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  • Sep 3 2019 1:46PM

अब सड़क किनारे राहगीरों को मिलती हैं हरी सब्जियां

अब सड़क किनारे राहगीरों को मिलती हैं हरी सब्जियां

जिला: रामगढ़

कहते हैं जहां चाह, वहां राह. रामगढ़ जिला अंतर्गत गोला, चितरपुर व दुलमी के कई किसानों ने इसे साबित कर दिया है. ये किसान सड़क किनारे हरी सब्जियों की अपनी दुकान लगाते हैं और देखते ही देखते उनकी सभी सब्जियां बिक जाती हैं. इससे जहां लोगों को हरी सब्जियां कम कीमत में मिल जाती हैं, वहीं इलाके के किसानों की आमदनी भी अच्छी हो जाती है. रामगढ़-बोकारो मार्ग के मुरुबंदा, छोटकीपोना, चितरपुर, सोसोकला स्थित टोल गेट एवं गोला-चारु पथ के कुल्ही में दर्जनों किसानों को सड़क किनारे सब्जियों की दुकान लगाते आप देख सकते हैं. खासकर टोल गेट के समीप टैक्स देने के लिए जब वाहन रुकते हैं, उस समय यहां सब्जी व मकई खरीदने वालों की भीड़ लगी रहती है. सब्जी बेचने वाले किसान हर दिन करीब पांच से सात सौ रुपये की आमदनी कर लेते हैं

सड़क किनारे स्वरोजगार
सड़क किनारे सब्जी बेचने की तरकीब को अब लोगों ने अपना लिया है. इससे कई लोगों को स्वरोजगार भी मिलने लगा है. गोला प्रखंड क्षेत्र के सोसोकला स्थित टोल गेट के समीप 20 से 30 लोग, तो गोला-चारु पथ के कुल्ही में 25-30 लोग एवं रामगढ़-बोकारो मार्ग के मुरुबंदा व छोटकीपोना में 30-40 लोग भी सब्जी बेचते हैं.

राहगीरों की पहली पसंद है मकई
हर मौसम में यहां मकई बिकता है. नजर पड़ते ही लोग रुकते हैं और पकाया एवं कच्चा मकई खरीदते हैं. इसके अलावा लोग इन जगहों से हरी सब्जियां जैसे- भिंडी, नेनुआ, कद्दू, बोदी, करैला, बैंगन, झींगा, परवल, पटल, कुंदरी के अलावा आलू, प्याज, टमाटर सहित कई सब्जियां खरीदते हैं.

अब बाजार नहीं, सड़क किनारे बेचते हैं सब्जियां
कुल्ही के किसान विष्णु महतो और अर्जुन महतो का कहना है कि सड़क बनने से हमें स्वरोजगार मिला है. सब्जी बेचने के लिए पहले उन्हें 10-12 किलोमीटर दूर बाजार जाना पड़ता था, लेकिन अब ये घर के सामने ही सड़क किनारे बैठकर सब्जी बेचते हैं. उधर मुरुबंदा में सब्जी बेच रहे कुलेश्वर महतो, सूरजनाथ महतो, हरिदास महतो, डांसा महतो, ओमप्रकाश महतो, फूलचंद महतो सहित कई किसानों ने कहा कि खेत से फसल तोड़ने के बाद सीधे सड़क किनारे बैठ कर इसे बेचते हैं. टोल गेट के समीप भगतु महतो, बिनु करमाली, चुनी महतो, सुखलाल महतो, मीना देवी, प्रमिला देवी, ललिता देवी, वीणा देवी, खीरु महतो सहित अन्य किसान यहां सब्जी का व्यापार करते हैं.

जब भी गुजरते हैं, सब्जियां जरूर लेते हैं : राहगीर
गोला-चारु पथ से गुजर रहे बोकारो निवासी एसके मिश्रा ने कुल्ही में रुक कर अपने परिजनों के साथ भुट्टे का आनंद लिया. सब्जियां भी खरीदीं. वह कहते हैं कि जब भी इधर से गुजरते हैं, तो सब्जियां जरूर खरीदते हैं.

कुल्ही गांव की रौनक बढ़ी
गोला-चारु पथ बनने के बाद दुलमी प्रखंड के कुल्ही गांव की रौनक बढ़ गयी है. सड़क किनारे जहां कई लोग स्वरोजगार कर रहे हैं. वहीं कई लोग सब्जी बेच कर भी अपने परिजनों का भरण-पोषण कर रहे हैं. पहले यहां के लोग सब्जी बेचने के लिए गोला, चितरपुर, सिकिदिरी बाजार जाते थे, लेकिन अब ये कुल्ही में ही सब्जी की दुकान लगाते हैं.