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  • Apr 20 2017 11:58AM

नव भारत जागृति केंद्र की विशेष पहल दिव्यांग बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास

नव भारत जागृति केंद्र की विशेष पहल दिव्यांग बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास

आनंद जायसवाल

वर्ष 1971 में चार स्नातक अभियंताओं द्वारा महान सर्वोदयी नेता लोकनायक जयप्रकाश के मार्गदर्शन में नव भारत जागृति केंद्र की स्थापना की गयी थी. भूख, बेरोजगारी, अन्याय और शोषण के खिलाफ एक बेहतर सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था के लिए संस्था द्वारा झारखंड और बिहार में अनेक कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है. यह संस्था सीबीएम-डीएफएटी के सहयोग से दुमका जिला में दिव्यांगों के लिए समुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रम इन दिनों चला रही है. वर्ष 2010 में शुरू यह कार्यक्रम पहले चार प्रखंडों में संचालित था और 2016 से इसका विस्तार सभी 10 प्रखंडों में किया गया है.

इसमें दिव्यांगों की पहचान कर उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका संवर्धन, सामाजिकता और सशक्तीकरण के प्रयास जारी हैं. दिव्यांग बच्चों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना, आस-पास की वस्तुओं को पहचानना और उनके दैनिक जीवन के क्रिया-कलापों जैसे- शौच, ब्रश, स्नान, भोजन, कपड़े पहनना आदि सीखना महत्वपूर्ण होता है और कार्यक्रम के तहत इसका प्रयास किया जाता है. उन्हें फिजियोथेरेपी दी जाती है और वर्तमान में दुमका सदर के 21, काठीकुंड के 20, जामा के 27, जरमुंडी के 23 दिव्यांग बच्चों को यह सुविधा हासिल है. ऐसे बच्चों को बेहतर परिणाम के लिए पोषक आहार भी मिलते हैं.

फिलहाल सदर, जामा, जरमुंडी और काठीकुंड प्रखंडों के 80 बच्चों को पोषक आहार मिल रहे हैं. कार्यक्रम द्वारा दिव्यांग बच्चों को गृह आधारित शिक्षा भी प्रदान की जाती है, जिसमें प्रारंभिक शिक्षा, संकेत भाषा, ब्रेल, रुपये-पैसे की पहचान,  उनकी गिनती करना आदि शामिल है. इसमें दुमका सदर प्रखंड के 20, काठीकुंड के 23, जामा के 16 और जरमुंडी के 16 बच्चे शामिल हैं.

रिंकू में आया आमूल-चूल परिवर्तन 

रिंकू रोशन हांसदा ,पिता- दीनदयाल हांसदा, ग्राम- चंद्रपुरा, प्रखंड- काठीकुंड भी इनमें शामिल है. रिंकू में आये सुधार एक उदाहरण है. इसकी पहचान वर्ष 2011 में हुई थी और उस वह वक्त अक्षम रहकर सिर्फ बिस्तर पर लेटा रहता था. उसे नियमित फिजियोथेरेपी, दैनिक क्रिया-कलापों का प्रशिक्षण और गृह आधारित शिक्षा जैसी गतिविधियों की सहायता से काफी मदद मिली. आज वह अपने सारे निजी कार्य स्वयं करता है और स्कूल भी जाता है.