yojana

  • Jan 27 2017 6:53AM

कैशलेस व पेपरलेस से झारखंड बनेगा करप्शनलेस

कैशलेस व पेपरलेस से झारखंड बनेगा करप्शनलेस

कैशलेस राज्य बनाने की पहल शुरू

नोटबंदी के बाद सभी को कैशलेस से युक्त करने की मुहिम शुरू हो गयी है. इसी कड़ी में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी राज्य को कैशलेस राज्य बनाने संबंधी अभियान शुरू की है. राजधानी रांची के नगड़ी प्रखंड में सीएम ने उद्घाटन कर कैशलेस झारखंड अभियान की शुरुआत की है. 

राज्य सरकार भी डिजिटल इंडिया और कैशलेस इंडिया के सपने को साकार करने के लिए झारखंड मंत्रालय के पांच विभागों को इस वर्ष कैशलेस और वर्ष 2017 तक सभी विभागों को पेपरलेस करेगी. डिजिटल झारखंड बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने पिछले कई दिनों से कवायद शुरू हो गयी है और इसी का परिणाम है कि बीपीएल परिवारों को पीओएस के माध्यम से अनाज का वितरण हो रहा है. इस प्रणाली के लागू होने से राज्य को 700 करोड़ का फायदा हुआ है. राज्य सरकार कैशलेस झारखंड अभियान के लिए राज्य के सभी कर्मियों को प्रशिक्षण भी देगी. इस अभियान को अमली जामा पहनाने के उद्देश्य से 25 दिसंबर तक प्रत्येक जिले के एक-एक प्रखंड को कैशलेस प्रखंड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों तक इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए चार हजार प्रज्ञा केंद्र और 4402 पंचायत सचिवालय का उपयोग किया जायेगा. 

किसका मिलेगा सहयोग 

इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए पीडीएस, पुलिसकर्मी, ग्रामीण कार्यकर्ता, हाईस्कूल व विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं और गैर सरकारी संगठनों का सहयोग लिया जायेगा. इसके अलावा श्रम विभाग की ओर से कैंप लगाकर असंगठित क्षेत्र के 20 हजार श्रमिकों का बैंक अकाउंट खोला जायेगा. खाद्य आपूर्ति विभाग ने 1200 पेट्रोल पंप डीलर के यहां स्वैप मशीन लगायी है. 20 हजार पीडीएस दुकानों में इ-पोस मशीन लगायी गयी है. 

कौन-कौन बनेंगे मास्टर ट्रेनर 

कैशलेस झारखंड के सपने को साकार करने के लिए कई विभाग का सहयोग लिया जायेगा. इसके तहत समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत 40 हजार सेविका, करीब सात हजार पोषण सखी, स्वास्थ्य विभाग में भी 40 हजार सहिया व एएनएम, 50 हजार सखी मंडल की सदस्य, एक हजार सरकारी स्कूलों, उच्च विद्यालयों व उच्च एवं तकनीकी विभाग के करीब पांच लाख युवा इस अभियान से जुड़कर मास्टर ट्रेनर बनेंगे.

अब आपकी हथेली में होगा बैंक : राजबाला

मुख्य सचिव राजबाला वर्मा कहती हैं कि मोबाइल को बैंक का स्वरूप प्रदान करने के लिए अब आपकी हथेली में ही बैंक होगा. इस महायज्ञ में हम सभी की सहभागिता और सक्रियता जरूरी है. डिजिटल और कैशलेस झारखंड के लिए जन आंदोलन शुरू हो गया है. मुख्य सचिव कहती हैं कि कैशलेस प्रणाली को पूरे राज्य में करने के लिए और 137 बैंक की शाखाएं खुलेंगी. बैंक प्रबंधन बैंक मित्रों को सक्रिय करें, जरूरत हो तो और बैंक मित्र बनायें और अभियान को मजबूती प्रदान करें. वहीं कैशलेस अभियान को मजबूती देने के लिए 264 प्रखंडों में नोडल पदाधिकारी बनाये जा रहे हैं. साथ ही सभी जिलों और विभागों में नोडल पदाधिकारी बनाये जायेंगे.

मेरा मोबाइल, मेरा बटुआ को दें बढ़ावा : अमित खरे

राज्य के विकास आयुक्त अमित खरे ने कहा कि राज्य सरकार ने हमेशा से चुनौती को स्वीकार करते हुए मिसाल कायम किया है. कैशलेस झारखंड के लिए भी हम मिसाल कायम करेंगे. 

