blog

  • Aug 3 2018 9:53AM

अपने आइकॉन्स को फॉलो करें, लेकिन सही नहीं है अंधभक्ति

अपने आइकॉन्स को फॉलो करें, लेकिन सही नहीं है अंधभक्ति

विजय बहादुर

vijay@prabhatkhabar.in

www.facebook.com/vijaybahadurranchi/

twitter.com/vb_ranbpositive

अंजुम रहबर की एक मशहूर शायरी है ...
जिनके आंगन में अमीरी का शज़र लगता है
उनका हर ऐब जमाने को हुनर लगता है.

हालिया रिलीज संजय दत्त की बायोपिक मूवी संजू देख रहा था. जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ रही थी, मुझे शोले की मौसी का किरदार और अंजुम रहबर का शेर याद आ रहा था. शोले में एक संवाद में जय (अमिताभ बच्चन) अपने दोस्त वीरू (धर्मेंद्र) की शादी बसंती (हेमा मालिनी) से कराने का प्रस्ताव लेकर मौसी (लीला मिश्रा) के पास जाता है. जय और मौसी का संवाद बीच में बहुत ही रुचिकर है. इसमें जय अपने दोस्त वीरू के सारे ऐब गिनाता है कि वीरू शराबी है, जुआरी है और कभी-कभी कोठे भी जाता है, लेकिन बहुत बढ़िया लड़का है.

उसी तरह संजय दत्त के जीवन की भी कहानी है. ड्रग्स लेना, सैंकड़ों महिलाओं के साथ संबंध, वर्ष 1992 में मुम्बई ब्लास्ट के दौरान एके 56 हथियार रखने के बाद टाडा के तहत जेल में रहना, फिर हथियार रखने के जुर्म में सजा भुगतना. शायद ही कोई ऐसा आरोप हो, जो उनके ऊपर नहीं लगा हो, लेकिन अपने अभिनय की चमक के कारण आज वो लाखों-करोड़ों के आइकॉन हैं.

फेहरिस्त बहुत लंबी है. बॉलीवुड के और सुपर स्टार सलमान खान की कहानी भी हम सभी जानते हैं. फुटपाथ पर सो रहे लोगों को शराब के नशे में कुचलने से लेकर, चिंकारा के अवैध शिकार जैसे कई आरोप उन पर लगे हैं. कई धाराओं के तहत उन पर केस चल रहा है. कुछ मामलों में उन्हें सजा भी हुई है, जिसमें वो बेल लेकर जेल से बाहर हैं.

हाल में फीफा वर्ल्ड कप के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें अर्जेंटीना के पूर्व सुपर स्टार फुटबॉल प्लेयर एक चार्टर्ड प्लेन में कोकीन की तरह का कोई मादक पदार्थ ले रहे थे. माराडोना की लोकप्रियता इतनी है कि सिर्फ मैच देखने के लिए फीफा प्रत्येक मैच के हिसाब से लगभग साढ़े आठ लाख रुपये दे रहा था.

राजनीति के शिखर पर पहुंचने वाले फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति सरकोजी और वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रंगीनियों की कहानी भी बहुत चर्चित रही है.

ऊपर वर्णित सभी नाम अपने-अपने क्षेत्रों में शिखर पर पहुंचनेवाले लोगों के है, लेकिन इनके जीवन का एक पक्ष बहुत ही स्याह है.


इन सेलिब्रिटीज ने अपने जीवन में क्या किया, ये सिर्फ एक पहलू है. दूसरा पहलू है इनके सही या गलत करने का प्रभाव समाज के बहुत बड़े वर्ग खासकर युवाओं पर पड़ता है, क्योंकि समाज इन्हें अपना हीरो मानता है. कहीं न कहीं हम इन सेलिब्रिटीज के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं. इनके गलत कृत्यों को भी हम सही ठहराने की कोशिश करते हैं. बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती है, बल्कि जाने-अनजाने हम उसी राह के राही बनने की कोशिश करते हैं.


कहने का सार है कि हम अपने आइकॉन्स से प्रेरणा लें. उन्होंने जीवन में अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर जो हासिल किया है. उसे फॉलो करें, लेकिन उन पहलुओं पर भी नजर रखें, जो उनके जीवन का स्याह हिस्सा है.