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  • Oct 17 2018 2:41PM

सौर ऊर्जा से सुदूरवर्ती गांवों में फैल रहा उजाला

सौर ऊर्जा से सुदूरवर्ती गांवों में फैल रहा उजाला

निरंजन कुमार, निदेशक ज्रेडा

सौर ऊर्जा की दूधिया रोशनी से गांव रोशन हो रहे हैं. लंबे अरसे तक रात के घूप अंधेरे में रहने को विवश गांवों में अब बिजली से उजाला फैल रहा है. खासकर वैसे सुदूरवर्ती गांव, जहां बिजली पहुंचाना काफी मुश्किल था, उन इलाकों में ज्रेडा (झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध करा रहा है. इससे ग्रामीणों में काफी उत्साह है.

सौर ऊर्जा का कमाल
आजादी के करीब छह दशक बाद तक जिन इलाकों में बिजली नहीं पहुंच सकी थी, जहां लालटेन और टॉर्च ही रोशनी का जरिया था. वैसे दुर्गम क्षेत्रों को चिह्नित किया गया. इन्हें प्राथमिकता देते हुए मिनी ग्रिड से बिजली दी गयी. ऐसे 245 गांवों के 16 हजार घरों को रोशन किया गया. ये गांव-घर सोलर लाइट से जगमग हो गये हैं. अब अन्य 85 गांवों को मिनी ग्रिड से बिजली देने के लिए चिह्नित किया गया है. ज्रेडा की ओर से 31 दिसंबर, 2018 तक इन गांवों में बिजली उपलब्ध करा देने का लक्ष्य रखकर कार्य किया जा रहा है.

सोलर पंप से सिंचाई करना हुआ आसान
किसानों के लिए सिंचाई की अच्छी व्यवस्था नहीं थी. बिजली की आंखमिचौली के कारण सिंचाई में किसानों को काफी परेशानी होती थी. अब सोलर पंप के जरिये सिंचाई कार्य आसानी से किसान कर ले रहे हैं. राज्य में 467 किसानों को 90 फीसदी तक सब्सिडी पर सोलर पंप दिया गया है. बिजली खपत कम कर बचत करने के लिहाज से भी सौर ऊर्जा बेहतर विकल्प साबित हो रहा है. स्वरोजगार की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. राज्य के छह सबसे पिछड़े जिलों के किसानों के बीच जल्द दो हजार सोलर पंप का वितरण किया जायेगा. इनमें खूंटी, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, पाकुड़ एवं साहेबगंज शामिल है. 80-85 फीसदी सब्सिडी पर सोलर पंप सेट मिलेगा.

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सोलर लाइट से चकाचक हैं सरकारी भवन
झारखंड में 522 सरकारी भवनों में सोलर लाइट लगी हुई है. इनमें कस्तूरबा गांधी विद्यालय समेत अन्य स्कूल शामिल हैं. 2885 पंचायत भवनों में भी सोलर लाइट की सुविधा है. 259 ब्लॉक में सोलर लाइट लगायी गयी है, ताकि दैनिक कार्य भी आसानी से हो सके.

सरकारी भवनों में लगेंगे सोलर रुफ टॉप
मार्च 2019 तक झारखंड के 800 सरकारी भवनों में सोलर रुफ टॉप लगाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं. पांच मेगावाट का सोलर रुफ टॉप लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जायेगा. सोलर रुफ टॉप पर घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 50 फीसदी सब्सिडी दी जाती है. इसमें बिजली विभाग द्वारा तय किये गये लोड तक सब्सिडी देने का प्रावधान है. 1600 रुपये की सोलर लालटेन पर एक हजार की सब्सिडी है यानी अक्षय ऊर्जा शॉप से आप छह सौ रुपये में लालटेन ले सकेंगे.

सोलर रुफ टॉप वाला कोर्ट
झारखंड का खूंटी सिविल कोर्ट देश का पहला सोलर रुफ टॉप वाला सिविल कोर्ट है. इसके साथ ही साहिबगंज, गढ़वा और सिमडेगा सिविल कोर्ट में भी सोलर रुफ टॉप के जरिए एसी, ट्यूबलाइट, बल्ब, पंखा, प्रिंटर, जेरॉक्स, फैक्स समेत अन्य कई दैनिक कार्य किये जा रहे हैं. राज्य के सात अन्य सिविल कोर्ट भी जल्द सौर ऊर्जा से रोशन होंगे. रामगढ़, कोडरमा व चतरा समेत अन्य सिविल कोर्ट में सोलर रुफ टॉप लगाने का कार्य किया जा रहा है.