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  • Feb 16 2017 9:27AM

झारखंड का बजट : रघुवर लेकर आये गांव गरीब का बजट

झारखंड का बजट : रघुवर लेकर आये गांव गरीब का बजट
गांवों व पंचायतों को क्रियाशील बनायेगी सरकार
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वित्तीय वर्ष 2017-18 का बजट पेश किया. बजट के बारे में आपने पढ़ भी लिया होगा. सरकार ने इस बार शिक्षा और कृषि पर विशेष बल देते हुए पंचायतों को क्रियाशील बनाने पर जोर दिया है. इस साल को मुख्यमंत्री ने जहां गरीब कल्याण वर्ष घोषित किया गया है, वहीं वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने संबंधी योजनाओं के बारे में भी बताया है. इस बजट के माध्यम से यह बताया गया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देते हुए गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, कृषि विकास, ग्रामीण सड़क और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण, सिंचाई सुविधा में विस्तार, अकुशल श्रम शक्ति को कुशल श्रम बनाने से ग्रामीण क्षेत्रों में गुणात्मक परिवर्ततन लाया जा सकता है. 
 
आइये जानते हैं कि इस बार के  बजट में आपके लिए क्या कुछ खास है
 
कृषि, पशुपालन एवं सिंचाई 
कृषि, पशुपालन, सहकारिता, सिंचाई के माध्यम से ग्रामीणों की आय में दो गुणा बढ़ोत्तरी करना
कृषि बजट में 12 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है
100 नये कृषि सिंगल विंडो सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव. वर्तमान में 66 कृषि सिंगल विंडो सेंटर स्थापित 
ग्रामीण कृषि हाट निर्माण पर जोर
गोड्डा में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना
19 अनुमंडल (जो जिला मुख्यालय में नहीं है) में अनुमंडल स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना
रांची समेत देवघर, गुमला व गिरिडीह में शीत गृह निर्माण की स्वीकृति
जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चयनित जिलों में जैविक प्रमाणिकरण की योजना
हर पंचायत में किसान पाठशाला का आयोजन
पंचायत मुख्यालयों में कृषि उपकरण बैंक की स्थापना
25 हजार किसानों को सिंचाई सुविधा के विस्तार के लिए पंप सेट उपलब्ध कराना
जमशेदपुर एवं गिरिडीह में 50 हजार लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट स्थापित करने की योजना
दुधारू पशुओं के समुचित पशु चिकित्सा के लिए चलंत पशु चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना
पशु पालकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पशुपालक पुरस्कार योजना
वेद व्यास आवास योजना के तहत मत्स्य पालकों के तीन हजार अतिरिक्त इकाइयों के आवास निर्माण की योजना
मत्स्य पालकों को बढ़ावा देने के लिए पुराने जलाशयों का जिर्णोद्धार
ग्रामीण विकास 
 
मनरेगा के तहत गांवों में और चार लाख नये डोभों का निर्माण होगा
इन डोभों से सिंचाई के अतिरिक्त सब्जी उत्पादन, मछली पालन एवं वृक्षारोपण के माध्यम से लाभुकों की आया बढ़ाने पर जोर
ग्रामीण संगठनों को पंचायत भवनों में कमरा उपलब्ध कराया जायेगा
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.58 लाख अतिरिक्त नये घर बनाये जायेंगे
विश्व बैंक से ऋण प्राप्त करने के लिए ‘जोहार’ परियोजना का गठन
ग्रामीण सड़कों के मरम्मतीकरण के लिए 325 करोड़ रुपये का प्रावधान
ग्रामीण क्षेत्रों में 150 लंबे पुलों का निर्माण होगा
महिला सशक्तीकरण
 
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम का विस्तार 200 प्रखंडों तक करते हुए 1,21,000 सखी मंडलों,  6000 ग्राम संगठनों एवं 320 संकुल स्तरीय संगठनों का गठन होगा
 
चार लाख परिवारों को विभिन्न रोजगारमूलक गतिविधियों जैसे- सब्जी व लाह उत्पादन, बकरी व मुर्गी पालन तथा लघु कुटीर उद्योग से जोड़ा जायेगा
 
उद्यमी सखी मंडल का गठन कर गांवों में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा 
राज्य के सभी प्रखंडों में सखी मंडलों को समान दर पर ऋण मुहैया कराना
एक लाख सखी मंडलों को स्मार्टफोन मिलेगा
5000 बीपीएल महिलाओं को 90 प्रतिशत अनुदान पर दुधारू गाय मिलेगा
सखी मंडलों के संकुल स्तरीय संगठनों के अपने परिसर निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये की योजना प्रत्येक प्रखंड में कम-से-कम एक पालना घर का संचालन सभी आंगनबाड़ी केंद्रो में चूल्हा सहित एलपीजी कनेक्शन की व्यवस्था होगी
प्रत्येक संकुल स्तर के सखी मंडलों को गैस कनेक्शन मिलेगा
सुदूर क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय बस सेवा की शुरुआत
दुमका, गिरिडीह, हजारीबाग, देवघर, चाईबासा एवं पलामू में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण
शिक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं कौशल विकास
 
