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  • Nov 2 2018 4:26PM

कौशल विकास से युवाओं को मिलती नयी उड़ान

कौशल विकास से युवाओं को मिलती नयी उड़ान

 हुनर है, तो कदर है. सचमुच आज के इस तकनीकी युग में हाथ में हुनर होना जरूरी है. हुनरमंद युवाओं की हर जगह मांग है. यही वजह है कि झारखंड की रघुवर सरकार ने युवाओं के कौशल विकास पर काफी जोर दिया है. बाजार के अनुसार युवाओं के कौशल का विकास पर उन्हें रोजगार से जोड़ कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी काम कर रही है. हुनर के संग, जीवन में रंग भरने को लेकर सोसाइटी द्वारा विश्वस्तरीय कौशल विकास की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है. झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी के सीइओ अमर झा से पंचायतनामा ने कौशल विकास पर विस्तृत बातचीत की है. पेश है बातचीत का मुख्य अंश

सवाल : कौशल विकास पर सरकार का काफी जोर है. इसके पीछे की सोच क्या है.
जवाब : कौशल विकास पर पहले भी जोर था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में रघुवर सरकार ने इस पर ज्यादा जोर दिया है. सरकार का उद्देश्य है सबका साथ, सबका विकास. इस कड़ी में युवा सबसे महत्वपूर्ण अंग है और युवाओं के लिए शिक्षा सबसे अहम है. इसके साथ ही उनके लिए सबसे जरूरी रोजगार है. आज सिर्फ शिक्षा महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि रोजगारपरक शिक्षा सबकी जरूरत है. कहते हैं कि हुनर है, तो कदर है. ऐसे में युवाओं को हुनरमंद बनाना जरूरी है. इसके लिए उनके कौशल विकास पर सरकार जोर दे रही है, ताकि युवाओं को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके.

सवाल : राज्य में किस आयु वर्ग के युवक-युवतियों का कौशल विकास किया जा रहा है.
जवाब : कौशल विकास की प्राथमिकता में युवक-युवतियां हैं. झारखंड के 18-35 आयु वर्ग के युवक-युवतियां अपनी रुचि के ट्रेड में हुनरमंद बन सकते हैं. इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पांचवीं पास है. ट्रेड के अनुसार शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गयी है. राज्य में 29 सेक्टर के 115 ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

सवाल : शहरी या ग्रामीण किस क्षेत्र को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है.
जवाब : कौशल विकास को लेकर सरकार दोनों क्षेत्रों पर बराबर ध्यान दे रही है. रांची, जमशेदपुर, बोकारो, हजारीबाग पर ज्यादा फोकस है. वैसे सभी जिलों में युवाओं को हुनरमंद बनाने पर जोर दिया जा रहा है. प्रशिक्षण बिल्कुल मुफ्त है. आवासीय व गैर आवासीय सुविधा है. भोजन, ड्रेस और आवास की व्यवस्था पूरी तरह नि:शुल्क है. अभ्यर्थी सुविधा और रुचि के अनुसार अपने जिले या राज्य के किसी भी जिले से नि:शुल्क प्रशिक्षण ले सकते हैं.

सवाल : कौशल विकास को लेकर प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं की क्या स्थिति है. राज्य में कितने कौशल विकास केंद्र हैं.
जवाब : केंद्र और राज्य सरकार के मानक के अनुरुप केंद्रों में क्लास रूम और आवास समेत प्रयोगशाला व कार्यशाला की सुविधा है. एक क्लास में अधिकतम 30 बच्चे होते हैं. एक बच्चे के लिए 10 स्क्वायर फीट जगह होती है यानी एक क्लास रूम 300 स्क्वायर फीट का होता है. इसी तरह आवासीय व्यवस्था के तहत एक बच्चे के लिए 25 स्क्वायर फीट की जगह होती है. ट्रेड के अनुसार प्रयोगशाला और कार्यशाला की जगह निर्धारित है. झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी द्वारा राज्यभर में 134 कौशल विकास केंद्र संचालित किये जा रहे हैं.

सवाल : कौन सा कोर्स अभ्यर्थियों को सर्वाधिक पसंद है.
जवाब : युवक-युवतियों को 12-14 सेक्टर खूब लुभा रहे हैं. वस्त्र उद्योग, ऑटोमोबाइल्स, प्लंबिंग, सिक्योरिटी, आइटी आइटीइएस, इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थ केयर, ब्यूटी वेलनेस एवं कॉल सेंटर एक्जीक्यूटिव समेत अन्य का प्रशिक्षण ले रहे हैं.

