gram savraj

  • Jul 13 2019 11:23AM

लाल पानी के कलंक से मुक्ति की राह पर कोल्हान

लाल पानी के कलंक से मुक्ति की राह पर कोल्हान

अमित झा

झारखंड में कोल्हान का इलाका अरसे से जल संकट से जूझता रहा है. वर्ष 2000 में अलग राज्य बनने से पहले से ही यह क्षेत्र पानी की समस्या से बेजार होता आया है. पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर, चाईबासा और अन्य हिस्से भौगोलिक रूप से घने जंगलों और पहाड़ों से घिरे हुए हैं. खनन क्षेत्र होने के कारण यहां पानी की बेहद किल्लत रही है. शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में पानी को लेकर संघर्ष करना लोगों की नियति बन गयी थी. पहाड़ी इलाकों में तो कई किलोमीटर दूर पैदल चल कर पानी लाने को लोग मजबूर होते रहे हैं. सारंडा में तो लोग लाल पानी पीने को मजबूर हैं. अब नियति बदलने के दिन शुरू हो चुके हैं. मुख्यमंत्री रघुवर दास कोल्हान को लाल पानी के शाप से मुक्ति दिलाने के लिए टीम झारखंड के साथ मिशन मोड में जुट गये हैं

पानी, रोशनी, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुलभता
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हाल में चाईबासा को कई योजनाओं की सौगात दी है. यहां जल संचयन सप्ताह का शुभारंभ करने के अलावा पेयजल के लिए कई योजनाओं का शिलान्यास भी किया. स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र का उदघाटन करने के अलावा उन्होंने ग्रामीण एलइडी स्ट्रीट लाइट योजना की शुरुआत की. पश्चिमी सिंहभूम में 30, सरायकेला-खरसावां में 28 और पूर्वी सिंहभूम की 39 सरकारी एवं निजी तालाब जीर्णोद्धार योजनाओं का शिलान्यास किया.

जन चौपाल में ग्रामीणों से रूबरू हुए सीएम
मुख्यमंत्री रघुवर दास चक्रधरपुर स्थित चैनपुर में आयोजित जन-चौपाल में बैठे. ग्रामीणों से कहा कि आजादी के बाद से जनता और शासन के बीच दूरी बनी रही. इसी कारण हम विकास की दौड़ में पीछे रह गये. वर्तमान सरकार के 2014 में आने के बाद यह प्रयास किया गया कि शासन और जनता के बीच की खाई को पाटा जाये. यही कारण है कि सरकार जन-चौपाल के माध्यम से आपके बीच आकर आपकी समस्याओं से रूबरू हो रही है, ताकि उन समस्याओं का निराकरण यथाशीघ्र किया जाये. जल्द ही कोल्हान के गांव-गांव में पीने का साफ पानी पहुंचेगा. चक्रधरपुर में 84 करोड़ की लागत से सोलर ऊर्जा के माध्यम से 1200 पेयजलापूर्ति योजना शुरू हो रही है. तीन माह के अंदर इन योजनाओं को पूरा किया जाना है. इस योजना को सभी आदिवासी एवं दलित गांव में लागू किया जायेगा. पांच लघु एवं मध्यम जलापूर्ति योजना जल्द पूरा होने को है. इस योजना से 15 हजार लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा.

हर व्यक्ति तक शुद्ध पानी पहुंचाने का हो रहा प्रयास
चाईबासा में पानी और सड़क अरसे से अहम सवाल रहा है. अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में लोग चापाकल, तालाब, नदी के जलस्त्रोतों पर निर्भर रहते हैं. जहां पानी की कोई सुविधा नहीं है. वहां लोग कुएं पर निर्भर हैं. सरकार ने इसके निदान के लिए योजनाबद्ध तरीके से पहल शुरू कर दी है. पाइपलाइन बिछाकर घर-घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 400 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं. इसी दिशा में पहल हुई थी और अक्तूबर, 2018 में मुख्यमंत्री ने 427.92 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया था. इस राशि से विभिन्न विभागों के कुल 37 योजनाएं संचालित होनी है. सारंडा में बहुत जल्द पाइपलाइन से पेयजलापूर्ति की जायेगी. चाईबासा में पेयजल एवं स्वच्छता अभियान की समीक्षा कुछ माह पूर्व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह ने की थी. उनके अनुसार, सारंडा में पाइपलाइन के जरिये जलापूर्ति के लिए विभाग को डीपीआर तैयार करने को कहा गया था. जल्दी ही एजेंसी के माध्यम से काम शुरू कर दिया जायेगा. योजना के पहले चरण में पानी को रोकने के लिए चेकडैम बनाये जायेंगे. इन चेकडैम से जलमीनार में पानी पहुंचा कर पाइपलाइन से सारंडा के गांवों में पेयजल की आपूर्ति की जायेगी. निर्माणाधीन ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का कार्य जल्द पूर्ण कराने का निर्देश दिया जा चुका है. जिले के सभी प्रखंड कार्यालयों के कैंपस में पाइप द्वारा जलापूर्ति की व्यवस्था एवं एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण करने का भी प्रयास है. विभाग का यह प्रयास है कि प्रखंड कार्यालय जिस पंचायत में है, उस पंचायत के सभी घरों में पाइप से जलापूर्ति की व्यवस्था की जायेगी. प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में अवस्थित जलाशयों का जीर्णोद्धार करें.

