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  • Oct 18 2016 10:28AM

आरटीआइ के बाद अब आरटीएस

आम लोगों को सेवाओं का अधिकार मिलने की योजना के तहत झारखंड में भी राइट टू सर्विस एक्ट यानी समयबद्ध सेवा का अधिकार अधिनियम लागू हो चुका है. इसके लागू हुए लगभग पांच साल गुजर चुके हैं, लेकिन अब भी इसका सीमित उपयोग हो रहा है. जबकि जरूरत, इस बात की है कि सरकारी तंत्र को कसने के लिए और उन्हें अपनी जिम्मेवारी का अहसास कराने के लिए इसका अधिक व्यापक पैमाने पर उपयोग हो, जिससे सिस्टम में सुधार हो. 
 
बहुत हद तक आरटीआइ यानी सूचना के अधिकार कानून की तरह. हम-आप में से ज्यादातर लोग अखबारों में अक्सर पढ़ते हैं कि आरटीआइ लगाने के साथ कैसे सरकारी तंत्र सक्रिय हुआ और बाबू ने आपका या समाज से संबंधित लटके काम को त्वरित गति से अंजाम तक पहुंचा दिया है. सेवा के अधिकार के विभिन्न उपखंडों की बारीकी को जानना-समझना आवश्यक है.
 
झारखंड में 30 अगस्त 2011 को झारखंड राज्य सेवा की गारंटी अधिनियम पारित हुआ और 15 नवंबर 2011 को झारखंड में इस अधिनियम को लागू किया गया़ लोगों को सेवाओं का अधिकार समय सीमा में मिले, इसके लिए इस अधिनियम की जरूरत आन पड़ी थी़ सामान्य तौर पर अधिकारियों या कर्मचारियों की कोई जवाबदेही तय नहीं हाेने के कारण कामों को बेवजह लटका देना आसान होता था और लटकाने का मुख्य कारण लोगों को बिचौलियों का सहारा लेना या रिश्वत देने को मजबूर होना माना जाता था लेकिन इस नये कानून के आ जाने से अब प्रशासन के लिए हरेक काम की प्रक्रिया और समय अवधि निर्धारित हो गयी है़
 
कानून के दायरे में 198 तरह की सेवाएं
 
झारखंड में सेवा देने की गांरटी अधिनियम के अधीन लगातार कई विभागों की सेवाएं आ रही हैं. जहां पहले 18 विभागों की लगभग 54 सेवाएं तय समय पर देने का प्रस्ताव रखा गया था, वहीं अब इसकी संख्या बढ़ कर 198 हो गयी है. इस अधिनियम के तहत छात्रवृत्ति, आवासीय, जाति और आय प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जनवितरण लाइसेंस, नये राशन कार्ड, नयी दुकान के लिए लाइसेंस, पुलिस सत्यापन प्रतिवेदन, शहरी क्षेत्र में होल्डिंग नंबर के लिए आवेदन देना शामिल है.
 
झारखंड सरकार ने झारखंड राज्य सेवा देने की गांरटी अधिनियम के तहत अपनी वेबसाइट में इस अधिनियम के तहत सेवाओं का विस्तार से जिक्र किया है़ हिंदी और अंग्रेजी में मौजूद इस साइट में विभागों और विभाग के अधीन लायी गयी सेवाओं का उल्लेख है़
 
आइये जानते हैं विभिन्न विभाग और उनकी सेवाओं पर किस तरह सेवा की गारंटी अधिनियम लागू होता है : खाद की खुदरा दुकान के लिए एक माह में मिलेगा लाइसेंस
 
क्रॉसर : कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग
 
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के तहत 11 सेवाओं को समयबद्ध सेवा अधिकार अधिनियम के अधीन रखा गया है, जिसमें उर्वरक का थोक विक्रय, उर्वरक का विनिर्माण, कीटनाशक दवाइयां, बीज की थोक बिक्री आदि शामिल है. उर्वरक के थोक विक्रय के लिए नामित अधिकारी राज्य सरकार के कृषि निदेशक हैं और इससे संबंधित सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए 30 दिन यानी एक माह का समयसीमा निर्धारित है़ यानी आप आवश्यकता पड़ने पर या उक्त सेवा में व्यवधान होने पर कृषि निदेशक के पास अपील कर सकते हैं. 
 
