aamukh katha

  • Dec 1 2017 1:55PM

लावापानी में 300 फीट की ऊंचाई से गिरता है पानी

लावापानी में 300 फीट की ऊंचाई से गिरता है पानी
विनोद महतो
लोहरदगा के पेशरार में कभी उग्रवादियों का आतंक रहता था, अब इस इलाके की खूबसूरत वादियों में पर्यटकों का जमावड़ा लगने लगा है. पेशरार प्रखंड मुख्यालय से लगभग छह किलोमीटर की दूरी पर है लावापानी जलप्रपात. इसकी खूबसूरती देखते बनती है. लगभग 300 फीट की ऊंचाई से पानी गिरने का मनोरम दृश्य सबको आकर्षित करता है.

इस जलप्रपात में तीन स्टेप से पानी गिरता है, हालांकि सबसे ऊपरी छोर तक आम पर्यटक नहीं पहुंच पाते. दो स्टेप तक पर्यटक जाते हैं और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं. प्रशासनिक पहल पर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. जिला प्रशासन द्वारा पेशरार एक्शन प्लान के तहत क्षेत्र में विकास कार्य तेज कर दिये गये हैं. जिला प्रशासन द्वारा इस पर्यटक स्थल को विकसित करने की घोषणा के बाद जलप्रपात तक पहुंच पथ बनाया जा रहा है. हाल के दिनों में इस जलप्रपात तक पीसीसी का कार्य पूरा कर लिया गया है.

पर्यटकों की सुविधा का ख्याल
जिला प्रशासन द्वारा पेशरार एक्शन प्लान के तहत बिजली पहुंचाने का काम किया जा रहा है. लावापानी तक बिजली नहीं पहुंची है, लेकिन बिजली के खंभे लगा कर काम में तेजी लायी गयी है. लावापानी इलाके के लोगों के लिये शुद्ध पेयजलापूर्ति की व्यवस्था ग्रामीण पेयजलापूर्ति पाइप लाइन के माध्यम से कराया जा रहा है. पर्यटकों के रहने के लिए पेशरार में वन विभाग का गेस्ट हाउस उपलब्ध कराया गया है. इस क्षेत्र का विकास तेजी से हो रहा है. प्रखंड कार्यालय समेत स्वास्थ्य केंद्रों एवं विद्यालयों को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है. केकरांग घाटी में पुलिस पिकेट की स्थापना की गयी है.
 
ग्रामीणों की बदल रही जिंदगी
प्रशासनिक चुस्ती के बाद क्षेत्र में बदलाव की बयार बहने लगी है. लोहरदगा एवं अन्य स्थानों से पर्यटक लावापानी पहुंचने लगे हैं. विशेष मौके पर यहां भीड़ लगी रहती है. शिवरात्रि के अवसर पर जलप्रपात के समीप ही भव्य मेला लगाया जाता है. पेशरार इलाके के अधिकतर लोगों के जीवन-यापन का मुख्य साधन जंगलों से लकड़ी चुनना एवं दातुन पत्ता ही था. अब इसमें बदलाव आया है. लोग दुकान एवं होटलों के माध्यम से भी जीविकोपार्जन कर रहे हैं.
 
लावापानी जलप्रपात तक ऐसे पहुंच सकते हैं
लोहरदगा जिला मुख्यालय से जलप्रपात की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है. पर्यटक स्थल तक पहुंचने के लिए लोहरदगा से दो मार्ग हैं. पहला मार्ग बगडू-चांदकोपा सड़क से बगडू, केकरांग, झमटवार, पेशरार, चंदलगी होते हुए पहुंचा जा सकता है. बगडू-चांदकोपा सड़क का निर्माण कार्य जोरों पर है. दूसरी सड़क लोहरदगा-बेटहट सड़क से लावापानी पहुंचा जा सकता है. इस रास्ते लावागांई, पतगेच्छा बंजारी होते हुए पहुंचा जा सकता है. लावापानी जलप्रपात पहुंचने का मार्ग लातेहार की ओर से भी है. लातेहार की ओर से लोहरदगा जिले के सरजू होते भी लावापानी पहुंचा जा सकता है.