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  • Oct 25 2017 12:24PM

शराबबंदी को लेकर पोटका की महिलाएं गोलबंद

शराबबंदी को लेकर पोटका की महिलाएं गोलबंद

विरेंद्र कुमार सिंह

पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका क्षेत्र में शराबबंदी को लेकर महिलाएं गोलबंद हो गयी हैं. यही कारण है कि पोटका प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में महिला समूहों द्वारा शराब बिक्री के खिलाफ जोरदार आंदोलन छेड़ दिया गया है. आंदोलन का असर भी देखने को मिल रहा है. यह अलग बात है कि शराब बिक्री के खिलाफ अभियान छेड़ने पर महिला समूहों को कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद महिलाएं इस आंदोलन को आगे बढ़ा रही हैं.

पिछले दिनों इसी आंदोलन का नजारा देखने को मिला. जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के राजदोहा गांव में 18 महिला समूहों की 250 महिला सदस्यों ने शराब और गांजा बिक्री के खिलाफ विशाल जागरूकता रैली निकाल कर विरोध जताया. रैली का नेतृत्व खेरवाल मार्शल जुमिद महिला समिति, डोमजुड़ी की अध्यक्ष अनीता मुर्मू ने किया. यह रैली राजदोहा गांव के प्रधान टोला, कंसारी टोला, प्रमुख नगर, डुंगरी समेत अन्य टोलाें में निकाली गयी. 

प्रशासन करे कार्रवाई : महिला समिति के सदस्यों का आरोप है कि राजदोहा क्षेत्र में शराब बनाने एवं बेचने का धंधा जारी है. प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. शराब का सेवन करनेवाले असमय मौत के मुंह में समा जा रहे हैं. शराब के कारण दर्जनों घर उजड़ चुके हैं. सदस्यों ने कहा कि अब भी प्रशासन की ओर से इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो महिलाएं उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगी.

बसंती सरदार के विरोध का दिखा असर : पोटका प्रखंड के लिए यह कोई नयी बात नहीं है. ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां महिलाओं ने शराब बिक्री पर रोक लगा दी है. इसका असर भी देखा जा रहा है. पोटका का माटकू क्षेत्र अवैध शराब के धंधे के लिए सुरक्षित इलाका माना जाता है. इसके बाद भी माटकू की स्वयंसेवी बसंती सरदार ने गांव में आंदोलन चला कर अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने को मजबूर कर दिया. उन्हें इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा. इसी तरह सानग्राम, टांगराइन, पोड़ाडीहा, हाथीबिंदा, कौवाली पंचायत क्षेत्रों में भी शराब बिक्री के खिलाफ मुखिया ने रैली निकाली. 

अपने घर से करें शुरुआत : अनीता
डोमजुड़ी पंचायत की पूर्व मुखिया व महिला समिति की अध्यक्ष अनीता मुर्मू कहती हैं कि यह रैली महिलाओं को जागरूक करने के लिए निकाली गयी है. सर्वप्रथम महिलाएं अपने घर की जिम्मेवारी उठायें. वे अपने पति को नशा से दूर रखें. हर महिला जब अपने-अपने घर के पुरुष सदस्यों को नशापान से दूर रखेगी, तो हमें किसी बाहरी लोगों या संगठनों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा. इससे खुद-ब-खुद इलाके में नशापान की बिक्री बंद हो जायेगी.

महिलाओं ने ठानी शराबबंदी : लिपिका
मां सरस्वती महिला समिति की अध्यक्ष लिपिका सरदार का कहना है कि गांव में शराब बिक्री पर रोक लगनी चाहिए. कहती हैं कि हम महिलाएं अवैध शराब बिक्री का विरोध करती हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोबारा शराब बिक्री होने लगती है. शराब से यहां के कई घर उजड़ चुके हैं. इस बार हम महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्र में पूर्ण शराबबंदी ठानी है और इसे अंजाम तक पहुंचाया जायेगा. 

शराब से कइयों का घर उजड़ा : दीपा
मां लक्ष्मी महिला समिति की दीपा कंसारी कहती हैं कि नशापान का जो सेवन किया, उसका घर-परिवार उजड़ गया. ऐसे में इस धंधे को बढ़ावा देना जिंदगी से खिलवाड़ करना है. नशा का समाज पर बुरा असर पड़ रहा है.अब किसी सूरत में गांव में शराब की बिक्री नहीं होने देंगे, इतना ही नहीं अगर हमारे पति भी शराब पीकर घर आयेंगे, तो हम उनका भी विरोध करेंगे.

रैली में शामिल महिला समिति की सदस्य : इस रैली में टुडू रसिका महिला समिति की अध्यक्ष प्यारी हांसदा, गंगा मइया महिला समिति की अध्यक्ष गीता पात्र, सरना महिला समिति की अंजली मुर्मू, खेरवाल मार्शल जुमिद की अनीता मुर्मू, मां शीतला महिला समिति की अध्यक्ष बदनी कंसारी, मां सरस्वती महिला समिति की लिपिका सरदार, मां लक्ष्मी महिला समिति की दीपा कंसारी, विदू चांदा महिला समिति की मधो हांसदा, मार्शल महिला समिति की सेवती टुडू, माली बाहा महिला समिति की रामी हेंब्रम, राधाकृष्ण महिला समिति की फुदनी कंसारी, मां संतोषी महिला समिति की सिंगो मुर्मू, बाहा झरना महिला समिति की माया मुर्मू, आदिम भूमिज महिला समिति की सुलोचना सरदार सहित अन्य महिला समितियों की अध्यक्ष समेत अन्य सदस्य रैली में शामिल थीं.