badi khabar

  • Sep 2 2019 1:10PM

महात्मा गांधी के परम भक्त टानाभगत

महात्मा गांधी के परम भक्त टानाभगत

झारखंड के टानाभगत महात्मा गांधी के अनन्य भक्त हैं. सत्य और अहिंसा के पुजारी टानाभगतों की गांधीगीरी में आप बापू की छवि देख सकते हैं. आज जहां झूठ-फरेब का बोलबाला है. ऐसे में सन्मार्ग पर चलने वाले टानाभगतों की सादगी बरबस आपको आकर्षित करेगी. दुर्दिन में भी संयमित जीवन जीनेवाले शाकाहारी टानाभगत आज भी समाज के लिए प्रेरणा हैं. देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करनेवाला ये दुनिया का इकलौता समुदाय है, जो वक्त के साथ नहीं बदला और आज भी गांधी के आदर्शों पर चल रहा है. सुबह और रात में भोजन से पहले रोजाना तिरंगे की पूजा करनेवाला यह इकलौता प्रकृति प्रेमी समुदाय है, जो राष्ट्र प्रेम को लेकर देश को आईना दिखा रहा है

प्रार्थना

1. टन-टन टाना, टाना बाबा टाना, भूत-भूतनी के टाना
टाना बाबा टाना, कोना-कुची भूत-भूतनी के टाना
टाना बाबा टाना, लुकल-छिपल भूत-भूतनी के टाना

( ओ पिता! ओ माता! देश की जान लेनेवाले, आदिवासियों को लूटने-मारनेवाले सभी तरह के भूत-भूतनियों को खींच कर देश से बाहर करने में हमारी मदद करो).

नारा
2. टान टुन टाना बाबा टाना
पूरब में टाना, पश्चिम में टाना
कांसा, पीतर मना, ढकना में खाना
मांस, मदिरा मना, हड़िया, दारू मना
टान टुन टाना बाबा टाना

(बाहर से आये कांसा-पीतर के बर्तनों को छोड़ कर अपने गांव में बने मिट्टी के बर्तनों-पत्तों के दोने पर खाओ. मांस, मदिरा और हड़िया छोड़ो).