badte gaao

  • Nov 3 2017 1:28PM

हैं परेशान, तो यहां है समाधान

हैं परेशान, तो यहां है समाधान
किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार कई योजनाएं धरातल पर उतारती है. कीट व बीमारियों से फसल नुकसान से लेकर खेती से जुड़ी अन्य समस्याएं जानने और उसके समाधान को लेकर कॉल सेंटर की व्यवस्था की गयी है. इस अंक में किसानों की समस्याओं के समाधान के बारे में बताया गया है, ताकि किसान भाई-बहन उसका लाभ उठा सकें. दूसरी ओर ग्रामीणों को नि:शुल्क कानूनी सहायता कैसे मिले, इसकी भी जानकारी दी गयी है.
 
कृषक सलाहकार समिति 
प्रखंड स्तर पर प्रत्येक इकार्इ को सलाह देने के साथ-साथ उसके कार्यों की समीक्षा करने के उद्देश्य से कृषक सलाहकार समिति का गठन किया गया है. इसमें प्रखंड के किसान समूहों तथा सभी मुख्य भागीदारों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं. यह समिति प्रखंड प्रसार की प्राथमिकताओं के निर्धारण तथा विभिन्न कार्यक्रमों के लिए साधनों के आवंटन में सहायता करती है. गांव स्तर पर किसान समूहों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ गांव स्तर के समूह, जिला एवं प्रखंड स्तर के समुदाय, संघों, विपणन, सहकारी समितियों तथा दूसरे प्रकार के किसान संघों में किसान समूह शामिल होंगे. इनके प्रतिनिधि सीधे तौर पर प्रखंड स्तर पर किसान सूचना एवं सलाहकार समिति तथा आत्मा की शासी परिषद में शामिल होंगे. आत्मा की शासी परिषद जिले में एक या एक से अधिक गैर सरकारी संगठन का चुनाव करेगी.
 
कृषि क्लीनिक योजना 
राज्य में कृषि क्लीनिक योजना एक नई योजना है. इसका उद्देश्य किसानों को उचित परामर्श देकर कृषि उत्पादकता एवं किसानों की उपज एवं आय में बढ़ोतरी करना है. इस योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में कृषि क्लीनिक खोला जाना है, जिसमें मिट्टी के स्वास्थ्य एवं पौधों के संरक्षण की जानकारी किसानों को दी जायेगी. प्रत्येक जिले के दो पौधा संरक्षण केंद्र या कृषि सूचना तकनीकी केंद्र को कृषि क्लीनिक के रूप में विकसित करने की योजना है. प्रत्येक जिले का पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक/निरीक्षक/प्रखंड तकनीक प्रबंधक/सहायक तकनीक प्रबंधक, कृषि क्लीनिक विशेषज्ञ के रूप में कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी/जिला कृषि पदाधिकारी/परियोजना निदेशक के अंतर्गत कार्य करेंगे.
 
किसान कॉल सेंटर
किसानों की तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा कॉल सेंटर की स्थापना की गयी है. किसान भाई-बहन तकनीकी सलाह लेने के लिए बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची द्वारा स्थापित कॉल सेंटर से भी संपर्क कर सकते हैं. आप फोन नंबर 0651-2550698/2450955 पर फोन कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं. केंद्र सरकार द्वारा स्थापित टॉल फ्री नंबर 1551 पर भी कॉल कर तकनीकी सलाह ली जा सकती है. इसके अलावा मोबाइल नंबर 1800-180-1551 पर फोन कर अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं.

यहां िमलेगी नि:शुल्क कानूनी सहायता
कोर्ट-कचहरी का नाम सुनते ही लोगों के माथे पर पसीना आने लगता है. कोर्ट-कचहरी का चक्कर एवं कोर्ट फीस समेत कई विधिक प्रक्रियाओं से दो-चार होने का भय सताने लगता है. झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार ने विधिक सेवा केंद्र का गठन किया है, ताकि ग्रामीणों को नि:शुल्क पैनल वकीलों की सेवाएं प्राप्त हो सके. इसके अलावा कोर्ट फीस, कानूनी सलाह, गवाह खर्च, नकल प्राप्त करना, आवेदन लिखना, सरकारी योजनाओं के लाभ पाने में मदद आदि में विधिक सेवा केंद्र से सहयोग मिल सकता है. इसके तहत ग्रामीणों को नि:शुल्क मूलभूत विधिक सेवाएं प्रदान की जाती हैं. पैनल अधिवक्ता एवं पारा लीगल वॉलेंटियर इन सेवाओं को ग्रामीणों को उपलब्ध कराते हैं.
 
िकसे िमल सकती है सहायता
विधिक सेवा केंद्र में नि:शुल्क सहायता अनुसूचित जाति या जनजाति के एक सदस्य, प्राकृतिक आपदा से पीड़ित व्यक्ति, मानव तस्करी या बंधुआ मजदूरी का शिकार व्यक्ति, दिव्यांग, मानसिक रूप से अस्वस्थ, महिला या बच्चे, बड़े पैमाने पर आपदा, जातीय हिंसा, सांप्रदायिक हिंसा, बाढ़, सूखा, भूकंप, औद्योगिक आपदा का शिकार व्यक्ति, औद्योगिक कर्मकार, सुरक्षात्मक हिरासत व जिनकी आय वार्षिक एक लाख रुपये से कम है, उन्हें कानूनी लाभ मिल सकता है.
 
पारा लीगल वॉलेंटियर के कार्य
प्रारंभिक सलाह देना. आवेदन लिखना व फॉर्म भरना. सरकारी योजनाओं की जानकारी देना. ग्रामीणों के साथ सरकारी कार्यालय जाना.
पैनल अधिवक्ताओं की सेवाएं प्रदान कराना. ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय लाना, ताकि उन्हें सक्षम विधिक सेवा मिल सके. जागरूकता के लिए पर्ची व किताबों का वितरण करना. विधिक जागरूकता से संबंधित कैंप लगाना. छोटे-मोटे मामलों में समझा-बुझा कर विवाद निपटाना.
 
जिले में लोक अदालत 
जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा विधिक सेवा केंद्र में लोक अदालत का आयोजन किया जाता है. यह लोक अदालत लंबित मुकदमों तथा मुकदमा पूर्व मामलों यानी दोनों तरह के मामलों के लिए आयोजित हो सकते हैं.

चलंत लोक अदालत सह जागरूकता वाहन 
स्थानीय समस्याओं के प्रति विधिक सहायता के लिए चलंत लोक अदालत सह जागरूकता वाहन का उपयोग कर सकते हैं. यहां वन स्टॉप सेंटर की तरह काम करना होता है. यहां बच्चे, महिलाएं, दिव्यांग, बंदीजन, सभी वंचित व समाज के अंतिम व्यक्ति तक को न्याय सुनिश्चित कराया जाता है.
 
कैसे करें संपर्क 
विधिक सेवा केंद्र सप्ताह के सातों दिन सुबह10बजे से छह बजे शाम तक काम करता है, हालांकि काम कम रहने पर विधिक सेवा कार्य दिवस तय कर सकते हैं, लेकिन रविवार और बुधवार को यह केंद्र अवश्य काम करता है. आप पत्राचार, फोन या ई-मेल के माध्यम से भी अपनी समस्या बता कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं. 
 
पता : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, न्याय सदन, एजी ऑफिस के समीप, डोरंडा, रांची.
फोन : 0651-2481520, 2482392.
ई-मेल : jhalsaranchi@gmail.com