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  • Apr 16 2019 5:54PM

खाना बनाना हुआ आसान, अब आंखों से नहीं गिरता आंसू

खाना बनाना हुआ आसान, अब आंखों से नहीं गिरता आंसू

रवींद्र यादव
जिला: पश्चिमी सिंहभूम

पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत नोवामुंडी प्रखंड क्षेत्र की ग्रामीण महिलाएं उज्ज्वला योजना का लाभ उठा कर काफी खुश दिख रही हैं. कल तक लकड़ी व कोयले से खाना बनाती इन महिलाओं को अब नि:शुल्क गैस कनेक्शन मिलने से धुएं से आजादी मिल गयी है. वहीं, लकड़ी चुनने के लिए आसपास के जंगलों में जाने से भी मुक्ति मिली है. इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं को एक साथ दोहरी खुशियां दी हैं.

लाभुक महिलाओं की राय
1.
चूल्हा फूंकने से मिली मुक्ति : शकुंतला नायक
स्टेशन एरिया में रहनेवाली शकुंतला नायक कहती हैं कि उज्ज्वला योजना से जीवन में नया उजाला लाया है. अब महिलाएं चूल्हों को फूंक मारना बंद कर दी हैं, वहीं धुएं से भी छूटकारा मिला है. पहले खाना बनाने के दौरान हम महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है.

2. परेशानियों से मिल गयी निजात : संको देवी
गृहिणी संको देवी कहती हैं कि सरकार ने महिलाओं की परेशानियों को समझ कर इस समस्या का निदान निकाला है. नि:शुल्क गैस सिलेंडर व चूल्हा उपलब्ध कराने से कई परेशानियों से एक साथ निजात मिल गयी है. अब समय की भी काफी बचत होती है. उस बचे हुए समय में अन्य कार्य करने का मौका मिल जाता है.

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3. अब आंखों से नहीं गिरता पानी : गुरबारी चातर
गृहिणी गुरवारी चातर बताती हैं कि पहले लकड़ी चूल्हा पर खाना बनाने के कारण धुएं से आंख- नाक से पानी निकलता था. एक हाथ हमेशा पल्लू को पकड़े रहने पड़ता था, ताकि आंख से गिरे पानी को पोंछ सकें, लेकिन उज्ज्वला योजना से हम ग्रामीण महिलाओं को काफा फायदा मिल रहा है. अब आंखों से पानी नहीं गिरता है.

4. ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार अपनाएं : संगीता पात्रो
गृहिणी संगीता पात्रो कहती हैं कि इस योजना से जुड़ने से काफी लाभ मिला है. नि:शुल्क गैस सिलेंडर व चूल्हा मिला. खाना बनाने में सहूलियत हुई, लेकिन गैस खत्म होने पर उसे भराने की चिंता जरूर रहती है. यह सिर्फ उनकी समस्या नहीं है, बल्कि हर लाभुक के साथ है. उज्जवला योजना के कारण उन्हें धुएं से आजादी मिल गयी है.