विद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं के तहत प्रत्येक विद्यालय में बेंच-डेस्क की होगी सुविधा
आगामी दो वर्षों में सभी विद्यालयों में बिजली की सुविधा होगी उपलब्ध
नेतरहाट आवासीय विद्यालय या इंदिरा गांधी आवासीय विद्यालय, हजारीबाग की तर्ज पर दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, कोल्हान एवं संताल परगना प्रमंडल में एक-एक आवासीय विद्यालय की होगी स्थापना
इंदिरा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का विस्तार प्लस टू तक होगा
मुख्यमंत्री शैक्षणिक भ्रमण योजना के तहत छात्र-छात्राओं को राज्य के बाहर शैक्षणिक भ्रमण करने का मिलेगा मौका
प्रत्येक विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना के लिए गैस कनेक्शन की मिलेगी सुविधा
सभी पंचायतों के लिए आगामी तीन वर्षों में ग्रामीण पुस्तकालय की व्यवस्था होगी
 
कक्षा एक से पांच तक की पाठ्य पुस्तकें और कक्षा एक एवं दो के लिए पांच जनजातीय भाषाओं में पाठ्य-पुस्तकें तैयार होगा
कक्षा छह से आठ तक की अपनी पाठ्य पुस्तकें तथा बंगला एवं उड़िया भाषा में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने की योजना
आकांक्षा कार्यक्रम के तहत राज्य के बच्चों के लिए तकनीकी संस्थानों (इंजीनियरिंग व मेडकल) में सफलता प्राप्त करने संबंधी कोचिंग के साथ-साथ करियर कॉउंसिलिंग कराया जा रहा है. अब कक्षा नौवमी व दसवीं में इसे लागू करने की योजना है
 
बच्चों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यालयों में शिक्षकों की ससमय उपस्थित की मॉनिटरिंग करने के उद्देश्य से ई-विद्यावाहिनी कार्यक्रम की शुरुआत हुई है. इसके तहत प्रत्येक सरकारी विद्यालयों को एक-एक टैबलेट देने की योजना है
 
विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय की होगी स्थापना
 
मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा की पढ़ाई व शोध कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना की शुरुआत होगी
मेक इन झारखंड को सफल बनाने के उद्देश्य से आगामी पांच वर्षों में 20 लाख युवक-युवतियों को रोजगारन्मुखी कौशल विकास का प्रशिक्षण देना है
 
स्वास्थ्य 
 
राज्य में नर्सिंग की कमी को दूर करने के उद्देश्य से पांच जिलों में एएनएम स्कूल खोलने का प्रस्ताव है. ये जिले देवघर, पाकुड़, लोहरदगा, लातेहार व कोडरमा हैं 
 
पारा मेडिकल कर्मियों की कमी दूर करने के उद्देश्य से सभी प्रमंडल मुख्यायलों में फार्मेसी संस्थान खुलेंगे
पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा और बोकारों जिले में 500 बेड का मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का होगा निर्माण 
 
पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 50 स्वास्थ्य उपकेंद्र को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा
अनुसूचित जाति, जनजाति, आदिम जनजाति तथा अल्पसंख्यकों का समग्र विकास
 
मुख्यमंत्री शिक्षा ऋण गारंटी फंड का गठन
 
इसके तहत अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ी जाति के छात्र-छात्राओं को बैंकों से शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पहली बार 50 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान
 
बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हो एवं अन्य शहीदों के गांवों में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने एवं उनकी जन्मभूमि को विकसित करने के लिए 30 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान
 
राज्य में पहली बार टाना भगत विकास प्राधिकार का गठन होगा, इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान है
डाकिया योजना की शुरुआत, इसके तहत आदिम जनजाति परिवारों को प्रति परिवार 35 किलोग्राम खाद्यान्न पैकेज घर पर उपलब्ध होंगे
सरना-मसना घेराबंदी योजना मद में दोगुनी राशि की वृद्धि की गयी है
मानकी, मुंडा, ग्राम प्रधान व डाकुआ को सम्मान राशि मिलेगी. इसके तहत मानकी को तीन हजार रुपये प्रतिमान, मुंडा को दो हजार रुपये, ग्राम प्रधान को दो हजार रुपये और डाकुआ को एक हजार रुपये प्रतिमाह सम्मान राशि दिया जायेगा