कोल्हान के गांवों में लिखी जा रही कामयाबी की गाथा
झारखंड के सभी गांवों को आदर्श गांव बनाना राज्य सरकार का लक्ष्य है. खासकर कोल्हान जैसे पिछड़े इलाके के गांवों में कामयाबी की गाथा लिखी जा रही है. यही वजह है कि अब वहां के गांवों में भी ग्रामीण स्ट्रीट लाइट योजना का शुभारंभ किया गया है, ताकि गांव भी शहर की तरह रोशन रहें. साथ ही गांव की सड़कों को दुरुस्त करने की भी योजना है. गांव की सड़कों को पेभर ब्लॉक के माध्यम से ठीक किया जायेगा. राज्य के सभी 32 हजार गांवों में स्ट्रीट लाइट, पेवर ब्लॉक और सौर ऊर्जा से पेयजलापूर्ति करने की दिशा में कार्य हो रहा है. जन-चौपाल में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का ध्यान कई समस्याओं पर दिलाया था. इस दौरान चक्रधरपुर-चाईबासा सड़क के बगल से होकर चैनपुर गांव आनेवाली जर्जर सड़क जल्द से जल्द बनवाने की मांग की गयी. मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि जल्द ही खराब सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा. चक्रधरपुर-चाईबासा सड़क का चयन निर्माण कार्य के लिए हो चुका है. सड़क निर्माण के दौरान ग्रामीणों से निगरानी रखने को कहा गया है.

ग्रामीण महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
कोल्हान की महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें, इसके लिए भी सरकार प्रयत्नशील है. जन-चौपाल में सीएम ने महिलाओं के स्वावलंबन और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की बात कही. उन्होंने कहा कि चाईबासा और मनोहरपुर में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र खुलेगा. इसके जरिये 300 महिलाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है. चक्रधरपुर में जूता बनाने का प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होगा. इससे प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं सरकारी स्कूलों में उपयोग होनेवाले जूतों का निर्माण कर स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो सकेंगी. उज्ज्वला योजना के तहत राज्य में अबतक 29 लाख महिलाओं को योजना से लाभान्वित किया गया है. राज्य सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2019 तक 14 लाख अन्य महिलाओं को इस योजना से जोड़ना है.

स्वस्थ कोल्हान बनाने का इरादा
चाईबासा में मुख्यमंत्री ने 35 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) का उद्घाटन व 250 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का शुभारंभ कर स्वस्थ कोल्हान बनाने का इरादा जता दिया है. कोल्हान के ग्रामीणों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल रहा है. आयुष्मान भारत योजना से राज्य के 57 लाख लोगों को जोड़ा गया है. राज्य सरकार ने इस योजना से लोगों को लाभान्वित करने के लिए 400 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है. अब तक 32 लाख गोल्डन कार्ड का वितरण हो चुका है. गोल्डन कार्ड प्राप्त करने के लिए देय राशि 30 रुपये अब किसी को नहीं देनी होगी. अब राज्य सरकार मुफ्त में यह कार्ड लोगों को देगी.

मुख्यमंत्री रघुवर दास की इच्छा है कि कोल्हान के लोग अपनी तकदीर अपने ही हाथों संवारें. गांव और गरीबों के जीवन में बदलाव लाये बिना झारखंड आगे नहीं जा सकता. यही वजह है कि टीम झारखंड के सामने राज्य के सभी गांवों को आदर्श गांव बनाने का लक्ष्य है. सरकार जिस प्रतिबद्धता से अपना दायित्व निभा रही, जल्द ही कोल्हान में उम्मीदों का नया सवेरा होगा.