gram savraj

  • Jul 4 2017 1:22PM

नहीं मिले काम, तो लीजिए बेरोजगारी भत्ता आठ मजदूरों को मिला भत्ता

नहीं मिले काम, तो लीजिए बेरोजगारी भत्ता आठ मजदूरों को मिला भत्ता
पंचायतनामा डेस्क
गुमला जिले के बसिया प्रखंड में आठ मजदूरों को समय पर काम नहीं देने के एवज में 18,578 रुपये का बेरोजगारी भत्ता दिया गया. इन मजदूरों ने काम की मांग की थी लेकिन एक महीने से भी अधिक समय होने के बाद भी इनको प्रखंड प्रशासन द्वारा कार्य उपलब्ध नहीं करवाया गया. इसके एवज में इन आठ मनरेगा मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता दिया गया. इस राशि को जिम्मेवार व्यक्ति ग्राम पंचायत कुम्हारी के पंचायत सेवक से वसूल किया गया. इधर, बेरोजगारी भत्ता मिलने पर मजदूरों में काफी खुशी देखी गयी. मजदूरों ने कहा कि बेरोजगारी भत्ता पाने के एवज में चार माह से परेशान थे और सरकार के साथ संघर्ष करते हुए उन्होंने यह जीत हासिल की है. हालांकि, इसी प्रखंड के आर्या और इटाम पंचायत के कई मजदूर बेरोजगारी भत्ता पाने को परेशान हैं, वहीं राज्य के शिकारीपाड़ा, बंदगांव, खूंटपानी, छतरपुर प्रखंडों में भी मजदूर बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए संघर्षरत हैं. 
 
पहले भी कई मजदूरों को मिला बेरोजगारी भत्ता
इससे पहले बसिया प्रखंड में 14 मजदूरों के बीच बेरोजगारी भत्ता के रूप में 19,516 की राशि हस्तांतरित की गयी. लोहरदगा जिले के किसको प्रखंड में 30 दिसंबर 2016 को 24 मजदूरों को व गिरिडीह जिले के बेंगाबाद प्रखंड में दो साल पहले 336 मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता मिला है. इसके अलावा लातेहार जिले में भी मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता मिला है.
 
क्या है प्रावधान
मनरेगा मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता पाने का अधिकार है. काम मांगे जाने के 15 दिनों के अंदर अगर मजदूर को काम नहीं मिल पाता है, तो वह बेरोजगारी भत्ता पाने का हकदार है. ऐसी स्थिति में बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए मजदूरों को प्रखंड मुख्यालय के सहायता केंद्र या संबंधित अधिकारी को आवेदन देना होगा. आदेवन देने के बाद जांच पड़ताल पर उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा. इसके लिए पहले एक महीने वर्तमान मजदूरी दर का एक-चौथाई और उसके बाद मजदूरी दर का आधा राशि बेरोजगारी भत्ता देय होगा. q
 
 
क्या है मामला
बसिया प्रखंड अंतर्गत कुम्हारी पंचायत के फरसमा गांव के मजदूरों ने पांच जनवरी 2017 को काम की मांग की थी. काम मांगे जाने के बाद भी आठ मजदूरों को काम नहीं मिला. इससे क्षुब्ध इन आठ मजदूरों ने 25 फरवरी 2017 को प्रखंड मुख्यालय के सहायता केंद्र में बेरोजगारी भत्ता पाने संबंधी आवेदन जमा कराया. आवेदन जमा कराने में प्रखंड स्तरीय महिला संघ और नरेगा सहायता केंद्र ने भी सहयोग किया. इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जल्द बेरोजगारी भत्ता दिलाने का आश्वासन भी दिया. बावजूद इसके इन मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता मिलने में विलंब होने लगा. बेरोजगारी भत्ता मिलने में विलंब होने की सूचना पर प्रखंड स्तरीय महिला संघ के सदस्यों ने संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों को अवगत कराया. मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी के संज्ञान में इस मामले को लाया गया. मनरेगा आयुक्त ने बसिया प्रखंड के बीडीओ को अविलंब बेरोजगारी भत्ता दिलवाने का निर्देश दिया. मनरेगा आयुक्त के आदेश पर इन आठ मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता की राशि हस्तांतरित की गयी.