aamukh katha

  • Dec 19 2017 1:42PM

पंचायतों का 60 करोड़ पानी में

पंचायतों का  60 करोड़ पानी में
बेवजह खर्च हुई राशि
  • वर्ष 2011-16 के दौरान 1129.10 करोड़ रुपये यानी 35% के केंद्रीय अनुदान से धोना पड़ा हाथ
  • 5.5 करोड़ रुपये जिला परिषद को नहीं किया वापस 
  • पंचायत भवन, दुकान आदि के निर्माण के लिए जिला परिषद को दिये 9.79 करोड़ रुपये बिना विकास कार्यों में खर्च किये बैंक में यूं ही पड़े रहे
  • जिला परिषद/पंचायत समिति के अध्यक्ष या प्रमुख की स्वीकृति बिना वर्ष 2011-16 के दौरान 799.87 करोड़ रुपये खर्च कर दिये गये
  • वर्ष 2011-16 के दौरान 15,313 निर्माण कार्य में से 13,361 काम पूरे हुए, जबकि 1,952 काम मार्च 2016 तक पूरे नहीं हो पाये. इस अधूरे कामों पर 93.71 करोड़ रुपये यूं ही बर्बाद हो गये
  • पलामू जिले के पाटन प्रखंड के शोले व लोइंगा पंचायत में दो पंचायत भवनों का निर्माण पूरा नहीं होने से 22.38 लाख रुपये की बर्बादी हुई
  • वर्ष 2007-11 के दौरान 301 पंचायत भवन/आंगनबाड़ी केंद्रों के अपूर्ण निर्माण के कारण 28.57 करोड़ रुपये बर्बाद हुए
  • गोड्डा व गढ़वा के 10 अपूर्ण विद्यालय भवन के निर्माण में 3.05 करोड़ खर्च किये  
  • वर्ष 2011-13 के दौरान रांची, गढ़वा व गोड्डा में 59 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण होना था, पर यह निर्माण कार्य भी आधा-अधूरा ही रहा और इस पर 1.35 करोड़ रुपये यूं ही बर्बाद हो गये
  • गढ़वा में पांच पंचायत संसाधन केंद्र, छात्रावास निर्माण व 19 तालाबों के अपूर्ण निर्माण के कारण करीब दो करोड़ रुपये बेवजह खर्च हुए
  • रांची के सिल्ली प्रखंड में कला व सांस्कृतिक भवन का निर्माण अधर में लटक जाने से 1.93 करोड़ रुपये बर्बाद हो गये
  • रांची जिले के बेड़ो में आइटीआइ भवन का निर्माण अधर में लटक गया. जिला अभियंता की लापरवाही के कारण भवन निर्माण को लेकर 1.27 करोड़ रुपये बेवजह खर्च कर दिये गये
  • धनबाद में एक मैरेज हॉल की चहारदीवारी व फर्श बनाने में 7.23 लाख रुपये की अवैध निकासी हुई
  • गोड्डा के सरौनी में गाय और भैसों के रहनेवाले स्थान अरगड़ा के निर्माण में उलटफेर कर 1.04 लाख रुपये की अवैध निकासी हुई
  • रांची, धनबाद व गोड्डा के जिला परिषदों में 18 कार्यों के लिए ठेकेदार को बिना स्वीकृति के ही 66.81 लाख रुपये दे दिये गये