aapne baat

  • Nov 3 2017 1:43PM

अपनी बात

अपनी बात

त्योहारों का मौसम खत्म हो गया है. कहीं धान की कटाई जोरों पर हैं, तो कहीं रबी की तैयारी चल रही है. झारखंड में अच्छी बारिश के कारण किसानों के चेहरे खिले हुए हैं. कुछ जगहों से धान की फसल खराब होने की सूचनाएं आयी हैं, लेकिन कुल मिला कर खरीफ सीजन अच्छा रहा. कृषि विभाग यह मान रहा है कि किसानों की मेहनत और अच्छे मानसून के कारण इस बार धान का रिकॉर्ड उत्पादन तय है. चूंकि अक्तूबर के दूसरे सप्ताह तक ठीक-ठाक बारिश हो गयी है, तो रबी का उत्पादन भी बेहतर होने की उम्मीद है.

खेती-बारी के मौके पर इस बार पंचायतनामा को कीटनाशक का प्रयोग क्यों, कहां, कैसे और कितना जैसे चार महत्वपूर्ण सवालों पर केंद्रित किया गया है. पिछले करीब एक महीने में पहले आंध्र प्रदेश, फिर तेलंगाना और बाद में महाराष्ट्र से कीटनाशकों के कारण किसानों के मरने की खबरें आयीं. इन खबरों से साफ तौर पर पता चलता है कि उत्पादन बढ़ाने के चक्कर में किसानों की जान पर आफत आ जाती है. कीटनाशकों के प्रयोग के कारण जो अनाज हमारे घरों तक पहुंचता है, उससे जानलेवा बीमारियां हो रही हैं. इस स्थिति में कीटनाशकों के प्रयोग को लेकर किसानों में जागरूकता काफी जरूरी है.

झारखंड में पिछले पांच सालों से कीटनाशकों के प्रयोग में इजाफा हुआ है, लेकिन शुक्र है कि आज भी झारखंड के किसान कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग नहीं कर रहे हैं. सब्जियों की खेती करने वाले किसानों में हाल के वर्षों में कीटनाशकों के प्रयोग करने की प्रवृति बढ़ी है, जो बहुत ही खतरनाक है. हमारे किसानों को यह समझना होगा कि कीटनाशकों के प्रयोग से जो खेती होती है और इससे जो मुनाफा होता है, उससे कहीं अधिक नुकसान होता है. किसान अधिक कमाई के लोभ में फंस जाते हैं. कीटनाशक बेचने वाले भी अधिक कमाई के लिए किसानों को कीटनाशक के लाभ तो बताते हैं, लेकिन उससे होनेवाली हानि की जानकारी नहीं देते हैं, जबकि कीटनाशक बिक्री अधिनियम में यह साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि कीटनाशकों को बेचने से पहले उसकी मात्रा, उसके प्रयोग से होनेवाली हानियों को भी साफ तौर से बताया जाना जरूरी है. कीटनाशक विक्रेता ऐसा नहीं करके कानून का उल्लंघन करते हैं. पंचायतनामा के इस अंक में हमने कीटनाशकों के विकल्प की भी विस्तार से जानकारी दी है. यह किसान भाइयों के लिए काफी जरूरी और उपयोगी साबित होगी.

इस अंक के साथ हमने आप पाठकों की सलाह पर कुछ बदलाव भी किये हैं. हमेशा पंचायतनामा को और आकर्षक व संग्रहणीय बनाने की हमारी कोशिश होती है. इसके तहत ही आपकी सलाह के मुताबिक हर अंक को तैयार करने की कोशिश की जाती है. उम्मीद है कि जो बदलाव किये गये हैं, उसे आप पसंद करेंगे.

आपको यह अंक कैसा लगा, हमें जरूर बताइएगा. 

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