gram savraj

  • Aug 20 2019 12:31PM

आर्थिक समृद्धि की ताकत से दीदियां बनायेंगी नया झारखंड

आर्थिक समृद्धि की ताकत से दीदियां बनायेंगी नया झारखंड

 

 

सखी मंडल की दीदियां जिस इच्छाशक्ति व जुनून के साथ बदलाव की वाहक बन रही हैं और रघुवर सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं. ऐसे में आर्थिक समृद्धि की ताकत से वह जल्द से जल्द नया झारखंड बनाने में अपनी अहम भूमिका निभायेंगी. दीदियां एक-दूसरे से प्रेरणा लें और बेहतर कार्य करें. सरकारी योजनाओं से दीदियों को जोड़कर उनकी जिंदगी खुशहाल बनाने का प्रयास किया जा रहा है. जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) के सीइओ राजीव कुमार रांची के धुर्वा स्थित मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र में आदर्श संकुल संगठनों की पदाधिकारियों के लिए उन्मुखीकरण एवं योजना बनाने के लिए आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे. मौके पर जेएसएलपीएस के सीओओ विष्णु परिदा, स्टेट प्रोग्राम मैनेजर श्रीमंत पात्रा, पूर्णिमा मुखर्जी, रामराज बानरा समेत राज्य के सभी 24 जिलों से आयीं आदर्श संकुल संगठन की दीदियां मौजूद थीं.

आंगनबाड़ी में भोजन व मिट्टी जांचेंगी दीदियां
जेएसएलपीएस के सीइओ राजीव कुमार ने कहा कि एक सितंबर से ग्राम संगठन की दीदियां राज्य के 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में भोजन उपलब्ध करायेंगी. इससे 600 करोड़ का वार्षिक टर्नओवर होगा. जल शक्ति अभियान में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें और इसे सफल बनाएं. तीन महीने में अपनी आय दोगुनी कर बिजनेस का सक्सेस मॉडल बनाएं. कोशिश करें कि पैसा दीदियों के बीच ही रहे. जल्द ही संकुल संगठनों को सरकारी भवन उपलब्ध कराया जायेगा. मिट्टी जांच के लिए 6700 दीदियों का चयन किया गया है. डॉक्टर दीदियों को जांच के लिए मशीन दी जायेगी. इसके एवज में उन्हें 140 रुपये दिये जायेंगे

करोड़पति आदर्श संकुल संगठन की ताकत देखिए
झारखंड में 70 संकुल संगठन हैं. इनमें 54 करोड़पति संकुल संगठन हैं. बैठक में 17 करोड़पति आदर्श संकुल संगठन की अध्यक्ष एवं सचिव मौजूद थीं. इस दौरान इन्होंने कामयाबी की कहानी साझा की, ताकि अन्य दीदियां भी इनसे प्रेरणा लेकर बेहतर कार्य कर सकें. जेएसएलपीएस के पदाधिकारियों ने इन्हें मार्गदर्शन भी दिया.

1. रांची के नामकुम स्थित रामपुर आजीविका महिला संकुल संगठन की अध्यक्ष सिसिलिया कच्छप मैट्रिक पास हैं. वह पहले भी बचत करती थीं, लेकिन आंध्रप्रदेश की दीदियों द्वारा बताये गये बचत के फायदे जानकर काफी प्रभावित हुईं और वर्ष 2014 में मंजर महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ गयीं. इनके संकुल में 648 महिला समूह, 29 ग्राम संगठन, 116 बुजुर्ग समूह, 16 दिव्यांग समूह और सात हजार दीदियां हैं. संकुल संगठन की वार्षिक आय 7 लाख 20 हजार, वार्षिक खर्च 3 लाख रुपये है. बड़ाम ग्राम संगठन की दीदी भोजन बनाते वक्त जल गयी थीं और रिम्स में एडमिट थीं. उन्हें 10 हजार रुपये की मदद की गयी. एक दीदी का पैर टूट गया था. उन्हें भी पांच हजार रुपये का सहयोग किया गया था. पीसीसी सड़क व 124 शौचालय बनवायीं.