मुद्रा योजना के तहत हमने 100 करोड़ का लोन एक लाख लोगों को देकर मिसाल कायम की है. अब भ्रष्टाचार और कालाधन पर लगाम लगेगा. अब नकद लेकर चलने की जरूरत नहीं है. विकास आयुक्त कहते हैं कि पहले चेक, फिर एटीएम और अब मोबाइल बैंकिंग अपनाने की अपील. मैसेज भेजने की तरह आप पैसे का आदान-प्रदान बड़ी आसानी से कर सकते हैं. अगर भुगतान कैशलेस होगा तो भ्रष्टाचार रूकेगा. एक नयी पहल का शुभारंभ राज्य में हो रहा है. 

डिजिटल गांव बनने की ओर अग्रसर गढ़वा का मेराल गांव : सूद

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक अजीत सूद ने कहा कि राज्य डिजिटल और कैशलेस झारखंड की ओर कदम बढ़ा चुका है. यातायात, परिवहन, ऊर्जा विभाग तथा केंद्र सरकार के उपक्रम सीसीएल, बीसीसीएल, एचइसी उसी प्लेटफार्म पर काम कर रहे हैं. हम राज्य सरकार के साथ डिजिटल और कैशलेस झारखंड बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं. अजीत सूद कहते हैं कि एसबीआइ गढ़वा स्थित मेराल गांव को डिजिटल गांव बनाने के लिए कार्य कर रहा है. वहीं पश्चिमी सिंहभूम के हरतोपा और हरलौंग गांव को भी डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनाया जा रहा है

कैशलेस राज्य बनाने में सभी का सहयोग जरूरी : सीएम

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड को देश का पहला राज्य बनाना है, जो कैशलेस होगा. इसके लिए सभी को मिल कर काम करने की जरूरत है. यह देश सेवा है. सभी अपनी भूमिका ईमानदारीपूर्वक निभायें, तो बदलाव लाया जा सकता है. कालाधन निकालने के लिए सरकार ने जो योजना घोषित की है, उसका लाभ गरीबों को मिलेगा. इन पैसों से गरीबों के कल्याण की योजनाएं चलायी जायेंगी. कैशलेस अर्थव्यवस्था बनने से भ्रष्टाचार और बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी. वहीं राज्य में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को वित्तीय वर्ष 2017-18 से बोरे में बंद 35 किलो अनाज मिलेंगे. उन बोरो का निर्माण राज्य के गरीब युवक-युवतियों से कराया जायेग. उन्हें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण मिलेगा. इससे राज्य में रोजगार का सृजन भी होगा.

सालबनी से सेल्फी विद हेलमेट अभियान शुरू

पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला नेशनल हाइवे संख्या-33 पर मुख्यालय से 34 किलोमीटर दूर स्थित है सालबनी गांव. इस गांव की चर्चा इसलिए होने लगी क्योंकि ग्रामीणों में हेलमेट पहनने की प्रवृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेल्फी विद हेलमेट जागरूकता अभियानक की शुरुआत हुई. 

वहीं जो ग्रामीण वाहन चलाते वक्त हेलमेट का उपयोग करते हैं उन्हें सम्मानित किया गया जबकि बिना हेलमेट वालों को हेलमेट दिया गया. ग्राम प्रधान सुधीर कुमार गिरि की अगुवाई में पूरे गांव में जागरूकता अभियान चलाया गया. साथ ही सड़क सुरक्षा की दृष्टि से इस अभियान को सोशल मीडिया पर भी सेल्फी विद हेलमेट के तहत हेलमेट के साथ सेल्फी पोस्ट करें और हर युवा अपने दोस्तों को भी वाहन चलाते वक्त हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें.

जागरूकता का अनोखा तरीका

तीन सौ की आबादी वाले सालबनी गांव में करीब 50 दोपहिया वाहन हैं. 36 लोगों के घरों में हेलमेट मिला जबकि 14 घर ऐसे पाये गये जहां बिना हेलमेट के लोग वाहन चलाते हैं. वाहन चालते के लिए हेलमेट का उपयोग करने वाले ग्रामीणों को जहां सम्मानित किया गया, वहीं बिना हेलमेट वाले लोगों को हेलमेट देकर यातायात नियमों का पालन करने की बातें कही.