पाती थी, पर अब स्मार्ट फोन के जरिये समूह के बैठकों की जानकारी के साथ कृषि योजनाएं व खेती-बारी के आधुनिक तरीकों की जानकारी मिलेगी. 
पॉलिना पूर्ति
 
खूंटी के लोटोर की गंगोत्री महिला समिति की अध्यक्ष अनीता नाग स्मार्ट फोन मिलने पर काफी खुश थीं. अनीता कहती हैं कि अब समय की बचत होगी. समूह की बैठकों का लेखा-जोखा, लेन-देन का पूरा हिसाब रखने में काफी आसानी होगी. स्मार्टफोन के माध्यम से योजनाओं की जानकारी मिलेगी और हम अधिक जागरूक होंगे.
अनीता नाग
 
आजीविका महिला समूह, सारजोंबा की अध्यक्ष नागी देवी कहती हैं कि अब दीदियां भी स्मार्ट हो गयी है. समय की बचत के साथ-साथ घर बैठे सरकारी योजनाएं व खेती-बारी की विभिन्न प्रकार की जानकािरयाें के अलावा प्रखंड मुख्यालय का चक्कर काटने से निजात मिलेगी. 
नागी देवी
 
गंगा आजीविका समूह की अध्यक्ष ऊषा देवी ने स्मार्ट फोन मिलने की खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गांव की महिलाएं अब शहर की महिलाओं से पीछे नहीं रहेंगी़  वह भी अब विकास की दौड़ में खुद को शामिल कर पायेंगी. प्रखंड के कार्यों की भी पूरी जानकारी उन्हें मोबाइल पर ही मिल जायेगी.
ऊषा देवी