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  • Dec 19 2017 1:26PM

संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ता झारखंड

संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ता झारखंड
डॉ मनीष रंजन
उपायुक्त, खूंटी
 
15 नवंबर, 2017 को झारखंड राज्य 18वें वर्ष में प्रवेश कर गया. राज्य के तरूणावस्था से वयस्क होना एक ऐतिहासिक पल है. यह पल उन संकल्पों को सिद्ध करने का है, जिन संकल्पों की प्राप्ति के लिए लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहूति देकर राज्य के सुनहरे भविष्य की बुनियाद नयी पीढ़ी को दे दी थी. हम चाहे जहां रहते हों, वो गांव हो या शहर या कस्बा, हम सभी को मिल कर भगवान बिरसा मुंडा की इस पावन धरती को नये झारखंड बनाने की जिम्मेवारी लेनी है. 
 
नये झारखंड के संकल्प का वास्तविक अर्थ है स्वच्छ झारखंड, सुरक्षित झारखंड और समृद्ध झारखंड. साथ ही वैसा झारखंड, जो समाज के अंतिम पंक्ति तक खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान सुनिश्चित करता हो. जहां अमीरी और गरीबी की खायी मिटती नजर आती हो. नये झारखंड का निर्माण राज्य के सभी लोगों के प्रयास से ही संभव है. समाज ने हमें बहुत कुछ दिया है. अब समय है कि हम अपने संकल्प एवं मेहनत से समाज को बेहतर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित करें. समाज अमीरों को नहीं, बल्कि उनलोगों को लंबे समय तक याद रखता है, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से समाज को बेहतर बनाने में अपने को समर्पित किया है. इस संकल्प को धरातल पर उतारने का यही सर्वोत्तम समय है. वक्त दोबारा लौट कर नहीं आता है. हम जहां भी हैं और जैसे भी हैं, वहीं से ही नये झारखंड के निर्माण में योगदान कर सकते हैं. मंजिल पाने के इस रास्ते में कई कठिनाइयां आ सकती है. लेकिन, अगर हम अपनी पूरी शक्ति संकल्प की सिद्धि में झोंक दें, तो नये झारखंड का निर्माण एक वास्तविकता बन सकती है. मैंने इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक कब्रिस्तान में लिखा देखा था कि यही वह स्थान है, जहां जिंदगी की सभी समस्याएं खत्म हो जाती है. यह शब्द बहुत प्रेरणादायक है. यदि हम समस्याओं से जूझ रहे हो, तो ईश्वर को धन्यवाद दें कि आपने मेरी क्षमता पर विश्वास कर हमारी जिंदगी में समस्याएं दी है, तो समस्याओं से लड़ना एवं उन पर विजय प्राप्त करना ही जिंदगी का दूसरा नाम है. 
 
नये झारखंड बनाने के लिए हमें कठिन संकल्प भी लेने होंगे. लोगों को एकजुट करना होगा. गांव की गरीब जनता को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करना होगा. किसानों के बंपर उत्पादन को लैम्पस तक ले जाकर उनके खाते में धान का उचित मूल्य 72 घंटे के अंदर उनके बैंक खाते में बिना बिचौलियों के माध्यम से जमा कराने से होगा. गांवों को खुले में शौच से मुक्त करें. सड़क पर यातायात के नियमों का पालन कर खुद एवं अन्य की सुरक्षा सुनिश्चित करें. एलइडी बल्ब का उपयोग कर ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दें. किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए उन्हें कृषि से जोड़ते हुए अन्य व्यवसायों से जोड़ कर जोहार योजना से लाभ पहुंचायें. गांव की उद्यमशील एवं मेहनतकश महिलाओं की सखी मंडल को रोजगार से जोड़ कर आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनायें. 14 से 24 वर्ष की बालिकाओं की हाथों में हुनर एवं कौशल प्रदान कर तेजस्विनी योजना से जोड़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योगों के स्थानीय कलस्टर बनाने पर जोर देने से होगा. 
 
राज्य सरकार नये झारखंड के निर्माण के लिए दृढ़संकल्पित है. राज्य के बजट निर्माण में पारदर्शिता लाने के लिए बजट पूर्वी संगोष्ठी का आयोजन किया गया है, जिसमें आमजनों के सुझावों को राज्य बजट में समाहित करने की योजना है. करीब दो लाख स्थानीय लोगों को नियुक्ति देकर विकास को नयी गति प्रदान की गयी है. 13 नये पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं 32 डिग्री कॉलेज (13 सामान्य एवं 19 बीएड कॉलेज) की स्थापना, उज्ज्वला योजना से 20 लाख बीपीएल परिवारों को जोड़ कर प्रदूषित धुएं से मुक्ति प्रदान की गयी है. किसानों को कृषि, पशुपालन, बागवानी एवं मत्स्य पालन से जोड़ कर नये झारखंड का निर्माण किया जा रहा है. आदिवासी विकास समिति एवं ग्राम विकास समिति को जागरूक किया जा रहा है. 11 हजार परिवारों को अंबेडकर आवास योजना से जोड़ गया है. 
 
2022 तक सभी घरों में पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास के तहत करीब 65 हजार युवक-युवतियों को प्रशिक्षण, सरकारी विद्यालयों के 10 हजार बच्चों के लिए गिफ्ट मिल्क की व्यवस्था, मुख्यमंत्री शिक्षा ऋण योजना के तहत 7.5 लाख विद्यार्थियों के शिक्षा की पूरी गारंटी राज्य सरकार द्वारा प्रदान करना, आदिम जनजाति के व्यक्तियों के लिए दो प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान तथा टाना भगतों के विकास के लिए 10 करोड़ की राशि का प्रावधान राज्य के समेकित विकास के संकल्प को स्पष्ट रूप से दर्शाता है. राज्य सरकार के गंभीर प्रयास का ही नतीजा है कि राज्य की आर्थिक स्थिति 8.6 की दर प्रगति को दर्शाता है. इस सपने को धरातल पर उतारने के लिए हमें तीन आयाम प्रयास, निष्ठा एवं सफलता पर विशेष ध्यान देना होगा.