2. रांची के अनगड़ा आजीविका महिला संकुल संगठन की अध्यक्ष मोनिका देवी इंटरमीडिएट पास हैं. वर्ष 2015 में ज्ञानदीप महिला समूह से जुड़ीं. इससे पहले वह खेती-बारी करती थीं. सखी मंडल से जुड़ने के बाद ग्राम संगठन की अध्यक्ष बनीं. दिल्ली में बेस्ट ग्राम संगठन का इन्हें अवार्ड मिला है. वर्ष 2017-18 में शराबबंदी के लिए निकाली गयी. इस दौरान शराब बेचनेवाली फूलो देवी प्रभावित होकर समूह से जुड़ गयी थी. अब वह होटल चलाती है और बकरी पालन कर रही है. कई दीदियां सब्जी की बिक्री करती हैं. इनके संकुल संगठन में 402 महिला समूह, 24 ग्राम संगठन व 5250 दीदियां हैं. मंदिर निर्माण में 20 हजार रुपये दे चुकी हैं. एक दीदी के पुत्र के इलाज के लिए 50 हजार रुपये दिये और ऋण माफ कर दिया.

3. रांची के नगड़ी आजीविका महिला संकुल संगठन की अध्यक्ष बसंती उरांइन और सचिव बबीता देवी वर्ष 2016 में जीवन ज्योति महिला समूह से जुड़ीं. इनके संकुल संगठन में 361 महिला समूह, 29 ग्राम संगठन, 8 वृद्ध समूह और करीब साढ़े पांच हजार दीदियां हैं. वर्ष 2016-17 में नगड़ी के सपारोम और जाजपुर में पहला शौचालय बनाया गया. जाजपुर ग्राम संगठन की दीदियां आज चॉकलेट बना रही हैं. चार दीदियां बाहर जाकर प्रशिक्षण दे रही हैं. आंगनबाड़ी केंद्र रोजाना खुल रहा है और गोद भराई कार्यक्रम चलाया गया. एक दीदी कुछ माह पहले कुआं में फिसलकर गिर गयी थी. उनका प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा कराया गया था. दीदी के परिजन को 4 लाख की राशि दी गयी.

4. रांची के बुढ़मू स्थित चेनगड़ा आजीविका महिला संकुल संगठन की अध्यक्ष सुनीता देवी वर्ष 2013 में नावा विहार महिला समूह से जुड़ीं. वह जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करती हैं. वृक्षारोपण के लिए गड्ढा खोदा गया है. दीदियां दूध उत्पादन व कूप निर्माण में लगी हैं. इनके संकुल संगठन में 242महिला समूह, 25 ग्राम संगठन और 2744 दीदियां हैं.

5. पाकुड़ के सरसा आजीविका महिला संकुल संगठन की अध्यक्ष ललिता देवी वर्ष 2016 में महिला समूह से जुड़ीं. संकुल संगठन द्वारा नशामुक्ति के लिए रैली निकाली गयी. 10 शौचालय का निर्माण कराया गया. 11 लाख में एक स्कॉरपियो की खरीदारी की गयी है. एक दीदी द्वारा इसका संचालन किया जा रहा है.

6. रांची के रातू आजीविका महिला संकुल संगठन की अध्यक्ष शीला देवी व सचिव फूलमनी देवी बताती हैं कि महिला समूह से दीदियों का जीवन बदल रहा है. पति की मौत के बाद फूलमनी देवी को सात हजार रुपये की सहयोग राशि दी गयी. बिटिया की पढ़ाई के लिए मीना दीदी 10 हजार का लोन ली थी. 40 दीदियां मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण ली हैं. पलायन रोकने के लिए दोना पत्तल की मशीन लगायेंगी. सप्ताह में बैठक कर एक मुट्ठी चावल जमा करती हैं. बुजुर्ग, विधवा या असहाय को मदद करती हैं.