yojana

  • Oct 25 2017 1:07PM

रांची के नगड़ी से डीबीटी पायलट परियोजना की शुरुआत, अनाज के बदले नकद देकर लोगों का पेट भरने की कोशिश

रांची के नगड़ी से डीबीटी पायलट परियोजना की शुरुआत, अनाज के बदले नकद देकर लोगों का पेट भरने की कोशिश

पंचायतनामा डेस्क

राजधानी रांची के नगड़ी प्रखंड से अनाज के बदले नकद ट्रांसफर की व्यवस्था यानी डीबीटी पायलट परियोजना की शुरुआत की गयी. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न राशि का अग्रिम प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की शुरुआत की. इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के लाभुकों के खाते में नकद राशि भेजने का प्रावधान है. इस राशि से लाभुक राशन की दुकान से बाजार दर पर अनाज ले सकते हैं. अब गरीब के खाते में 31.60 रुपये प्रति किलो की दर से 35 किलो अनाज के लिए 1106 रुपये जमा हो जायेंगे. 

लाभुक स्वयं पीडीएस दुकानदार के पास जाकर इस राशि से खरीदारी कर सकेंगे. इससे उन्हें पूरा राशन मिल सकेगा. लाभुकों के खाते में पहले माह की राशि स्थानांतरित की जा रही है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नगड़ी प्रखंड के चोंगो देवी, नवरी देवी, सुरैत देवी, समशुन निशा व राजकुमारी देवी को डीबीटी के तहत अग्रिम चेक प्रदान किया. मुख्यमंत्री ने डीबीटी का लाभ महिलाओं के नाम पर देने का सुझाव दिया. इससे पैसों का सही उपयोग हो सकेगा. इसके साथ ही महिला सशक्तीकरण को भी बल मिलेगा. 

क्या है प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण 

डीबीटी व्यवस्था केंद्र सरकार का एक नया तंत्र है, जिसके माध्यम से लाभुकों के बैंक खातों में सीधे सब्सिडी की राशि भेज दी जाती है. इसके तहत यह उम्मीद की जाती है कि बैंक खातों में सब्सिडी की राशि जमा करने से लीकेज, देरी व अन्य कमियां खत्म हो जायेंगी. झारखंड में भी खाद्यान्न वितरण योजनाओं में डीबीटी व्यवस्था की शुरुआत की गयी है. अब जन वितरण प्रणाली से राशन नहीं देकर लाभुकों को उनके बैंक खाते में राशि भेजी जायेगी. 

कैसे मिलेगा लाभ 

अनाज के बदले नकद देने की इस व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के लाभुकों के खाते में 31.60 रुपये प्रति किलो अनाज की दर से राशि भेजी जायेगी. वर्तमान में कार्डधारी को एक रुपये प्रति किलो अनाज की दर से राशन दुकान से अनाज मिलता है. खाते में जमा की गयी कुल राशि, खाद्य सुरक्षा कानून के तहत परिवार को हर महीने दिये जाने वाले अनाज के अनुसार होगी. अगर कोई परिवार राशन दुकान से लगातार दो महीने तक अनाज नहीं खरीदता है, तो उसके खाते में भेजी गयी राशि वापस ले ली जायेगी यानी सब्सिडी की राशि वापस ले ली जायेगी. 

गरीबों के खाते में सीधे पहुंचेगी राशि : रघुवर दास
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का प्रयास है कि गरीबों की हरसंभव मदद की जाये. उन्हें पूरी राशि मिले. इसके लिए गरीबों के खाते में सीधे राशि हस्तांतरण करने की व्यवस्था शुरू की गयी है. तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. इसके नतीजे भी दिखने लगे हैं. एक साल में गरीबों के हक के 225 करोड़ रुपये बिचैलियों के पास जाने से बचे हैं. उन्होंने कहा कि जन वितरण प्रणाली की व्यवस्था बिचैलिया से मुक्त होगा. गरीबों को अनाज का पैसा अब उनके खाते में सीधे भेजा जायेगा. राज्य में 2022 तक बीपीएल कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि गरीब अपने पैरों पर खड़े जायेंगे.