उसी तरह, उर्वरक का विनिर्माण, कीटनाशक दवाइयों का थोक विक्रय व विनिर्माण और बीज का थोक विक्रय के लिए एक महीने की समय सीमा है और कृषि निदेशक ही इसके नामित अधिकारी है़ं 
 
इसके अलावा कीटनाशक की खुदरा दुकान और खाद की खुदरा दुकान के लिए भी एक महीना का समयसीमा निर्धारित है और इसके नामित अधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी हैं. 
 
वहीं, ठेका मजूदर अधिनियम के अंतर्गत अनुज्ञप्ति का नवीकरण और संशाेधन के लिए एक महीना का समय सीमा निर्धारित है और इसके नामित पदाधिकारी श्रम अधीक्षक हैं.
 
बीज की खुदरा दुकान की सेवाओं के लिए अनुमंडल कृषि पदाधिकारी नामित अधिकारी हैं और इसके लिए भी एक महीना का समय सीमा निर्धािरत है. जबकि माप-तौल उपकरणों का सत्यापन एवं मुहरांकन के लिए लीगल मेट्रोलॉजी के इंस्पेक्टर नामित पदाधिकारी हैं और इसके लिए भी 30 दिन का समय सीमा निर्धारित है.
 
दो महीने में राशन कार्ड के आवेदन पर करना होगा फैसला
 
क्रॉसर : खाद्य, सार्वजनिक वितरण उपभोक्ता विभागखाद्य, सार्वजनिक वितरण उपभोक्ता विभाग के तहत तीन सेवाओं को इसके अधीन रखा गया है. इसमें जनवितरण प्रणाली दुकान का लाइसेंस निर्गत करने के लिए एक महीना की समयसीमा निर्धारित है और इसके लिए नामित पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी हैं. वहीं पीडीएस दुकान का लाइसेंस यानी लाइसेंस निलंबित होने पर निलंबन मुक्ति या रद्द करने के निर्णय के लिए तीन महीने का समयसीमा निर्धारित की गयी है और इसके लिए भी नामित पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी हैं. जबकि नये राशन कार्ड के आवेदन पर निर्णय के लिए दो महीने का समयसीमा निर्धारित की गयी है और इसके भी नामित पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी हैं.
 
महज 15 दिन में पायें जाति व आवासीय प्रमाण पत्र
 
क्राॅसर : कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग
 
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की चार तरह की सेवाएं सेवा के अधिकार कानून के दायरे में आती हैं. इसमें क्षेत्रीय कर्मचारियों की अनुशंसा के साथ प्राप्त आवेदन पर आवासीय और जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गयी है और इसके नामित अधिकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी यानी बीडीओ या सर्किल ऑफिसर यानी सीओ हैं. 
 
यानी अगर आप अपनी पंचायत के संबंधित कर्मचारी से अनुशंसा करा कर जाति व अावासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते हैं, तो वह आपको 15 दिनों में अवश्य प्राप्त होना चाहिए. वहीं आवासीय और जाति प्रमाण पत्र का आवेदन सीधे आने पर एक महीना की समय सीमा निर्धारित है और इसके नामित पदाधिकारी सर्किल ऑफिसर यानी सीओ हैं.
 
मात्र 30 दिन में मिलेगी छात्रवृत्ति
 
क्रासर : शिक्षा विभाग
 
शिक्षा विभाग के तहत विद्यालय, महाविद्यालय, तकनीकी शिक्षण संस्थान से छात्रवृत्ति के लिए आवेदनों की स्वीकृति के लिए तीस दिन या फंड की स्वीकृत्ति मिलने तक की समय सीमा निर्धारित की गयी है. इसके लिए नामित अधिकारी हेडमास्टर, प्राचार्य व संस्थान के मुख्य पदाधिकारी हैं.
 
15 दिन के अंदर लगेगा आपका बिजली मीटर
 
क्रॉसर : ऊर्जा विभाग
 
ऊर्जा विभाग के तहत 35 तरह की सेवाओं को अधिनियम के अधीन रखा गया है. इसके तहत इएचटी सेवा के विद्युत संयोजन शुल्क, आवेदन शुल्क, सुरक्षित जमा, एकरारनामा के निष्पादन के लिए 15 कार्य दिवसों की नोटिस को जारी करने के लिए 20 दिनों का समयसीमा निर्धारित की गयी है और इसके लिए जनरल मैनेजर सह मुख्य अभियंता को नामित पदाधिकारी बनाया गया है. इएचटी सेवा के वितरण लाइन, सर्विस लाइन, मीटर या अन्य सामाग्रियों को लगाने के लिए एवं निरीक्षण के लिए 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गयी है. इएचटी सेवा के विद्युत संयोजन के आवेदन प्राप्ति पर निरीक्षण के नोटिस को जारी करने के लिए पांच दिनों की समयसीमा निर्धारण की गयी है. वहीं शहरी क्षेत्र के लाइन या केबल ब्रेक डाउन के लिए छह घंटे की समयसीमा निर्धारित है. इसके नामित पदाधिकारी सहायक अभियंता हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 36 घंटे का समय सीमा निर्धारित है. आप तय समय में सेवा नहीं मिलने पर सहायक अभियंता के पास अपील कर सकते हैं.
 
