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  • Dec 31 2018 4:52PM

पर्यटकों को लुभाती हैं चांडिल डैम व हसीन वादियां

पर्यटकों को लुभाती हैं चांडिल डैम व हसीन वादियां

सचिंद्र कुमार दास/हिमांशु गोप
चांडिल

सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड का चांडिल डैम व हसीन वादियां पर्यटकों को लुभाती हैं. ये धर्म, पुरातात्विक संग्रहालय, वाटर स्पोर्ट्स, इको टूरिज्म व मस्ती का अदभुत संगम स्थल है. पिकनिक के मौसम में चांडिल डैम, पातकुम संग्रहालय, जयदा मंदिर व दलमा हिल पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहता है. सर्द हवाओं के साथ चांडिल डैम में सैलानियों का पहुंचना शुरू हो गया है. प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर चांडिल डैम में बोटिंग का अलग ही मजा है. इसके लिए चार बोट तैयार हैं. चांडिल डैम में इन दिनों सात समुंदर पार साइबेरिया से पहुंचे विदेशी पक्षी भी सैलानियों को खूब लुभा रहे हैं. इन दिनों यहां हजारों साइबेरियन सीगल का जमघट लगा हुआ है. ये पक्षी चांडिल डैम की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं. केज के जरिये हो रहा मछली पालन भी लोगों को खूब लुभा रहा है. सैलानियों का भरपूर मनोरंजन हो, इसके लिए पूरे डैम परिसर को रंग बिरंगे फूलों से सजाया गया है. साथ ही डैम के दोनों किनारे लगे बड़े-बड़े साल के पेड़ भी पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं

नौका विहार के लिए है खास इंतजाम
चांडिल डैम में नौका विहार के लिए इस बार खास इंतजाम किया गया है. इस वर्ष दो डीलक्स बोट, 9 10 सीटवाला एक-एक बोट, छह सीट वाले दो बोट, चार सीट वाला दो बोट की व्यवस्था है. इसके अलावा तीन वाटर स्कूटर की भी व्यवस्था की गयी है. वाटर स्कूटर युवाओं को काफी पसंद आ रहा है.

काफी आकर्षक है चांडिल डैम में सूर्यास्त का नजारा
चांडिल डैम में शाम के वक्त सूर्यास्त का नजारा अदभुत होता है. इसको देखने के लिए दूर-दराज से काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. चांडिल डैम के ठीक पीछे स्थित पहाड़ी पर सूर्यास्त के दौरान ऐसा लगता है, मानो सूर्य पहाड़ी के नीचे उतर रहा हो. इस दौरान सूर्य की किरणों से फैलनेवाली लालिमा काफी आकर्षक लगती है.

सैलानियों के स्वागत में हमेशा तत्पर समिति के सदस्य
सैलानियों के स्वागत के लिए चांडिल डैम पूरी तरह तैयार है. नौका विहार स्थल पर साफ-सफाई का काफी ध्यान रखा गया है. पिकनिक मनाने आने वालों के लिए खास इंतजाम किया गया है. सैलानियों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए चांडिल बांध मत्स्यजीवी स्वावलंबी सहकारी समिति पूरी तरह से मुस्तैद है. यहां पहुंचने वाले सैलानियों के लिए सुरक्षा से लेकर कार व बाइक के लिए स्टैंड भी बनाये गये हैं. चांडिल बांध मत्स्यजीवी स्वावलंबी सहकारी समिति के सचिव श्यामल मार्डी ने कहा कि चांडिल डैम के ऊपर में पार्किंग की व्यवस्था की गयी है.

शीश महल में संरक्षित है 12 वीं सदी के भग्नावेष
चांडिल डैम के पास स्थित शीश महल पातकुम संग्रहालय में 8वीं से लेकर 12 वीं सदी के 118 प्राचीन भग्नावेष को रखा गया है. चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से मिले अनेक प्राचीन कालीन धरोहर, शिलालेख और कई प्राचीन अवशेषों को यहां संजोकर रखा गया है.

इको टूरिज्म के लिये उपयुक्त स्थल है दलमा हिल
जमशेदपुर से रांची मार्ग पर 18 किमी दूर शहरबेड़ा से दलमा पर्वत श्रृंखला का प्रवेश पथ है. यह स्थान इको टूरिज्म के लिए उपयुक्त स्थल है. इस स्थान से हरी-भरी वादियों में पहाड़ी रास्ता पर 18 किलोमीटर जाने के बाद पर्वत चोटी मिलती है. यहां प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ अनेक धार्मिक स्थल का दर्शन होता है. प्रसिद्ध भगवान शिव मंदिर, दलमा माता का मंदिर, हनुमान जी का मंदिर आदि प्रमुख धार्मिक स्थल हैं. यहां पिकनिक के साथ-साथ आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव किया जा सकता है.

पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है डियर पार्क
दलमा पर्वत चोटी के रास्ते में मुख्य सड़क से तीन किलोमीटर दूर स्थित है मालुकाकोचा का डियर पार्क. माकुलाकोचा हिरण पार्क पर हिरण व सांभर हिरण हैं. गजराज का भी दर्शन होता है.यहां शांत वातावरण में पिकनिक मनाने का आनंद ही अलग है.

भगवान शिव की पूजा के लिए पहुंचें जयदा मंदिर
स्वर्णरेखा नदी किनारे पहाड़ों की गोद में बसा है प्राचीन जयदा शिव मंदिर. जयदा मंदिर में भगवान शिव की पूजा के बाद पिकनिक मनाने का प्रचलन है. यहां नदी के किनारे स्थित मैदानी इलाका पिकनिक के लिए उपयुक्त स्थल है.

कैसे पहुंचें
जमेशदपुर से 30 किलोमीटर की दूरी पर एनएच-33 के पास स्थित है चांडिल डैम. यहां पर्यटकों के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं. यहां पहुंचने वाले लोगों के लिए भोजन तैयार करने से लेकर रेडिमेट भोजन भी उपलब्ध है