yojana

  • Jan 27 2017 8:18AM

अभी दूर है पूर्ण कैशलेस की डगर

अभी दूर है पूर्ण कैशलेस की डगर
घोषणा तो हुई, पर कैशलेस नहीं हो सकीं दुगदा पंचायतें
उदय िगरि
फुसरो नगर : बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड की दुगदा पश्चिमी एवं दक्षिणी पंचायत और पूर्वी सिंहभूम जिले की कसिदा एवं धरमबहाल पंचायत को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 20 दिसंबर को कैशलेस पंचायत बनाने की घोषणा की. वीडियो क्रान्फ्रेसिंग के जरिये मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दोनों जिलों के उपायुक्त सहित सभी चारों पंचायतों के मुखिया को बधाई देते हुए अपने आस-पास की पंचायतों को भी कैशलेस पंचायत बनाने के िलए प्रेरित करने की अपील की है. साथ ही मुख्यमंत्री ने इन चारों पंचायतों को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक लाख रुपये पंचायत के विकास के लिए देने संबंधी घोषण भी की. लेकिन, ठीक इसके उलट चंद्रपुरा प्रखंड की दुगदा पश्चिमी व दक्षिणी पंचायत की हकीकत कुछ और ही है. इन दोनों पंचायतों में कैशलेस की जमीनी हकीकत को नजदीक से देखा जाये तो अब भी पूर्ण कैशलेस पंचायत नहीं बन सकी है. इसके लिए पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीणों से कहीं अधिक बैंक व सरकारी पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. 
 
पंचायत को पूर्ण कैशलेस बनाने से पूर्व जिन आहर्ताओं को पूरा िकया जाना चाहिए थी, उनमें आज भी ढेरों खामियां हैं. बैंकों की स्थिलता तो इसका सबसे बड़ा कारण है. विनोबा भावे विश्वविद्यालय से पहुंची टीम ने भी दोनों पंचायातों में सर्वे कर इसे कैशलेस पंचायत घोषित करने की हामी भर दी. विश्वविद्यालय टीम की रिपोर्ट के बाद ही मुखिया द्वारा पंचायतों को कैशलेस बनाये जाने का आवेदन दिया गया. दुकानों को ई-पाॅस मशीन उपलब्ध हुई कि नहीं इसकी पड़ताल नहीं की गयी. जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वो इस सेवा का लाभ कैसे लेंगे, इस पर विचार नहीं हुआ. लोगों में कैशलेस के लिए पूरी तरह जागरूकता आयी है कि नहीं है इस पर भी काम नहीं हुआ. नतीजतन, जिन दुकानों में कैशलेस की सुविधा है भी, वहां भी लोग जागरूकता के अभाव में इसका उपयोग नहीं करना चाहते. 
 
ई-पॉस, एसबीआइ वडी, पेटीएम की सुविधा वाली दुकानों में भी कैशलेस की रफ्तार तेज नहीं है. हालांकि इस सेवा का उपयोग करने वाले कुछ लोग इसे जरूर बेहतर सेवा बता रहे हैं, लेकिन जिन ग्राहकों के पास अब भी स्मार्ट फोन व जिन दुकानों के पास ई-पॉस मशीन नहीं है, वह केवल नगदी से ही लेनदेन करते हैं. सरकार की घोषणा के बाद एक दिसंबर से ही बोकारो उपायुक्त से लेकर सारे पदाधिकारी लगातार इसके लिए मॉनिटरिंग करते रहे. अंतत: 20 दिसंबर को दोनों पंचायतों को कैशलेस पंचायत मुख्यमंत्री द्वारा वीडीओ क्रांफेंसिंग के माध्यम से घोषित किया गया.
 
डोर-टू-डोर सर्वे की बात
 
दुगदा दक्षिणी एवं पश्चिमी पंचायत को कैशलेस पंचायत बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वयं सेवकों की टीम ने डोर-टू-डोर सर्वे किया था. इस दौरान पांच सदस्यीय बीस टोली में प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर लोगों से बैंक खाता, एटीएम कार्ड का विवरण लिया. लोगों से पेटीएम, ई-पॉस मशीन, आधार कार्ड से लिंक करने व लेन-देन की जानकारी भी ली गयी थी. 
 
वहीं दुगदा पश्चिमी पंचायत सचिवालय को मॉनिटरिंग कैंप बनाया गया था. अभियान में डीआरडीए डायरेक्टर संदीप कुमार, डीडीसी रामलखन प्रसाद गुप्ता, एसडीएम चास शशि रंजन, एसडीएम बेरमो कुलदीप चौधरी, भू-अर्जन पदाधिकारी मेनका, एलडीएम संजय कुमार सिंह, जिला योजना पदाधिकारी शिव शंकर प्रसाद, जिला योजना पदाधिकारी बीपीएन सिंह, चंद्रपुरा बीडीओ मनोज कुमार सहित जिले के कई वरीय पदाधिकारी शामिल थे.विनोवा भावे विश्वविद्यालय की टीम द्वारा सर्वे कर दी गयी रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा मुखिया के लिखित आवेदन पर कैशलेस पंचायत घोषित किया गया था. 
 
