yojana

  • Oct 19 2016 12:50PM

हमारी योजना, हमारा विकास

हमारी योजना, हमारा विकास
सशक्त ग्राम सभा-समर्थ ग्राम पंचायत अभियान
पंचायतों में स्थानीय स्वशासन को सशक्त, प्रभावी बनाने एवं लोक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर पंचायत के सभी राजस्व गांवों में दो दिवसीय ग्राम सभा आयोजित करना है. यह आयोजन 19 अक्तूबर से 31 अक्तूबर 2016 के बीच होना है. इसमें सभी ग्राम पंचायतों का दीर्घकालिक और तीन वर्षीय (2017-20) कार्ययोजना बनाये जायेंगे. 
 
उद्देश्य 
 
अपने गांव के ग्राम सभा में अधिक से अधिक लोगों को भाग लेने के लिए प्रेरित करना और अपने गांव के विकास में भागीदार बनना. इसके तहत खाद्य सुरक्षा, सामाजिक मुद्दे, पेयजल एवं स्वच्छता, कृषि, भूमि विकास एवं लघु सिंचाई, पशुपालन, स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा एवं कौशल विकास, आजीविका, वन एवं पर्यावरण, ऊर्जा (गैर पांरपरिक ऊर्जा के स्त्रोत), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास एवं आधारभूत संरचना, महिला एवं शिशु कल्याण मामलों पर कार्ययोजना बनानी है.
 
कहां करें संपर्क 
 
सशक्त ग्राम सभा- समर्थ ग्राम पंचायत विषय पर अधिक जानकारी के लिए अपने जिला के जिला पंचायती राज पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. 
 
हर महीने ग्राम सभा नहीं होने पर
 
पंचायतनामा डेस्क
 
स शक्त ग्राम सभा, सक्षम पंचायत की अवधारणा को धरातल पर उतारने को लेकर राज्य सरकार कृतसंकल्प है. दो अक्तूबर को गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड स्थित गगारी पंचायत के खटंगा गांव में अायोजित विशेष ग्राम सभा में शिरकत की. गगारी पंचायत में ग्राम स्वराज से सुराज की स्थापना पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने सशक्त ग्राम सभा, सक्षम पंचायत कार्यक्रम का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने समारोह में उपस्थित पंचायत जनप्रतिनिधियों समेत पूरे राज्य के पंचायत प्रतिनिधियों के लिए कई दिशा-निर्देश भी दिये. 
 
 मुख्यमत्री रघुवर दास ने कहा कि पंचायतों में हर माह ग्राम सभा आयोजित होनी चाहिए. देश के विकास में पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है इसलिये पंचायतों को सशक्त करने के बाद ही गांव के विकास की परिकल्पना का साकार किया जा सकता है.
 
सभी पंचायतों में हर महीने ग्राम सभा का आयोजन हो ताकि पंचायत के हर नागरिक यह जान सके कि उनके गांव में कौन-सी योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है और किन योजनाओं की जरूरत है. योजनाएं अगले 15 वर्षों की जरूरत को रखकर तैयार की जाये तथा प्रत्येक पंचायत अगले तीन साल की कार्ययोजना तैयार करे. शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये ग्राम स्तर पर बनी समितियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी पंचायतों में शून्य ड्रॉप आउट हो. इसके लिए गांव में ही कार्यक्रम आयोजित करें तथा बच्चियों को शिक्षित बनायें. 
 
नशामुक्त पंचायत बनाना प्राथमिकता
 
सांसद आदर्श ग्राम महिलोंग में भी विशेष ग्राम सभा का आयोजन हुआ. इस दौरान पंचायत को नशामुक्त बनाने के लिए रैली निकाली गयी. साथ ही सामाजिक कार्यों के तहत फुटबॉल मैच का आयोजन हुआ. विशेष ग्राम सभा में कई एजेंडों पर क्रमवार चर्चा हुई. वहीं खुले में शौच से मुक्त गांव और नशामुक्त गांव बनाने पर विशेष जोर दिया गया.
 
