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  • Sep 13 2017 12:54PM

चार भाइयों ने मिल कर बंजर भूमि पर उगाया सोना

चार भाइयों ने मिल कर बंजर भूमि पर उगाया सोना
मनोज वर्णवाल
बोकारो जिले का अत्यंत पिछड़ा व पलायन के लिए मशहूर है नावाडीह प्रखंड. इस प्रखंड के परसबनी पंचायत अंतर्गत धावाटांड के चार भाइयों ने अपनी अथक मेहनत के बल पर अपने पूर्वजों की लगभग तीन एकड़ बंजर भूमि पर खीरा की खेती कर मिसाल पेश की है. सरकारी तंत्र की उपेक्षा के बावजूद चारों भाइयो की कठिन परश्रिम का परिणाम है कि परती रहनेवाली टांड आज सोना उगल रही है. साथ ही खीरे की महक की खुशबू उन बेरोजगार युवकों को प्रेरित कर रही है, जो रोजी रोजगार के लिए अन्य प्रदेशों में अपना घर-द्वार छोड़ कर पलायन कर रहे हैं.

सरकारी तंत्र की उपेक्षा से नहीं मिली सिंचाई सुविधा
कृषक संतोष महतो ने बताया कि पूर्वजों की परती जमीन तो हमलोगों के पास पर्याप्त है, लेकिन खेती के लिए सिंचाई की सुविधा मयस्सर नहीं है. सिंचाई कूप निर्माण को लेकर प्रखंड कार्यालय से लेकर स्थानीय मुखिया के दरबार की परिक्रमा की गयी, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. खेत के समीप ही किमोजोरिया नाला बहता है, उसमें चेकडैम का निर्माण हो जाता और लिफ्ट एरिगेशन के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जाती, तो मेरी जमीन के आसपास की लगभग 10 एकड़ भूमि पर हरियाली आ जाती. साथ ही कई किसानों की बेरोजगारी भी खत्म हो जाती. उन्होंने बताया कि खीरा के अलावे कम सिंचाई से होनेवाले हल्दी, कंदा, कच्चू, भिंडी एवं बैगन की खेती की जा रही है.

समाजसेवी ने किसान को किया सम्मानित
परसबनी पंचायत के समाजसेवी सह व्याख्याता डेगलाल महतो ने गुरुवार को संतोष महतो के खेतों में लगे खीरा, बैगन, हल्दी व भिंडी का निरीक्षण कर कृषि पुस्तक देकर सम्मानित किया. डेगलाल महतो ने कहा कि पंचायत के युवकों को खेती की प्ररेणा दे, ताकि बेरोजगारी से लोग निजात पा सके तथा समृद्ध गांव का निर्माण हो. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार तथा जिले के वरीय अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र ही सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ किसानों को दिलवाया जायेगा, ताकि कृषि क्षेत्र में यहां के किसान ग्राम पंचायत का नाम रोशन कर सके.

भूखमरी ने खेती के लिए किया प्रेरित 
धावाटांड गांव निवासी माझू महतो के पुत्र संतोष कुमार महतो कहते हैं कि बेरोजगार रहने के कारण घर में भूखमरी की स्थिति आ गयी थी. घर की माली हालत खराब देख कर पिता ने खेती करने के लिए प्रेरित किया. तब फागू महतो, चंद्रशेखर महतो एवं कुलदीप महतो के साथ मिल कर इस वर्ष लगभग तीन एकड़ परती टांड को जून-जुलाई माह में खेतीयुक्त जमीन बना कर व झाड़ियों से घेराबंदी कर खीरा का बीज बोया. लगभग डेढ माह की कड़ी मेहनत रंग लायी और आज हर एक दिन बाद लगभग पांच क्विंटल खीरा खेत से निकलता है. इन खीरों को समीप के फुसरो व गोमो की सब्जी मंडियों में बेच कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं. संतोष कहते हैं कि अगर समय व मौसम ने साथ दिया, तो दो से ढ़ाई लाख रुपये की आमदनी हो सकती है. 

किसानों को मिलेगा सरकारी लाभ : मोतीलाल
प्रखंड बीटीएम मोतीलाल रजक ने कहा कि जल्द ही किसानों द्वारा की जा रही खेती का निरीक्षण कर नयी तकनीक से खेती करने का प्रशिक्षण देकर उन्हें जागरूक किया जायेगा. वरीय अधिकारियों से सिंचाई सुविधा के मुकाबले सुविधा उपलब्ध करवाने का काम किया जायेगा.