gram savraj

  • Sep 18 2018 4:25PM

इजराइल से लौटे किसान गंदूरा उरांव उन्नत तकनीक से करेंगे खेती

इजराइल से लौटे किसान गंदूरा उरांव उन्नत तकनीक से करेंगे खेती

पंचायतनामा डेस्क

पंचायत : कैम्बो
प्रखंड : मांडर
जिला : रांची 

झारखंड सरकार राज्य के किसानों की आमदनी दोगुनी करने का भरसक प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में राज्य के 26 किसानों को इजराइल ले जाकर उन्नत कृषि तकनीक सीखने का अवसर दिया गया, ताकि वे अपने खेतों में इसका उपयोग कर खुद को आर्थिक तौर पर समृद्ध कर सकें. रांची जिला अंतर्गत मांडर प्रखंड के गुड़गुड़जाड़ी गांव के किसान गंदूरा उरांव भी इजराइल गये थे. गंदूरा उरांव पिछले 15 साल से खेती-बारी कर रहे हैं. खेती के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए उन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुका है. उन्हें मुख्यमंत्री रघुवर दास और राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने भी सम्मानित किया है. गुड़गुड़जाड़ी गांव में 95 फीसदी लोग खेती पर आश्रित हैं. कृषि के जरिये गांव के लोग खुशहाल जीवन जी रहे हैं.

कृषि और तकनीक का समन्वय
इजराइल एक ऐसा देश है, जहां कृषि और तकनीक का शानदार समन्वय दिखाई पड़ता है. गंदूरा उरांव समेत अन्य किसानों ने इजराइल में जो देखा, उसे झारखंड में जमीनी स्तर पर उतारना सपने जैसा है. वहां के किसान जागरूक हैं और जानकार भी हैं. वो चीजों को बेहतर तरीके से समझते हैं. उन्हें आधुनिक तकनीक से खेती की पूरी जानकारी है. सरकार से जो भी योजनाएं मिलती हैं, उसका पूरा लाभ उठाते हैं. वहां कृषि से लेकर पशुपालन में तकनीक का इस्तेमाल होता है. हर रोज गाय का दूध निकालने से पहले उनका वजन और चारा खिलाने के बाद वजन किया जाता है, इसके बाद ही मशीन से दूध निकाला जाता है. इससे गाय बीमार भी नहीं पड़ती है.

जल प्रबंधन का बेहतर उदाहरण
किसान गंदूरा उरांव बताते हैं कि इजराइल में बारिश बहुत कम होती है. सप्लाई के जरिए किसानों के खेतों तक पानी पहुंचता है. वहां हर खेत में ड्रीप इरिगेशन एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के तहत सिंचाई की जाती है. हर खेत में पॉली हाउस और ग्रीन हाउस बने हुए हैं. ड्राई जोन होने के बावजूद इजराइल में हर ओर हरियाली दिखती है. चाहे पार्क हो या सड़कों के किनारे पेड़ हों, पूरे देश में हर जगह ड्रीप इरिगेशन प्रणाली से ही सिंचाई की जाती है. सभी किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से पानी मिलता है और अधिक पानी खर्च करने पर जुर्माना भी लिया जाता है. गंदूरा बताते हैं कि लोग वहां अपने मवेशियों को खुला नहीं छोड़ते हैं.

प्रोसेसिंग प्लांट और भंडारण की व्यवस्था
इजराइल में फल और सब्जियों का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है. यहां फल और सब्जियां खराब नहीं होती हैं, क्योंकि वहां भंडारण की उचित व्यवस्था है, जहां किसान अपने उत्पाद रखते हैं. कई किसानों ने खुद का प्रोसेसिंग प्लांट भी लगाया है. गंदूरा बताते हैं कि टीम के साथ वे एक शकरकंद के फार्म में गये थे. जहां एक हजार एकड़ में शकरकंद की खेती की गयी थी. वहां से शकरकंद की प्रोसेसिंग करके विदेश भेजा जाता है. गंदूरा समेत अन्य किसानों ने अनार, संतरा और केले के बगान भी देखे.

नयी तकनीक का हो प्रयोग
इजराइल की खेतों में ड्रीप इरिगेशन प्रणाली के तहत पाइप के बीच में एक चिप लगायी जाती है, जिसके जरिये किसान को खेत की नमी, मिट्टी का प्रकार और पौधों में किस पोषक तत्व की कमी हो रही है, इसकी जानकारी सीधे मोबाइल पर मिल जाती है. इसके हिसाब से किसान खाद का इस्तेमाल करते हैं और सिंचाई भी करते हैं. किसान गंदूरा उस तकनीक का इस्तेमाल अपने खेतों में करना चाहते हैं.

इजराइल की कृषि तकनीक से होगी बेहतर खेती : गंदूरा उरांव
किसान गंदूरा उरांव कहते हैं कि राज्य के किसान मेहनती हैं, पर सही समय और सही जगह पर मेहनत नहीं करते हैं. सबसे पहले झारखंड के किसानों को जागरूक होना होगा और यह संकल्प लेना होगा कि अगर उन्हें सरकार की ओर से अनुदानित दर पर कुछ उपकरण मिलता है, तो उसके महत्व को समझें और उसका बेहतर इस्तेमाल करना सीखें. किसानों को पानी बचाने पर भी जोर देना होगा. कृषि के जरिये बेहतर आय हो सकती है. इजराइल में सीखे उन्नत कृषि तकनीक को वह खेतों में प्रयोग करेंगे. उसे नये किसानों को भी बतायेंगे और उन्हें जागरूक करेंगे.