141 दुकानों में से 135 दुकानों के पास ई-पॉस मशीन नहीं 
 
दुगदा पश्चिमी पंचायत की कुल आबादी 3500 है. कुल 695 घर है. जिसमें से लगभग 600 घरों में स्मार्टफोन की सुविधा है. वहीं इस पंचायत में 141 दुकानें है, लेकिन इसमें से मात्र छह दुकानों में ही अब तक ई-पास मशीन लगा है. 135 दुकानों में अब भी ई-पॉस मशीन की सुविधा नहीं है. 82 दुकानों ने ई-पास मशीन के लिये आवेदन दे रखा है, लेकिन बैंक बीते 10 दिनों में उन्हें अब तक मशीन उपलब्ध नहीं करा सका है. हालांकि सभी दुकानों में एम-वॉडी व पेटीएम की सुविधा उपलब्ध है. ऐसे में स्मार्ट फोन उपभोक्ता तो एम-वॉडी व पेटीएम के माध्यम से खरीदारी कर सकते हैं, लेकिन बगैर स्मार्ट फोन वाले उपभोक्ता एटीएम कार्ड से ई-पॉस मशीन के अभाव में खरीदारी आज भी नहीं कर पा रहे हैं.
 
बोकारो जिले के चंद्रपुरा की दुगदा पश्चिमी व दक्षिणी और पूर्वी सिंहभूम जिले की कसिदा एवं धरमबहाल पंचायतों को कैशलेस करने की घोषणा 
मुख्यमंत्री ने चारों पंचायतों को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक लाख रुपये देने की घोषण की दुगदा पश्चिमी व दक्षिणी पंचायत की कुल 167 दुकानों में से मात्र 18 दुकानदारों को ही ई-पाॅस मशीनें बैंक ने करायी है उपलब्ध दक्षिणी पंचायत में 660 घर हैं, जिनमें 183 घरों में ही स्मार्टफोन उपलब्ध जिन दुकानों में ई-पॉस, एसबीआइ वडी, पेटीएम की सुविधा है, वहां भी कैशलेस की रफ्तार तेज नहीं 477 घरों में स्मार्टफोन नहीं, 22 दुकानों को नहीं मिली अब भी ई पॉस मशीन
 
दुगदा दक्षिणी पंचायत के आंकड़ें बताते हैं कि यहां कि कुल आबादी 4872 है.  660 घर है. जिनमें 183 घरों में ही स्मार्ट फोन की व्यवस्था है. यानी 477 घर आज भी स्मार्ट फोन से दूर है. 477 घरों के ऐसे परिवार जब कैशलेस खरीदारी के लिये दुकान पहुंचते हैं, तो स्मार्ट मोबाइल की कमी के कारण वो पेटीएम व एम- वॉडी का इश्तेमाल नहीं कर पाते हैं. नतीजतन उन्हें तत्काल नगदी लेनदेन करनी पड़ती है.
 
प्रत्येक घर के कम से कम एक परिवार के पास एटीएम है. ऐसी स्थिति में वो ई-पॉस मशीन से दुकानों में एटीएम कार्ड का उपयोग कर कैशलेस खरीदारी कर सकते थे, लेकिन पंचायत की 26 दुकानों में केवल चार के पास ही ई-पॉस मशीन की सुविधा है. शेष 22 दुकानों ने एसबीआइ व बीओआइ को मशीन के लिये आवेदन दे रखा है. बावजूद इसके, मशीन अब तक उपलब्ध नहीं कराया जा सका है. बैंक मशीन जल्द उपलब्ध कराने का केवल आश्वासन देता आ रहा है. ऐसे में कैशलेस का यह अभियान बैंक की उदासीनता के कारण पूरा नहीं हो सका है. हालांकि इन 22 दुकानों में पेटीएम व एम- वाडी की सुविधा स्मार्ट फोन के जरिये उपलब्ध है, लेकिन 477 घरों में स्मार्ट फोन नहीं है, इसलिये कैशलेस खरीदारी उनके लिये सार्थक नहीं हो रही है.
 
सुबह से शाम तक कैशलेस की मुहिम : रेणु व संतोष
 
दुगदा पश्चिमी पंचायत की मुखिया रेणु देवी और दक्षिणी पंचायत के मुखिया संतोष पांडेय पिछले कई दिनों से अपनी-अपनी पंचायतों को कैशलेस बनाने की मुहिम में जुटे हैं. दोनों पंचायत में कुल 167 दुकानों से मात्र 18 को ही ई-पॉस मशीन बैंक उपलब्ध करा  सका है. 
 
स्मार्टफोन वाले ग्राहकों को परेशानी खरीदारी में नहीं हो रही है. दोनों मुखिया कहते हैं कि दोनों  पंचायत कैशलेस हो चुकी हैं. सभी लोगों को एटीएम की सुविधा प्रदान करा दी गयी  है. जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वो कुछ दुकानों में ई-पॉस मशीन के अभाव  में अपना एटीएम कार्ड का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. बैंकों द्वारा जल्द ही उन दुकानों को  मशीन उपलब्ध करायी. कहते हैं, सुबह से शाम तक अब भी इस मुहिम में लगे हुए हैं. दोनों मुखिया के मुताबिक, जिन परेशानियों की बात हो रही है, उनका जल्द ही समाधान हो जायेगा.