सवाल : बाजार में किस ट्रेड के युवाओं की अधिक मांग है.
जवाब : हुनरमंद युवाओं की झारखंड और अन्य राज्यों में काफी मांग है. कुछ ट्रेड ऐसे हैं, जिनमें प्रशिक्षण के बाद अभ्यर्थियों को अच्छी सैलरी मिलती है. इनमें से एक है इंस्ट्रूमेंटेशन ऑटोमेशन सर्विलेंस एंड कंट्रोल. राज्य में इसके प्रशिक्षण केंद्र हैं. इसके लिए 10वीं पास होना जरूरी है. खनन उद्योग और आइरन एंड स्टील उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण युवाओं के करियर को नया आयाम दे सकते हैं. जल्द ही इसके तीन-चार केंद्र शुरू किये जायेंगे.

सवाल : झारखंड के कितने युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया.
जवाब : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 27 दिसंबर 2016 को सक्षम झारखंड कौशल विकास योजना की शुरुआत की थी. अब तक कौशल विकास से करीब 63 हजार युवक-युवतियां जुड़ चुके हैं. करीब 38 हजार को पूर्ण प्रशिक्षण दिया जा चुका है. सबसे खास है कि 26 हजार युवाओं को रोजगार दे दिया गया है. फिलहाल करीब 20 हजार अभ्यर्थी विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण ले रहे हैं.

सवाल : झारखंड के हुनरमंद युवाओं की देश में कहां-कहां मांग है.
जवाब : झारखंड के हुनरमंद युवाओं की देश के कई राज्यों में मांग है. 88 फीसदी युवाओं को राज्य से बाहर रोजगार दिया गया है. 12 फीसदी हुनरमंदों को झारखंड में ही रोजगार दिया गया है. कपड़ा उद्योग से जुड़े हुनरमंदों की दक्षिण भारत के राज्यों में काफी मांग है. दिल्ली समेत उत्तर भारत के राज्यों में ऑटोमोबाइल्स और कॉल सेंटर समेत अन्य ट्रेड के युवक-युवतियों की मांग होती है.

सवाल : कौशल विकास पर सरकार कितनी राशि खर्च कर रही है.
जवाब : युवाओं का कौशल विकास सरकार की प्राथमिकता में है. इसके लिए सरकार पर्याप्त पैसे दे रही है. अब तक करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं.

सवाल : हुनरमंद युवाओं की प्रतिभा निखार कर उन्हें बेहतर मंच देने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है.
जवाब : 2019 में रुस के कजान में वर्ल्ड स्किल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना है. इसके लिए देश के विभिन्न राज्यों में कई स्तरों पर प्रतियोगिता हुई. झारखंड में भी जिला, राज्य और फिर रिजनल स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित की गई. झारखंड से दो युवा देश का प्रतिनिधित्व करेंगे. इनमें कार पेंटिंग में बोकारो के प्रकाश शर्मा हैं और ऑटो बॉडी रिपेयर में रांची के सज्जाद अंसारी चयनित हुए हैं.

सवाल : कौशल विकास को लेकर फिलहाल किस दिशा में कार्य किया जा रहा है.
जवाब : विश्वस्तरीय कौशल विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है. इसके तहत इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (आईटीइ) सिंगापुर के साथ समझौता हुआ है. इसके ट्रेनर झारखंड आकर अर्बन हाट की बिल्डिंग में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर तैयार करेंगे, जो झारखंड के युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे. मैकेट्रॉनिक्स, फैसिलिटिज इंजीनियरिंग, हॉस्पिटलिटी ऑपरेशन और रिटेल का प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रतिवर्ष 720 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया जायेगा.

सवाल : अभ्यर्थियों को प्री प्लेसमेंट दिया जाता है.
जवाब : हुनरमंद अभ्यर्थियों को रोजगार देना हमारा लक्ष्य है. इसके लिए प्री प्लेसमेंट की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है. ऐसे में युवाओं के लिए सुनहरा मौका है. वह झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी से जुड़ कर अपने कौशल से जिंदगी को नयी उड़ान दें.

सवाल : राष्ट्रीय युवा दिवस पर रोजगार देने की क्या योजना है.
जवाब : 12 जनवरी 2019 को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस को रघुवर सरकार का एक लाख युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य है. इसके लिए तेजी से काम किया जा रहा है. हुनर से अपनी जिंदगी बदलना चाहते हैं, वैसे युवा जल्द से जल्द अपने कौशल का विकास करने के लिए झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी से संपर्क करें.

सवाल : विस्तृत जानकारी के लिए युवा कहां संपर्क कर सकते हैं.
जवाब : जो युवक-युवती हुनरमंद बनकर अपनी जिंदगी बदलना चाहते हैं. वह विस्तृत जानकारी के लिए डोरंडा के श्रम भवन स्थित झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी या इसके कॉल सेंटर में 18001233444 पर संपर्क किया जा सकता है. आप हुनर के पोर्टल (hunar.jharkhand.gov.in) पर भी जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.