दो महीने में पाइए आरा मशीन का लाइसेंस
 
क्रॉसर : वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
 
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से संबंधित 15 सेवाएं इसके अधीन हैं. जिसमें आरा मशीन के लाइसेंस जारी करने की समय सीमा दो महीना निर्धारित है और इसके लिए नामित पदाधिकारी जिला वन पदाधिकारी हैं. वहीं गैर वन भूमि के लिए पेड़ कटायी और परमिट का लाइसेंस 41 दिनों के अंदर मिलना चाहिए और इसके भी नामित पदाधिकारी जिला वन पदाधिकारी हैं. जबकि वन भूमि के तहत कटाई के पेड़ अौर उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के परमिट के लिए 41 दिनों की ही समय सीमा निर्धारित है और इसके नामित पदाधिकारी मुख्य वन संरक्षक हैं.
 
स्वास्थ्य विभाग 48 घंटे में देगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
 
क्रॉसर : स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग: 
 
स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की 13 सेवाएं इसके अधीन हैं. इसके तहत दवा का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए 30 दिनों की समयसीमा निर्धारित है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट निर्गत करने के लिए मेडिकल कॉलेज से विभिन्न स्थानों या मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए तीन दिन की समयसीमा निर्धारित है और इसके नामित पदाधिकारी डॉक्टर इनचार्ज हैं. दूसरी ओर 48 दिनों के अंदर जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र देने की समयसीमा निर्धारित की गयी है.
 
21 दिन में लें होटल का लाइसेंस, नहीं तो करें शिकायत
 
क्राॅसर : उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग
 
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग से संबंधित पांच तरह की सेवाएं सेवा के अधिकार कानून के दायरे में आती हैं. जिसमें होटल, बार, रेस्त्रां और क्लब की स्थापना के लिए लाइसेंस की समय सीमा 21 दिनों के अंदर निर्गत करना निर्धारित किया गया है. इसके नामित पदाधिकारी संबंधित जिले के उपायुक्त हैं.
 
आपकी नौकरी लगी तो सात दिन में होगा वेरिफिकेशन
क्राॅसर : गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग
 
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित चार सेवाएं इसके अधीन आती हैं. इसके तहत सात दिनों के अंदर चरित्र प्रमाण पत्र हेतु पुलिस सत्यापन प्रतिवेदन यानी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, पासपोर्टनिर्गत करने, हथियार लाइसेंस निर्गत करने और किसी नौकरी में नियुक्ति हेतु पुलिस सत्यापन प्रतिवेदन की अवधि निर्धारित की गयी है.
 
32 दिन में श्रम विभाग देगा लाइसेंस
 
क्रॉसर : श्रम, नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग
 
श्रम, नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग से संबंधित 32 सेवाएं इसके अधीन हैं. इसमें अतंरराज्यीय प्रवासी मजदूर नियोजन अधिनियम, कारखाना अधिनियम के अंतगर्त लाइसेंस का नवीकरण, संशोधन व अनुमोदन, ठेकेदारों को लाइसेंस निर्गत, निबंधन और संशोधन तथा बीड़ी एवं सिगार कामगारों को लाइसेंस की सेवाएं मुख्य हैं.
 
दस दिन में होगा ठेकेदार का निंबधन
 
क्रॉसर : भवन निर्माण विभाग
 
इसके तहत रांची से संबंधित तीन सेवाएं इसके अधीन हैं. जिसमें भवन निर्माण के लिए ठेकेदार के निबंधन, नवीकरण और संशोधन के लिए दस दिन की समयसीमा निर्धारित है.
 
टैक्स से संबंधित सेवाएं एक दिन से 60 दिन में
 
क्रॉसर : वाणिज्य कर विभाग
 
इससे संबंधित नौ सेवाएं हैं. जिसमे केंद्रीय बिक्री कर, मनोरंजन कर, वैट वापसी, विज्ञापन कर, होटल विलासित कर मुख्य हैं. इसमे एक दिन से दो महीने का समय सीमा निर्धारित है.
 
