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  • Jan 19 2017 9:52AM

किसान व एसएचजी सदस्यों को सहूलियत

किसान व एसएचजी सदस्यों को सहूलियत
केंद्र सरकार ने आठ नवंबर की मध्य रात्रि से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का प्रचलन बंद कर दिया. अगले दो दिनों तक यानि नौ और 10 नवंबर को बैंक और एटीएम बंद रहे. सरकार ने इन नोटों के बदले 500 और 2000 रुपये का नया नोट जारी किया. सरकार के नोटबंदी के इस फैसले के बाद लोगों को नये नोट लेने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ी. 
 
इस दौरान भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार ने नागरिकों और खास करके किसानों व एसएचजी सदस्यों के लिए कुछ सहूलियत भी दी है क्योंकि किसान धान की फसल काट कर बेच नहीं पाये हैं और रबी फसल के बीज खरीदने के लिए इनके पास पुराने वाले 500 रुपये के नोट पड़े हैं. जानिये सरकार ने किसानों, एसएचजी सदस्यों और ग्रामीणों के लिए नोटबंदी में क्या-क्या रियायतें दी है.
 
किसान लैंपस और पैक्स से बीज की खरीद के लिए केवल 500 रुपये केे पुराने नोट का इस्तेमाल कर सकेंगे. नोटबंदी के बाद किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से बीज खरीदने के लिए पुराने नोट का इस्तेमाल करने के लिए किसानों को अपना पहचान पत्र दिखाना होगा.
 
राज्य में सक्रिय नक्सली व उग्रवादी संगठन लेवी के रूप में इक्कठा किये गये रुपयों को ग्रामीणों के खातों में जमाकर इन पुराने नोटों को बदलने की कोशिश कर रहे हैं. जानकारी के मुताबि, उग्रवादियों ने चतरा के लावालौंग, बगड़ा और सिमरिया में ग्रामीणों के जन-धन खाता, वृद्धा पेंशन खाता, छात्रवृत्ति योजना खाता, मनरेगा तथा  बचत खातों में रुपये जमा कराये हैं. टीपीसी की करीब 10 करोड़ से अधिक की रकम ग्रामीणों ने अपने एकाउंट में जमा कराया है. यह रकम चतरा के लावालौंग, बगड़ा मोड़ और सिमरिया स्थित बैंकों की शाखाओं में जमा किये गये हैं. इसलिए ग्रामीण, किसान और एसएचजी सदस्यों को सर्तक रहने की जरूरत है ताकि उनके  खाते के माध्यम से कालाधन का खेल ना हो. रुपये लेन-देन में पूरी तरह से  सर्तकता बरतें.
 
बिजली का बकाया या चालू बिलों के भुगतान के लिए 500 या 1000 रुपये के पुराने नोटों का इस्तेमाल किया जा सकता है. पुराने नोटों का इस्तेमाल केवल घरेलू कनेक्शन के लिए ही किया जा सकता है.
 
ग्रामीण या किसान किसी रकम के नोट या सिक्का के नकली होने के अफवाह पर ध्यान न दें. अगर ऐसी कोई भी अफवाह हो तो आप नजदीक के किसी बैंक में जाकर बैंक अधिकारी से अफवाह पर सही सूचना प्राप्त कर सकते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक ने 10 रुपये के नकली सिक्के के परिचालन में होने की अफवाह को खारिज करते हुए ऐसी झूठी अफवाहों पर ध्यान नहीं देने को कहा है. केंद्रीय बैंक ने लोगों से सभी प्रकार के सौदों में बिना किसी झिझक के इन सिक्कों को स्वीकार करने को कहा है. 10 रुपये के नोट पर अंकित " या इसके नहीं रहने की स्थिति यानी दोनों स्थिति वाले 10 रुपये के सिक्के सही है और बाजार में जारी है. 
 
जिन किसानों ने फसल ऋण ले रखा है, वे अपने केसीसी के खाता से हर हफ्ते 25 हजार रुपये निकाल सकेंगे. जिन किसानों को माल की कीमत चेक या इलेक्ट्रानिक तरीके से मिली है, वे भी उस पेमेंट सेे हफ्ते में 25 हजार रुपये निकाल सकते हैं. खाता केवाइसी अपडेट होनी चाहिए. 
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाएं स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों के लिए दो घंटे बैंकिंग कार्य करेगा. सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक एसएचजी महिला सदस्यों के लिए बैंकों में विशेषरूप से कार्य होंगे. 
 
मंडियों में किसानों के लिए खाता खोलने की भी नियमित प्रक्रिया जारी है. 25 हजार रुपये तक निकालने की छूट का प्रावधान है. बीज खरीदने के लिए भारतीय बीज निगम, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संस्थानों, विश्वविद्यालयों, राज्य बीज निगम एवं उससे संबंधित बीज बिक्री केंद्रों पर 500 के पुराने नोट की भी अनुमति दी गयी है. कृषि की आमदनी से जमा 500 और 1000 रुपये के नोट जमा करने पर किसी प्रकार का टैक्स भी नहीं है.
 
किसान अपने घर परिवार में शादी होने पर केवाइसी युक्त खाते से एक बार में ढाई लाख रुपये तक निकाल सकते हैं. यह राशि माता-पिता या विवाह सूत्र में बंधने वाले व्यक्ति ही निकाल सकते हैं. ढाई लाख रुपये की सीमा लड़के और लड़की के परिवार के लिए अलग-अलग लागू होगी. इसके लिए शादी कार्ड, पैन कार्ड का ब्योरा और एक घोषणा पत्र भी देना होगा कि राशि किसी एक खाते से निकाली जा रही है और उस राशि का किस तरह से उपयोग हो रहा है.
 
अब हर मंगलवार दो घंटे एसएचजी सदस्यों का बैंकों में हाेगा काम
 
नोटबंदी को लेकर ग्रामीणों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए राज्य सरकार ने कई कारगर कदम उठाये हैं. इसी के तहत राज्य में पांच हजार से अधिक आबादी वाले करीब 102 गांवों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है. ऐसे सभी 102 गांवों में जिला पुलिस-प्रशासन व अग्रणी बैंक अधिकारी एक मोबाइल टीम गठित कर राशि भेजने की व्यवस्था करेंगे. इस संबंध के आलोक में झारखंड सरकार के योजना व वित्त विभाग के विकास आयुक्त अमित खरे ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों, जिला अधीक्षकों और जिलों के अग्रणी बैंक प्रबंधकों को पत्र लिखकर नोटबंदी के बाद उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने संबंधी निर्देश जारी किया है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाएं मंगलवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक केवल महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों का बैंकिंग कार्य करेगा. साथ ही बैंकिंग कॉरसपोंडेंट के लिए राशि प्रबंधन की सीमा 50,000 रुपये तक बढ़ा दी गयी है. वहीं सैन्य बलों को उनके छावनी या कैंप में जाकर राशि वितरण की व्यवस्था करने का निर्देश बैंकों को दिया गया है. यह सभी निर्देश आरबीआइ के गाइडलाइंस के मुताबिक ही दिया गया है.