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  • Feb 1 2019 3:23PM

बाल विवाह रोकने में लगी हैं अंजली

बाल विवाह रोकने में लगी हैं अंजली

पवन कुमार
प्रखंड: अनगड़ा
जिला: रांची

अंजली को किसी बच्ची के बाल विवाह की जानकारी जैसे ही मिलती है, वह वहां पहुंच जाती है. इससे बाल विवाह रुक जाता है, लेकिन बाद में लड़की के परिवार वाले उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं. हालांकि, वह इन धमकियों से नहीं डरती हैं. एक ही बार तो मरना है, तो फिर डर किस बात का. यह कहना है जान जोखिम में डालकर बाल विवाह के खिलाफ जंग लड़ रहीं बहादुर बिटिया अंजली कुमारी का. रांची जिले की अनगड़ा पंचायत अंतर्गत नारायण सोसो गांव का जाना-माना नाम हैं अंजली. उनके खुद के पारिवारिक जीवन में भले ही दुखों का पहाड़ टूटा हो, लेकिन बाल विवाह से किसी भी बच्ची का सपना न टूटे. इसके लिए वह हमेशा सजग रहती हैं. एक छोटा-सा मकान, बूढ़े पिता और बुआ के अलावा दो-चार गाय-बकरी, यही अंजली की संपत्ति हैं. खेती के लिए कोई जमीन नहीं है. पिता की पेंशन से घर चलता है. फिर भी जज्बे में कोई कमी नहीं है.

बाल विवाह होता देख मुखर हुईं अंजली
अंजली बताती हैं कि उनके गांव और आस-पास में बाल विवाह होना आम बात थी. गरीबी के कारण मां-बाप अपनी बेटियों की शादी दूसरे राज्य से आये लोगों के साथ कर देते थे. इसका परिणाम बेटियों को भुगतना पड़ता था. इन सभी घटनाओं को देखकर उन्हें लगा कि इसके खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है. फिर उन्होंने अपना काम शुरू कर दिया. पांचवीं तक पढ़ीं अंजली महिला संघर्ष स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं. कुछ दिनों तक जेएसएलपीएस के लिए भी कार्य किया.

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तीन बाल विवाह रोकने में मिली कामयाबी
नुक्कड़ नाटक और बैठकों के जरिये ग्रामीणों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करने वाली अंजली पिछले दो साल से ब्रेकथ्रू से जुड़ कर काम कर रही हैं. इसमें पिताजी का उन्हें पूरा सहयोग मिलता है. अब तक उन्हें तीन बाल विवाह रोकने में कामयाबी मिली है. कहती हैं कि बाल विवाह पर रोक से ज्यादा जरूरी है, लोग इतने जागरूक हो जायें कि ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न ही न हों. कोई भी मासूम बाल विवाह की भेंट नहीं चढ़े, यही उनका मकसद है.