मुखिया सुजाता मिंज ने पंचायत के विकास में सभी से सहयोग की अपील की. मुखिया कहती हैं, जब तक योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को सही तरीके से नहीं होगी, तब तक पंचायतों का विकास नहीं हो सकता, इस कारण ग्रामीणों को हर ग्राम सभा में उपस्थित होना जरूरी है. झारखंड फाउंडेशन के निदेशक डॉ विष्णु राजगढ़िया ने सांसद आदर्श ग्राम योजना में ऐसे कई आयोजनों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी. 
महिला एवं प्रौढ़ साक्षरता पर जोर
 
पाथरकुआं पंचायत में ग्राम सभा का अायोजन हुआ. चार रेवन्यू वाले इस गांव में खुले में शौच से मुक्त के लिए जल्द ओडीएफ होना है. जनजाति बहुल इस पंचायत में कई समस्या आज भी विद्यमान है, जो ग्राम सभा में चर्चा का विषय बना. महिला और प्रौढ़ साक्षरता दर बढ़ाने पर जोर दिया गया. वहीं स्थायी समिति गठित पर विशेष बल दिया गया. 
 
पंचायत की महिला मुखिया अनिता गोराई का मानना है कि इस पंचायत में सबसे ज्यादा समस्या पीने के पानी की है. 11 टोला और करीब छह हजार की आबादी वाले इस पंचायत के विकास के लिए रोड मैप बनाने पर भी चर्चा हुई. पंचायत सचिवालय में आयोजित ग्राम सभा में महिलाओं की उपस्थिति काफी कम देखी गयी. कारण तीन गांवों के बीच और गांव से दूर पंचायत सचिवालय का होना. प्रज्ञा केंद्र के संचालक अभिजीत दास ग्राम सभा के आयोजन को लेकर काफी उत्साहित दिखे. अभिजीत कहते हैं कि ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए ग्राम सभा में आना जरूरी है ताकि वो भी जान सके कि हमारे पंचायत क्षेत्र के लिए कौन-कौन सी योजनाएं है, जिसका लाभ ग्रामीण उठा सके.
 
राज्य सरकार की अनूठी पहल
 
सशक्त ग्राम सभा, सक्षम पंचायत राज्य सरकार की एक अनूठी पहल है तथा इसका मकसद है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पंचायत के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक कैसे पहुंचाया जाय. कहते हैं, योजना बनाओ अभियान के सकारात्मक परिणाम मिले हैं तथा गांव की जरूरत के हिसाब से काम हो इसके लिये यह जरूरी है कि पंचायतों को सशक्त किया जाए. ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त आयोग से करीब 80 लाख से लेकर 1.25 करोड़ की राशि प्राप्त होनी है और पंचायतों को ही योजनाएं तैयार कर उसके क्रियान्वयन की रूपरेखा तय करनी है. इसलिये सभी पंचायतों को अपनी जवाबदेही समझनी होगी. 
 
अमित खरे, अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त, झारखंड
 
तीन साल के लिए बने रोड मैप
 
सशक्त ग्राम सभा, सक्षम पंचायत के तहत कुंभरलातो पंचायत सचिवालय में ग्राम सभा का आयोजन हुआ. ग्राम सभा में जहां आगामी तीन वर्षों के लिए रोड मैप बनाने पर जोर दिया गया, वहीं पंचायत प्लानिंग के लिए टीम भी गठित हुई. इसके तहत तीन स्वयं सेवकों और तीन वार्ड सदस्यों का चयन हुआ है. 13 गांव, 4200 मतदाता और तकरीबन 1300 परिवार वाले कुंभरलातो पंचायत को स्वच्छ व सशक्त पंचायत बनाने की ओर मुखिया सुभाष कुमार प्रयासरत हैं. 
 
मुखिया सुभाष कुमार के मुताबिक, ग्राम सभा में जहां तीन दिवसीय ग्राम पंचायत पर चर्चा हुई, वहीं बेरोजगार नवयुवकों को कम लागत पर काम के तरीके बताये गये. इस ग्राम सभा में पीरटांड प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी बैद्यनाथ उरांव समेत पंचायत जनप्रतिनिधि व स्थानीय जनता काफी संख्या में उपस्थित थे. 
पंचायत- कुंभरलातो
प्रखंड- पीरटांड
जिला- गिरिडीह