ईंट भट्ठे का लाइसेंस एक माह में मिलेगा
 
क्रॉसर : खनन विभाग
 
इससे संबंधित तीन सेवाएं इसके अधीन हैं. ईट भट्ठे की लाइसेंस निर्गत करना, रद्द करना या निलंबन मुक्ति पर निर्णय देना और गिट्टी बनाने की लाइसेंस देने की सेवाओं के लिए एक महीना की समयसीमा निर्धारित की गयी है.
 
आपका ड्राइविंग लाइसेंस 10 दिन में बन जायेगा स्मार्ट
 
क्रॉसर : परिवहन विभाग
 
परिवहन विभाग के तहत 21 सेवाओं को रखा गया है. इसमें ड्राइविंग लाइसेंस का स्मार्ट कार्ड में रूपांतरण के लिए दस दिनों की समयसीमा निर्धारित की गयी है और इसके नामित पदाधिकारी जिला परिवहन पदाधिकारी हैं. इसके अलावा निबंधन प्रमाण पत्र का नवीकरण के लिए एक सप्ताह की समयसीमा निर्धारित की गयी है. वाहनों के निबंधन का रद्दीकरण और अस्थायी निबंधन के लिए क्रमश: एक माह और एक सप्ताह का समयसीमा निर्धारित की गयी है.
 
गांव में एक सप्ताह में मिलेग वाटर कनेक्शन
 
क्रॉसर : पेयजल एवं स्वच्छता विभाग
 
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से संबंधित सेवाएं भी सेवा के अधिकार कानून के दायरे में रखी गयी हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति कनेक्शन के लिए एक सप्ताह का समयसीमा निर्धारित है और सहायक अभियंता इसके नामित पदाधिकारी हैं.
 
शहरी क्षेत्र की 20 सेवाएं आरटीएस के दायरे में
 
क्रॉसर : शहरी विकास मंत्रालय
 
शहरी क्षेत्र से संबंधित 20 सेवाओं को इसके अधीन रखा गया है. इसमें गंदी नाली, गली व सड़क की सफाई की शिकायत का निस्तार, चापाकल मरम्मत, शहरी क्षेत्र के तहत जन्म प्रमाण पत्र, वाटर कनेक्शन, होटल-रेस्टोरेंट के लाइसेंस का निर्गत करना व नवीकरण करना मुख्य है. शहरी क्षेत्र में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सात दिन में मिलना चाहिए. चापानल की मरम्मत सात दिन के अंदर होना चाहिए, जबकि वाटर कनेक्शन 30 दिन में मिलना चाहिए.
 
सामाजिक सुरक्षा से संबंधित पेंशन 21 दिन में होगा स्वीकृत
 
क्रॉसर : महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग
 
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग से संबंधित दो सेवाएं इसके अधीन हैं. इसके तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन की स्वीकृति से संबंधित आवेदनों का निष्पादन के लिए 21 दिनों का समयसीमा निर्धारित है और बीडीओ, सीओ और अनुमंडल पदाधिकारी इसके नामित अधिकारी हैं.
 
ये विभाग भी हैं सेवा के अधिकार कानून के दायरे में
 
योजना सह वित्त विभाग के तहत सात सेवाओं को रखा गया है. राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभग से संबंधित विभाग के तहत ग्यारह सेवाओं को इसके अधीन रखा गया है. इसके तहत दाखिल खारिज वादों का निष्पादन, लैंड पोजेशन और सर्टिफिकेट का निर्गमन समेत अन्य सेवाएं हैं.
 
बॉटम:
 
झारखंड राज्य सरकारी सेवा अधिनियम 2011 राज्य में साढ़े चार वर्ष से लागू है. इसक तहत सरकारी दफ्तरों में विभन्न कार्यों के लिए समयसीमा निर्धारित की गयी है.
 
नोट 1 : समीर जी, अरिंदम जी से दो इलेस्ट्रेशन बनवाना होगा : एक कवर पेज के लिए और एक आमुख कथा के लिए. कवर पेज का इलेस्ट्रेशन सेवाओं का कोलाज हो सकता है और आमुख कथा का इलेस्ट्रेशन जादू की छड़ी थीम पर किसी आदमी के हाथ में एक छड़ी हो सकती है, जिस पर आरटीएस लिखा हो और उसे घूमा कर विभिन्न प्रकार की सेवाएं व व्यवस्स्था दुरुस्त करा रहा हो.
नोट 2 : समीर जी, विभिन्न सेवाएं के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए आप वेबसाइट ..... देखें.